प्र1.
चित्र 2.7 को देखकर यह बताने का प्रयास करें कि जंतुओं द्वारा गति के लिए शरीर के किस अंग का उपयोग किया जाता है?
उत्तर
चित्र 2.7 में एक तालाब और उसके आस-पास का खेत दिखाया गया है, जिसमें कुछ जंतु वृत्तों में बड़े करके दिखाए गए हैं — चींटी, केंचुआ, कनखजूरा, कछुआ, साँप, तितली, मेंढक और मछली, तथा साथ में गाय, खरगोश, वृक्ष पर बैठे पक्षी और जल के किनारे बगुले। प्रत्येक किस अंग का उपयोग करता है:
| चित्र 2.7 का जंतु | गति के लिए प्रयुक्त शरीर का अंग | गति का प्रकार |
|---|---|---|
| चींटी | छह टाँगें | चलना और रेंगना |
| केंचुआ | पूरा शरीर — पेशियाँ और महीन शूक | शरीर को फैलाकर-सिकोड़कर रेंगना |
| कनखजूरा | टाँगों के अनेक जोड़े | तेज़ी से रेंगना |
| तितली | पंख और टाँगें | उड़ना; फूल पर चलना |
| साँप | पूरा शरीर और शल्क (कोई टाँग नहीं) | रेंगना / सरकना |
| कछुआ | चार छोटी टाँगें | धीरे चलना; तैरना |
| मेंढक | झिल्लीयुक्त पंजों वाली मज़बूत पिछली टाँगें | थल पर फुदकना, जल में तैरना |
| मछली | पख और पूँछ | तैरना |
| गाय | खुरों वाली चार टाँगें | चलना और दौड़ना |
| खरगोश | चार टाँगें, पिछली टाँगें लंबी | कूदना और दौड़ना |
| पक्षी (गौरैया, बगुला) | पंख और पैर | उड़ना, चलना, पानी में टहलना |
ध्यान देने योग्य पैटर्न: अंग परिवेश से मेल खाता है। वायु के लिए पंख, जल के लिए पख, कठोर भूमि के लिए टाँगें — और जो जंतु मिट्टी या घास में से होकर चलते हैं उनमें कोई अंग नहीं, बल्कि एक लंबा पेशीय शरीर होता है जो हर सतह पर धक्का देकर आगे बढ़ता है।