कक्षा ६ संस्कृत अध्याय 8 सः एव महान् चित्रकारः के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पाठ का पूरा विषय एक ही शब्द है — ‘वर्णः’ (रंग)। यहाँ ‘वर्ण’ का अर्थ अक्षर नहीं, रंग है। पाठ हरितः, रक्तः, कृष्णः, श्वेतः, नीलः, पीतः, केसरः, पाटलः और नीललोहितः — नौ रंगों के संस्कृत नाम प्रकृति के उदाहरणों से सिखाता है। यह पाठ संवाद-रूप में है। बोलने वाले हैं शिक्षकः तथा पाँच छात्र — श्रद्धा, मेधा, मनीषा, मञ्जुलः और आदित्यः । शिक्षक प्रश्न पूछते हैं, छात्र चारों ओर देखकर उत्तर देते हैं — इसीलिए पूरा पाठ लगभग वैसा ही है जैसा कक्षा में सचमुच बोला जाता है। पाठ का पहला चित्र अमृत-उद्यान का है — राष्ट्रपति भवन के परिसर में स्थित यह उद्यान सौ से अधिक प्रकार के गुलाब और लगभग पाँच हज़ार से अधिक ऋतु-पुष्पों के लिए प्रसिद्ध है। पाठ का प्रारम्भिक अनुच्छेद यही परिचय देता है। व्याकरण की दृष्टि से पाठ ‘तृतीया विभक्ति’ और आदरार्थक क्रियारूपों का अभ्यास कराता है — ‘हरितवर्णेन शोभते’, ‘रक्तवर्णेन युक्तम्’
त्वरित पुनरावृत्ति
| वर्णः (संस्कृते) | अर्थः | हिन्दी | पाठे उदाहरणम् |
|---|---|---|---|
| हरितः | हरितवर्णः | हरा | पर्णानि, शुकः, तृणम् |
| रक्तः | रक्तवर्णः | लाल | जपापुष्पम्, शुकस्य चञ्चुः |
| कृष्णः | कृष्णवर्णः | काला | काकः, पिकः, केशाः, महिषः |
| श्वेतः | शुक्लवर्णः / धवलवर्णः | सफ़ेद, श्वेत | हंसः, बकः, शशः, प्रावारकम् |
| नीलः | नीलवर्णः | नीला | आकाशः, शुकस्य पक्षाः, अशोकचक्रम् |
| पीतः | पीतवर्णः | पीला | कदलीफलम्, शुकस्य पक्षाः |
| केसरः | केसरवर्णः | केसरिया | पाटलपुष्पाणि, ध्वजस्य उपरितनः भागः |
| पाटलः | पाटलवर्णः | गुलाबी | पाटलपुष्पम् (गुलाबः), कमलम् |
| नीललोहितम् | नीललोहितः | जामुनी, बैंगनी | मञ्जुलस्य उद्याने पाटलपुष्पाणि |
| चित्रवर्णः | विचित्रवर्णः, कर्बुरः | रंग-बिरंगा | चित्रवर्णाः शुकाः, इन्द्रधनुः |
अभ्यास
- अष्टमः पाठः
- पाठः
- पाठः
- वयं शब्दार्थान् जानीमः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- योग्यताविस्तरः
- योग्यताविस्तरः
- परियोजनाकार्यम्