कुतूहल अध्याय 10 क्रियाकलाप 10.6: आइए, विश्लेषण करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
चित्र 10.7 में दर्शाए गए मेंढक के जीवन-चक्र की सभी अवस्थाओं की विशेषताओं का अवलोकन कीजिए। आप दी गई अवस्थाओं (क, ख, ग, घ, ङ, च) का अनुक्रम कैसे सुनिश्चित करेंगे? कुछ अवस्थाएँ अपने आरंभिक और अंतिम आकारों में स्पष्ट परिवर्तन दर्शाती हैं। इन परिवर्तनों को तालिका 10.5 में सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर

अनुक्रम कैसे तय करें: अवस्थाओं को इस आधार पर क्रम में रखिए कि मेंढक का शरीर कितना बन चुका है— सबसे पहले वह जिसमें कोई अंग नहीं, और सबसे अंत में वह जिसमें सब कुछ है।

  1. जिसमें केवल अंडे हैं, वह सबसे पहले।
  2. जिसमें अंडों के भीतर काली आकृति बनती दिख रही है, वह उसके बाद।
  3. फिर पूँछ किंतु पैर नहीं, फिर पूँछ के साथ दो पैर, फिर पूँछ के साथ चार पैर, और अंत में चार पैर और पूँछ नहीं
  4. तालिका में छपे संकेत का उपयोग कीजिए: ‘घ' ‘ग' के समान है, किंतु इसके दो पैर होते हैं। अतः ‘ग' ‘घ' से पहले आएगा।

छपे हुए चित्र 10.7 को पढ़कर भरी हुई तालिका 10.5 इस प्रकार होगी—

तालाब के किनारे तैरता अनेक छोटे काले अंडों का जेली जैसा समूह— यही जलांडक है। कोई अंग अभी नहीं बना। एक छोटा मेंढक जिसके चार पैर हैं और पूँछ अब भी लगी है। यह सतह के पास तैरता है— मंडूक (फ्रॉगलेट) गोल सिर और लंबी पूँछ वाला नन्हा काला जीव, पैर बिल्कुल नहीं— आरंभिक टैडपोल यह ‘ग' के समान है, किंतु इसके दो पैर होते हैं। पूँछ और पीछे के पैरों वाला टैडपोल। जल से बाहर पत्ते पर बैठा हरा-चितकबरा वयस्क मेंढक। चार मजबूत पैर, पूँछ नहीं कुछ बड़े पारदर्शी अंडे जिनके भीतर काली कॉमा जैसी आकृति दिखाई देती है— अंडे के भीतर विकसित होता भ्रूण
सही अनुक्रम:
संकेत: दो सबसे सरल सिरे हैं ‘क' (केवल अंडे, अतः पहला) और ‘ङ' (पूर्ण वयस्क, अतः अंतिम)। इन्हें तय कर लीजिए, बीच की चार अवस्थाएँ पैर गिनकर अपने-आप क्रम में आ जाएँगी।
प्र2.
तालिका 10.5 में सूचीबद्ध अवलोकनों के आधार पर मेंढक के जीवन-चक्र का चित्र बनाइए। आपके द्वारा बनाए गए चित्र की तुलना चित्र 10.8 से कीजिए।
उत्तर

इसे वृत्त के रूप में बनाइए, क्योंकि वयस्क मेंढक ही वे अंडे देता है जिनसे चक्र फिर आरंभ होता है। चित्र 10.7 की कुछ अवस्थाएँ एक साथ रखी गई हैं— जैसे ‘क' और ‘च' दोनों को अवस्था I में रखा गया है।

अवस्था Iक — जलांडक (दिन 1) अंडों का जेली जैसा समूह — क अवस्था Iख — भ्रूण (दिन 3–4) अंडे के भीतर काली आकृति — च अवस्था IIक — पूँछ वाला टैडपोल पैर नहीं, दिन 7–10 — ग अवस्था IIख — पैरों वाला टैडपोल पीछे के पैर, 8–10 सप्ताह — घ अवस्था III — मंडूक 4 पैर + छोटी पूँछ, 12 सप्ताह — ख अवस्था IV — वयस्क मेंढक पूँछ नहीं, 14 सप्ताह — ङ मेंढक का जीवन-चक्र केवल जल → जल और थल दोनों
मेंढक के जीवन-चक्र की चार अवस्थाएँ, प्रत्येक के सामने चित्र 10.7 का अक्षर अंकित है। अवस्थाएँ ‘क' और ‘च' मिलाकर अवस्था I बनती है।

पुस्तक के अनुसार चार अवस्थाएँ—

  1. अंडा अवस्था, जो भ्रूण अवस्था में परिवर्तित होती है;
  2. टैडपोल अवस्था— पहले पूँछयुक्त तथा पैरविहीन प्रारंभिक अवस्था और पीछे के पैरों सहित बाद की अवस्था;
  3. मंडूक (फ्रॉगलेट) अवस्था;
  4. वयस्क मेंढक अवस्था
समय-अवधियाँ क्या बताती हैं: अंडा 3–4 दिन में भ्रूण और 7–10 दिन में टैडपोल बन जाता है— बहुत तेज़ी से। किंतु टैडपोल से मंडूक तक का परिवर्तन कई सप्ताह लेता है। वर्षा से भरे तालाब अधिक दिन नहीं टिकते, इसलिए मेंढक आरंभिक अवस्थाएँ जल्दी पार करता है और समय तभी लेता है जब टैडपोल स्वयं भोजन जुटाने लगे।
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