अन्वयः — सूर्यः एकः (अस्ति), चन्द्रः अपि एकः (अस्ति), मानवकुलम् अपि एकम् (अस्ति) । सकले जीविनि ननु द्वे नयने (स्तः), (अतः) सर्वः द्रष्टुं प्रभवति ।
| पद-विच्छेदः | अर्थः |
|---|---|
| चन्द्रोऽप्येकः = चन्द्रः + अपि + एकः | चन्द्रमा भी एक (है) |
| मानवकुलमप्येकम् = मानवकुलम् + अपि + एकम् | मनुष्य-जाति भी एक ही (है) |
| ननु | निश्चय ही, सचमुच (अव्ययम्) |
| जीविनि सकले | हर प्राणी में (सप्तमी एकवचन) |
| प्रभवति द्रष्टुम् | देखने में समर्थ होता है |
हिन्दी अर्थ — सूर्य एक है, चन्द्रमा भी एक ही है, और मनुष्यों का कुल भी एक ही है। हर जीव में सचमुच दो आँखें होती हैं, (इन्हीं से) हर कोई देख पाता है।