प्र1.
चित्र 10.7 में दर्शाए गए मेंढक के जीवन-चक्र की सभी अवस्थाओं की विशेषताओं का अवलोकन कीजिए। आप दी गई अवस्थाओं (क, ख, ग, घ, ङ, च) का अनुक्रम कैसे सुनिश्चित करेंगे? कुछ अवस्थाएँ अपने आरंभिक और अंतिम आकारों में स्पष्ट परिवर्तन दर्शाती हैं। इन परिवर्तनों को तालिका 10.5 में सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर
अनुक्रम कैसे तय करें: अवस्थाओं को इस आधार पर क्रम में रखिए कि मेंढक का शरीर कितना बन चुका है— सबसे पहले वह जिसमें कोई अंग नहीं, और सबसे अंत में वह जिसमें सब कुछ है।
- जिसमें केवल अंडे हैं, वह सबसे पहले।
- जिसमें अंडों के भीतर काली आकृति बनती दिख रही है, वह उसके बाद।
- फिर पूँछ किंतु पैर नहीं, फिर पूँछ के साथ दो पैर, फिर पूँछ के साथ चार पैर, और अंत में चार पैर और पूँछ नहीं।
- तालिका में छपे संकेत का उपयोग कीजिए: ‘घ' ‘ग' के समान है, किंतु इसके दो पैर होते हैं। अतः ‘ग' ‘घ' से पहले आएगा।
छपे हुए चित्र 10.7 को पढ़कर भरी हुई तालिका 10.5 इस प्रकार होगी—
| क | ख | ग | घ | ङ | च |
|---|---|---|---|---|---|
| तालाब के किनारे तैरता अनेक छोटे काले अंडों का जेली जैसा समूह— यही जलांडक है। कोई अंग अभी नहीं बना। | एक छोटा मेंढक जिसके चार पैर हैं और पूँछ अब भी लगी है। यह सतह के पास तैरता है— मंडूक (फ्रॉगलेट)। | गोल सिर और लंबी पूँछ वाला नन्हा काला जीव, पैर बिल्कुल नहीं— आरंभिक टैडपोल। | यह ‘ग' के समान है, किंतु इसके दो पैर होते हैं। पूँछ और पीछे के पैरों वाला टैडपोल। | जल से बाहर पत्ते पर बैठा हरा-चितकबरा वयस्क मेंढक। चार मजबूत पैर, पूँछ नहीं। | कुछ बड़े पारदर्शी अंडे जिनके भीतर काली कॉमा जैसी आकृति दिखाई देती है— अंडे के भीतर विकसित होता भ्रूण। |
सही अनुक्रम: क → च → ग → घ → ख → ङ
संकेत: दो सबसे सरल सिरे हैं ‘क' (केवल अंडे, अतः पहला) और ‘ङ' (पूर्ण वयस्क, अतः अंतिम)। इन्हें तय कर लीजिए, बीच की चार अवस्थाएँ पैर गिनकर अपने-आप क्रम में आ जाएँगी।