कक्षा ६ संस्कृत अध्याय 8 परियोजनाकार्यम् के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
उपरितनानां चित्राणां नामानि वर्णाः च के इति अभिजानन्तु लिखन्तु च । (चित्राणि — पाटलम्, गन्धपुष्पम्, सूर्यकान्तिः, कमलम्, चम्पकः, कर्णोरः, अपराजिता, जपाकुसुमम्, मल्लिका)
उत्तर

पृष्ठ 97 पर नौ फूलों के रंगीन चित्र हैं और हर चित्र के नीचे उसका संस्कृत नाम लिखा है। आपको केवल रंग जोड़ना है। चित्रों में दिखने वाले रंग इस प्रकार हैं —

चित्रम् (संस्कृतम्)हिन्दीचित्रे वर्णःसंस्कृत-वाक्यम्
पाटलम्गुलाबरक्तः (गाढ़ा लाल)पाटलं रक्तवर्णम् अस्ति ।
गन्धपुष्पम्गेंदापीतःगन्धपुष्पं पीतवर्णम् अस्ति ।
सूर्यकान्तिःसूरजमुखीपीतःसूर्यकान्तिः पीतवर्णा अस्ति ।
कमलम्कमलपाटलः (गुलाबी)कमलं पाटलवर्णम् अस्ति ।
चम्पकःचम्पाश्वेतः (मध्ये पीतः)चम्पकः श्वेतवर्णः अस्ति ।
कर्णोरःकनेरपीतःकर्णोरः पीतवर्णः अस्ति ।
अपराजिताअपराजिता (शंखपुष्पी)नीललोहितः / नीलःअपराजिता नीललोहितवर्णा अस्ति ।
जपाकुसुमम्गुड़हलरक्तःजपाकुसुमं रक्तवर्णम् अस्ति ।
मल्लिकाचमेली / मोगराश्वेतःमल्लिका श्वेतवर्णा अस्ति ।
व्याकरण-संकेतः: वाक्य बनाते समय विशेषण को नाम के लिङ्ग से मिलाइए — नपुंसकलिङ्गे ‘पाटलं रक्तवर्णम्’, पुंलिङ्गे ‘चम्पकः श्वेतवर्णः’, स्त्रीलिङ्गे ‘मल्लिका श्वेतवर्णा’। ‘सूर्यकान्तिः’ और ‘अपराजिता’ भी स्त्रीलिङ्ग हैं।
नाम कैसे बने, यह भी देखिए: सूर्यकान्तिः = सूर्य की कान्ति की ओर मुड़ने वाला (सूरजमुखी); अपराजिता = ‘जो पराजित न हो’ — देवी का ही एक नाम; जपाकुसुमम् वही गुड़हल है जो पाठ के संवाद में मनीषा ने पहचाना था। ध्यान दीजिए कि यहाँ ‘पाटलम्’ फूल (गुलाब) के अर्थ में है, जबकि अभ्यास ३ में ‘पाटलवर्णः’ रंग (गुलाबी) के अर्थ में था।
प्र2.
कक्षायां विद्यमानानां १० वस्तूनां नामानि वर्णान् च अभिजानन्तु लिखन्तु च ।
उत्तर

यह आपकी अपनी कक्षा में करने का काम है — इसलिए आपकी सूची इस नमूने से अलग हो सकती है, और होनी भी चाहिए।

कैसे करें —

  1. कक्षा में चारों ओर देखिए और दस वस्तुएँ चुनिए — पट्टिका, द्वार, वातायन, कपाटम् आदि।
  2. हर वस्तु का संस्कृत नाम लिखिए (शिक्षक से पूछ लीजिए या शब्दकोश देखिए)।
  3. अब उसका रंग जोड़कर पूरा वाक्य बनाइए — ‘… वर्णः/वर्णा/वर्णम् अस्ति ।’
  4. ध्यान रखिए कि विशेषण वस्तु के लिङ्ग से मिले।

नमूना उत्तर —

क्रमःवस्तु (संस्कृतम्)हिन्दीवाक्यम्
१श्यामपट्टःश्यामपट्टश्यामपट्टः कृष्णवर्णः अस्ति ।
२खटिकाचॉकखटिका श्वेतवर्णा अस्ति ।
३पुस्तकम्पुस्तकपुस्तकं पीतवर्णम् अस्ति ।
४लेखनीकलमलेखनी नीलवर्णा अस्ति ।
५द्वारम्दरवाज़ाद्वारं कपिलवर्णम् अस्ति । (भूरा)
६वातायनम्खिड़कीवातायनं श्वेतवर्णम् अस्ति ।
७भित्तिःदीवारभित्तिः हरितवर्णा अस्ति ।
८आसन्दःकुर्सीआसन्दः रक्तवर्णः अस्ति ।
९घटीघड़ीघटी कृष्णवर्णा अस्ति ।
१०ध्वजःध्वजध्वजः त्रिवर्णः अस्ति ।
Tip — तीन रूप याद कर लीजिए: पुंलिङ्गे …वर्णः अस्ति, स्त्रीलिङ्गे …वर्णा अस्ति, नपुंसकलिङ्गे …वर्णम् अस्ति। इन्हीं तीन साँचों से आप कक्षा की कोई भी वस्तु संस्कृत में बता सकते हैं — और यही अभ्यास प्रश्न ६ में रंग भरते समय भी काम आया था।
यह कार्य पाठ को पूरा कर देता है: पाठ के आरम्भ में शिक्षक ने कहा था — ‘सर्वे स्वस्य अन्येषां च वस्त्राणां वर्णान् अवलोकयन्तु’। यह परियोजना उसी आदेश को आगे बढ़ाती है: रंग किताब में नहीं, चारों ओर हैं — केवल देखना और नाम देना सीखना है।
क्या यह उपयोगी रहा?