ये दोनों बीज पौधों के दो बड़े समूहों के हैं, इसलिए उनकी जड़ें और पत्तियाँ भी भिन्न होती हैं।
| (क) गेहूँ | (ख) राजमा | |
|---|---|---|
| बीज में बीजपत्रों की संख्या | एक (दाना दो भागों में नहीं बँटता) | दो (भीगा बीज दो भागों में बँट जाता है) |
| समूह | एकबीजपत्री | द्विबीजपत्री |
| जड़ का प्रकार | झकड़ा (रेशेदार) जड़ — तने के आधार से समान माप की पतली जड़ों का गुच्छा | मूसला जड़ — एक मोटी मुख्य जड़ जिससे छोटी पार्श्व जड़ें निकलती हैं |
| पत्ती का शिरा-विन्यास | समांतर शिरा-विन्यास — शिराएँ साथ-साथ चलती हैं | जालिकारूपी शिरा-विन्यास — मोटी मध्य शिरा के दोनों ओर शिराओं का जाल |
| जड़ों की गहराई | सतह के पास फैलकर ऊपरी मिट्टी थामती हैं | गहराई में जाकर नीचे का जल लेती है |