दीपकम् अध्याय 8 सः एव महान् चित्रकारः के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-05
इस अध्याय के बारे में
पाठ का पूरा विषय एक ही शब्द है — ‘वर्णः’ (रंग)। यहाँ ‘वर्ण’ का अर्थ अक्षर नहीं, रंग है। पाठ हरितः, रक्तः, कृष्णः, श्वेतः, नीलः, पीतः, केसरः, पाटलः और नीललोहितः — नौ रंगों के संस्कृत नाम प्रकृति के उदाहरणों से सिखाता है। यह पाठ संवाद-रूप में है। बोलने वाले हैं शिक्षकः तथा पाँच छात्र — श्रद्धा, मेधा, मनीषा, मञ्जुलः और आदित्यः । शिक्षक प्रश्न पूछते हैं, छात्र चारों ओर देखकर उत्तर देते हैं — इसीलिए पूरा पाठ लगभग वैसा ही है जैसा कक्षा में सचमुच बोला जाता है। पाठ का पहला चित्र अमृत-उद्यान का है — राष्ट्रपति भवन के परिसर में स्थित यह उद्यान सौ से अधिक प्रकार के गुलाब और लगभग पाँच हज़ार से अधिक ऋतु-पुष्पों के लिए प्रसिद्ध है। पाठ का प्रारम्भिक अनुच्छेद यही परिचय देता है। व्याकरण की दृष्टि से पाठ ‘तृतीया विभक्ति’ और आदरार्थक क्रियारूपों का अभ्यास कराता है — ‘हरितवर्णेन शोभते’, ‘रक्तवर्णेन युक्तम्’
अभ्यास
- अष्टमः पाठः
- पाठः
- पाठः
- वयं शब्दार्थान् जानीमः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- योग्यताविस्तरः
- योग्यताविस्तरः
- परियोजनाकार्यम्