प्र1.
क्या किसी पौधे के बीज, जड़ के प्रकार और पत्ती के शिरा-विन्यास में परस्पर संबंध है? क्या सभी बीज एक जैसे होते हैं?
उत्तर
नहीं, सभी बीज एक जैसे नहीं होते — और हाँ, बीज ही जड़ का प्रकार तथा पत्ती का शिरा-विन्यास दोनों तय करता है।
बीज दो प्रकार के होते हैं। चना और मक्का के बीज दो-तीन दिन पानी में भिगोकर खोलिए:
- चना ठीक दो बराबर भागों में विभक्त हो जाता है। प्रत्येक भाग बीजपत्र है, जिसमें नन्हे पौधे के लिए भोजन संचित रहता है। ऐसे पौधे द्विबीजपत्री कहलाते हैं।
- मक्का दो भागों में नहीं बँटता; उसमें एक पतला बीजपत्र होता है। ऐसे पौधे एकबीजपत्री कहलाते हैं।
द्विबीजपत्री बीज (2 बीजपत्र) → जालिकारूपी शिरा-विन्यास → मूसला जड़ जैसे चना, राजमा, सरसों
एकबीजपत्री बीज (1 बीजपत्र) → समांतर शिरा-विन्यास → झकड़ा जड़ जैसे मक्का, गेहूँ, धान
एकबीजपत्री बीज (1 बीजपत्र) → समांतर शिरा-विन्यास → झकड़ा जड़ जैसे मक्का, गेहूँ, धान
एक ही लक्षण तीनों बातें क्यों तय कर देता है: पूरा पौधा बीज से ही बनता है। बीजपत्रों की संख्या आरंभ में ही निश्चित हो जाती है और वही योजना आगे जड़ें तथा पत्तियाँ बनाती है। इसीलिए ये तीनों लक्षण साथ-साथ चलते हैं और कभी आपस में नहीं मिलते।