कुतूहल अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.8

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
चने के बीज का आवरण हटा कर बीजों की संरचना को देखें। अब चने और मक्का के बीजों की संरचना का अवलोकन करें। क्या वे समान हैं अथवा भिन्न हैं?
उत्तर

वे स्पष्ट रूप से भिन्न हैं। दो-तीन दिन भिगोने के बाद यह अवलोकन मिलता है।

अवलोकनचना — चित्र 2.6 (क)मक्का — चित्र 2.6 (ख)
बीज आवरणभिगोने के बाद सरलता से उतर जाता हैकसकर जुड़ा रहता है, उतरता नहीं
विभाजनदो बराबर भागों में साफ़-साफ़ बँट जाता हैबँटता नहीं — एक ही टुकड़े में रहता है
बीजपत्रों की संख्यादो, दोनों मोटे और मांसलएक, पतला
समूह का नामद्विबीजपत्री (डाइकॉट)एकबीजपत्री (मोनोकॉट)
इसी प्रकार के अन्य बीजराजमा, मूँग, मटर, मूँगफली, सरसोंगेहूँ, धान, ज्वार, बाजरा
भिगोना क्यों आवश्यक है: सूखा बीज पत्थर जैसा कठोर होता है और बँटने के बजाय टूट जाता। भिगोने पर बीज जल सोखकर फूल जाता है, आवरण ढीला पड़ जाता है और दोनों बीजपत्र अपनी प्राकृतिक संधि से अलग हो जाते हैं। बीच में देखिए — नन्हा भ्रूण, उसकी पहली जड़ और प्ररोह भी दिखाई दे जाएँगे।
क्या आप जानते हैं? भीगे चने के जो दो भाग आपने देखे, वही चना दाल हैं। "दाल" वास्तव में अलग हुए बीजपत्र ही हैं — इसीलिए दाल हमारे लिए भी ऊर्जा और पोषण का इतना अच्छा स्रोत है।
प्र2.
आप पौधों में पत्ती के शिरा-विन्यास, जड़ों के प्रकार और बीजों में बीजपत्रों की संख्या में परस्पर क्या संबंध देखते हैं?
उत्तर

ये तीनों लक्षण दो निश्चित समुच्चयों में साथ-साथ चलते हैं।

द्विबीजपत्री पौधे बीज में दो बीजपत्र पत्तियाँ — जालिकारूपी शिरा-विन्यास जड़ें — मूसला जड़तंत्र चना, राजमा, सरसों, आम, गुड़हल, तुलसी, नीम एकबीजपत्री पौधे बीज में एक बीजपत्र पत्तियाँ — समांतर शिरा-विन्यास जड़ें — झकड़ा जड़तंत्र मक्का, गेहूँ, धान, घास, केला, गन्ना, प्याज़
ये तीनों लक्षण कभी आपस में नहीं मिलते। इनमें से किसी एक का पता होने पर शेष दो बताए जा सकते हैं।

पुस्तक के शब्दों में: द्विबीजपत्री पौधों में जालिकारूपी शिरा-विन्यास और मूसला जड़तंत्र होता है, जबकि एकबीजपत्री पौधों में समांतर शिरा-विन्यास और झकड़ा जड़तंत्र होता है।

यह इतना उपयोगी क्यों है: किसी पौधे का बीज, पत्ती और जड़ — तीनों एक साथ देखने को प्राय: नहीं मिलते। परंतु तीनों साथ चलते हैं, इसलिए एक ही अवलोकन पर्याप्त है। केले की गिरी हुई पत्ती उठाइए, समांतर शिराएँ देखिए और आपको पहले से पता है कि केले में झकड़ा जड़ें होंगी और वह एक बीजपत्र वाले बीज से उगा है — बिना एक भी पौधा खोदे।
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