दीपकम् अध्याय 8 वयं शब्दार्थान् जानीमः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
वयं शब्दार्थान् जानीमः — शब्दः / अर्थः / हिन्दी / English (निसर्गः, हरितानि, पर्णानि, जन्तवः, खगाः, वर्णमयः, शुकः, इष्टवर्णः, काकः, पिकः, जपापुष्पम्, चञ्चुः, रक्तः, नीलः, पीतः, पक्षाः, जन्तुशालायाम्, पाटलपुष्पम्, श्वेतम्, नीललोहितम्, केसरम्, पाटलम्, हंसः, बकः, शशः, प्रावारकम्)
उत्तर

पृष्ठ 92 की पूरी शब्दार्थ-तालिका नीचे दी गई है। यही शब्द अभ्यास के सभी प्रश्नों में काम आते हैं।

शब्दःअर्थः (संस्कृते)हिन्दीEnglish
निसर्गःप्रकृतिःप्रकृतिNature
हरितानिहरितवर्णानिहरे रंग केGreen
पर्णानिपत्राणिपत्तेLeaves
जन्तवःप्राणिनःप्राणीAnimals
खगाःपक्षिणःपक्षीBirds
वर्णमयःवर्णयुक्तःरंगीनColourful
शुकःकीरःतोताParrot
इष्टवर्णःप्रियवर्णःइष्ट रंग, प्रिय रंगFavourite Colour
काकःवायसःकौआCrow
पिकःकोकिलःकोयलCuckoo
जपापुष्पम्जपापुष्पम्गुड़हलHibiscus
चञ्चुःखगतुण्डःचोंचBeak
रक्तःरक्तवर्णःलालRed
नीलःनीलवर्णःनीलाBlue
पीतःपीतवर्णःपीलाYellow
पक्षाःपक्षसमूहःपंखWings
जन्तुशालायाम्जन्तुशालायाम्चिड़ियाघर मेंIn the zoo
पाटलपुष्पम्पाटलपुष्पम्गुलाबRose
श्वेतम्शुक्लवर्णः / धवलवर्णःश्वेत / शुक्लWhite
नीललोहितम्नीललोहितम्जामुनीPurple
केसरम्केसरवर्णःकेसरियाSaffron
पाटलम्पाटलवर्णःगुलाबीPink
हंसःमरालःहंसSwan
बकःबकःबगुलाHeron
शशःशशकःखरगोशRabbit
प्रावारकम्प्रावारःकोटCoat
Tip — दो जोड़े जो अक्सर उलझा देते हैं: जपापुष्पम् (गुड़हल)पाटलपुष्पम् (गुलाब); और काकः (कौआ)पिकः (कोयल) — दोनों काले हैं, पर पिक की बोली मधुर होती है, इसीलिए संस्कृत साहित्य में वसन्त का दूत ‘पिक’ ही कहलाता है।
प्र2.
मातृभाषया अर्थं लिखन्तु — (तालिकायाः अन्तिमः स्तम्भः)
उत्तर

तालिका का अन्तिम स्तम्भ खाली छोड़ा गया है, ताकि हर विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में अर्थ लिख सके। यह किताब में भरने का काम है — यहाँ केवल विधि और नमूना दिया जा रहा है।

कैसे करें —

  1. पहले संस्कृत शब्द पढ़िए, फिर उसका हिन्दी अर्थ देखिए।
  2. अब सोचिए कि आपके घर में उसी वस्तु को क्या कहते हैं — वही शब्द अन्तिम स्तम्भ में लिखिए।
  3. यदि आपकी मातृभाषा हिन्दी ही है, तो अपने क्षेत्र का बोलचाल का शब्द लिखिए (जैसे ‘शशः’ के लिए खरगोश / ससा)।

नमूना उत्तर (कुछ भाषाओं में) —

संस्कृतम्हिन्दीमराठीबाङ्ग्लातमिऴ्
शुकःतोतापोपटটিয়া (टिया)கிளி (किळि)
काकःकौआकावळाকাক (काक)காகம் (कागम्)
हंसःहंसहंसরাজহাঁস (राजहाँस)அன்னம் (अन्नम्)
पाटलपुष्पम्गुलाबगुलाबগোলাপ (गोलाप)ரோஜா (रोजा)
रक्तःलाललाल / तांबडाলাল (लाल)சிவப்பு (शिवप्पु)
यह स्तम्भ रखा ही क्यों गया है ? संस्कृत के अनेक शब्द भारत की सभी भाषाओं में थोड़े-बहुत बदले रूप में जीवित हैं — ‘हंस’ लगभग हर भाषा में ‘हंस’ ही है, ‘गुलाब/गोलाप/रोजा’ में भी समानता दिखती है। अपनी भाषा का शब्द लिखते ही विद्यार्थी को यह पारिवारिक सम्बन्ध स्वयं दिखने लगता है।
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