यहाँ चारों शावकों का परिचय है और यह भी कि राधिका उनकी दिनचर्या तक जानती है।
| संस्कृतम् | हिन्दी अनुवादः |
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| तन्वी आकृत्या सुन्दरी, मृद्वी स्पर्शेन अतीव कोमला । | तन्वी आकृति (रूप) से सुन्दर है, मृद्वी छूने में बहुत कोमल है। |
| शबलः चित्रवर्णः तथा च भीमः किञ्चित् स्थूलः । | शबल रंग-बिरंगा है और भीम कुछ मोटा है। |
| मार्जारी कदा गच्छति, कदा आगच्छति एतत् सर्वम् अपि राधिका जानाति । | बिल्ली कब जाती है, कब आती है — यह सब भी राधिका जानती है। |
| सा मार्जार्यै क्षीरं ददाति । मार्जारी पिबति । | वह बिल्ली को दूध देती है। बिल्ली पीती है। |
| अनन्तरं सा सधन्यवादं राधिकां पश्यति । | उसके बाद वह धन्यवाद के भाव से राधिका को देखती है। |
| किन्तु शावकानां समीपं राधिका गच्छति चेत् मन्दं मन्दं पृष्ठतः आगच्छति । | किन्तु यदि राधिका बच्चों के पास जाती है, तो (बिल्ली) धीरे-धीरे पीछे-पीछे आ जाती है। |
| राधिकां दृष्ट्वा शावकाः भीताः न भवन्ति । | राधिका को देखकर बच्चे डरते नहीं हैं। |
| पितामही राधिकायाः कार्यकलापान् दृष्ट्वा हसति । | दादी राधिका की ये सब हरकतें देखकर हँसती हैं। |