प्र1.
वयं शब्दार्थान् जानीमः (पृष्ठ 63) — दत्तानां शब्दानाम् अर्थान् लिखन्तु ।
उत्तर
पृष्ठ 63 की सारणी में आठ शब्द हैं — सब पद्य में आए हुए हैं। संस्कृत पर्याय के साथ हिन्दी और अङ्ग्रेज़ी अर्थ भी दिए गए हैं।
| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी | English | पद्ये कुत्र |
|---|---|---|---|---|
| जीविनि | जीवे | प्राणी में | In the living being | द्वे नयने ननु जीविनि सकले |
| स्रष्टा | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Creator of universe | चतुर्मुखोऽयं जगतः स्रष्टा |
| करकमले | हस्तारविन्दे | कमल जैसे हाथ में | In the lotus like hand | पञ्चाङ्गुलयो मम करकमले |
| विदधति | कुर्वन्ति | करते हैं | Facilitate | लोके विदधति गणनाम् |
| गणनाम् | गणनम् | गिनती | Counting | लोके विदधति गणनाम् |
| सुरसेनानीः | कार्तिकेयः | देवों के सेनापति (कार्तिकेय) | Commander-in-chief of Gods | सुरसेनानीः षण्मुखदेवः |
| पाति | रक्षति | रक्षा करता है | Protects | सततं पात्ययम् अमरगणम् |
| सप्ताहे | दिवससप्तके | सप्ताह में | In a week | सप्त वासराः सप्ताहे ननु |
अन्तिम स्तम्भ ‘मातृभाषया अर्थं लिखन्तु’ आपके लिए ख़ाली है। उसमें अपनी मातृभाषा (हिन्दी, मराठी, बाङ्ला, तमिल, गुजराती — जो भी आपकी हो) में अर्थ लिखिए। हिन्दीभाषी विद्यार्थी ऊपर की ‘हिन्दी’ वाली पंक्ति ही लिख सकते हैं; जैसे — जीविनि = प्राणी में, गणनाम् = गिनती, पाति = रक्षा करता है।
शब्द-रचना पर ध्यान: कर + कमल = करकमलम् (कमल जैसा हाथ — कर्मधारय समास), सुर + सेनानी = सुरसेनानीः (देवों का सेनापति — षष्ठी तत्पुरुष), सप्त + अह = सप्ताहः (सात दिनों का समूह — द्विगु समास)।