दीपकम् अध्याय 4 वयं शब्दार्थान् जानीमः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
वयं शब्दार्थान् जानीमः — पृष्ठ 52–53 दत्तानां सर्वेषां शब्दानाम् अर्थान् लिखन्तु ।
उत्तर

पुस्तक की सारणी में चार स्तम्भ हैं — शब्दः (पाठ का शब्द), अर्थः (उसी का संस्कृत पर्याय), हिन्दी और English। पाँचवाँ स्तम्भ खाली छोड़ा गया है — ‘मातृभाषया अर्थं लिखन्तु’।

1. सर्वनाम तथा क्रियापदानि (पृष्ठ 52) —

शब्दःअर्थः (संस्कृतपर्यायः)हिन्दीEnglish
मममदीयम्मेरा / मेरीMy / Mine
नामअभिधानम्नामName
अहम्अहम्मैंI
आवाम्आवाम्हम दोनोंWe both
वयम्वयम्हम लोगWe all
त्वम्त्वम्तुमYou
युवाम्युवाम्तुम दोनोंYou both
यूयम्यूयम्तुम लोगYou all
अस्तिवर्ततेहैIs
स्तःवर्तेते(दो) हैं(Both) Are
सन्तिवर्तन्तेहैंAre

2. व्यवसायवाचकाः शब्दाः (पृष्ठ 52) —

शब्दःअर्थः (संस्कृतपर्यायः)हिन्दीEnglish
सैनिकःभटःसैनिकSoldier
तन्त्रज्ञःसङ्गणकज्ञःतन्त्रज्ञComputer Engineer
पत्रकारःवार्ताहरःपत्रकारJournalist
नर्तकीनृत्याङ्गनानर्तकीFemale Dancer
चित्रकारःआलेख्यकारःचित्रकारIllustrator
आरक्षकःआरक्षीआरक्षकPoliceman
चिकित्सिकाचिकित्सिकावैद्याFemale Doctor

3. शेषाः शब्दाः (पृष्ठ 53) —

शब्दःअर्थः (संस्कृतपर्यायः)हिन्दीEnglish
छात्रःविद्यार्थीछात्रStudent
लेखकःलेखनकर्तालेखकWriter
क्रीडकःखेलकःखिलाड़ीPlayer
गायकःगायनःगायकSinger
चालकःचालकःचालकDriver
छात्राविद्यार्थिनीछात्राGirl Student
द्रविणम्वित्तम्धनWealth
‘अर्थः’ वाला स्तम्भ पर्यायवाची सिखाता है: सैनिकः = भटः, पत्रकारः = वार्ताहरः (जो वार्ता = समाचार लाए), आरक्षकः = आरक्षी, नर्तकी = नृत्याङ्गना, अस्ति = वर्तते। परीक्षा में ‘पर्यायपदं लिखत’ पूछा जाए तो उत्तर इसी स्तम्भ से आएगा।
अन्तिम शब्द ‘द्रविणम्’ यहाँ क्यों है ? वह पाठ के चित्रों में नहीं, बल्कि पृष्ठ 53 के श्लोक में आया है — ‘त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव’। इसीलिए उसका अर्थ (धन) सारणी में जोड़ दिया गया है।
प्र2.
मातृभाषया अर्थं लिखन्तु — (सारण्याः अन्तिमः स्तम्भः, पृष्ठ 52–53)
उत्तर

यह अपने हाथ से भरने वाला स्तम्भ है, इसलिए हर विद्यार्थी का उत्तर अलग होगा — जिसकी मातृभाषा हिन्दी है वह हिन्दी में, जिसकी मराठी है वह मराठी में लिखेगा।

करने का ढंग —

  1. पहले हिन्दी और English स्तम्भ पढ़कर शब्द का अर्थ पक्का समझिए।
  2. फिर वही अर्थ अपनी मातृभाषा के रोज़ बोले जाने वाले शब्द में लिखिए — किताबी शब्द ढूँढ़ने की आवश्यकता नहीं।
  3. जहाँ आपकी भाषा में शब्द संस्कृत जैसा ही हो (जैसे ‘नाम’, ‘सैनिक’), वहाँ वही लिख दीजिए और नीचे रेखा खींच दीजिए — इससे पता चलेगा कि आपकी भाषा में संस्कृत के कितने शब्द ज्यों के त्यों चलते हैं।
नमूना उत्तर (कुछ शब्द, चार भाषाओं में):
शब्दःहिन्दीमराठीबाङ्लातमिऴ्
अहम्मैंमीआमिनान्
त्वम्तुमतूतुमिनी
वयम्हम लोगआम्हीआमरानाङ्गळ्
नामनामनावनामपेयर्
सैनिकःसैनिकसैनिकसैनिकवीरन्
छात्रःछात्रविद्यार्थीछात्रमाणवन्
अच्छे उत्तर में यह ज़रूर हो: (1) सारणी के सभी शब्दों का अर्थ भरा हो, कोई खाना छूटा न हो; (2) अर्थ आपकी अपनी भाषा में हो, अंग्रेज़ी की नक़ल नहीं; (3) जो शब्द संस्कृत से ज्यों का त्यों आया हो, उसे चिह्नित किया गया हो।
यह काम मज़ेदार क्यों है: भरने के बाद गिनिए कि कितने शब्द आपकी मातृभाषा में लगभग वैसे ही हैं — नाम, सैनिक, छात्र, चालक, लेखक, चित्रकार, पत्रकार। भारत की अधिकांश भाषाओं की शब्द-सम्पदा संस्कृत से आई है, यही इस स्तम्भ का असली पाठ है।
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