एक वैज्ञानिक चुनिए, दो-तीन विश्वसनीय स्रोत पढ़िए और लगभग आधा पृष्ठ लिखिए। अच्छी रिपोर्ट में पाँच भाग होने चाहिए: वे कौन हैं, उन्होंने क्या अध्ययन किया, मुख्य कार्य क्या रहा, जैव विविधता के लिए वह क्यों महत्वपूर्ण था, और आपने उनसे क्या सीखा।
जिनके बारे में लिख सकते हैं: जानकी अम्माल और सालिम अली (दोनों आपके अध्याय में), उल्लास कारंत (बाघ गणना), कृति कारंत (मानव–वन्यजीव संघर्ष), रमन सुकुमार (हाथी), बिट्टू सहगल (संरक्षण लेखन), पूर्णिमा देवी बर्मन (असम का हरगिला सारस)।
नमूना रिपोर्ट: जानकी अम्माल (1897–1984) केरल की एक भारतीय वनस्पतिशास्त्री थीं जिन्होंने अपना जीवन पौधों और पर्यावरण को समर्पित किया। उन्होंने गन्ने और पश्चिमी घाट के पौधों पर कार्य किया और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण की प्रमुख के रूप में पूरे देश की पादप विविधता का प्रलेखन करने के लिए कार्यक्रम आरंभ किए। जीवन के उत्तरार्ध में वे साइलेंट वैली बचाओ आंदोलन से जुड़ीं और केरल के पालक्काड़ ज़िले के आर्द्र सदाबहार वन को बाँध में डूबने से बचाने में सहायक हुईं। उनकी सबसे बड़ी सीख यह है कि सावधानीपूर्वक अभिलेख रखना स्वयं में संरक्षण का कार्य है — जिसे किसी ने गिना ही नहीं, उसकी रक्षा नहीं की जा सकती।
अच्छी रिपोर्ट क्या होती है: प्रशंसा नहीं, विशिष्ट कार्य लिखिए। "उन्हें पक्षी बहुत प्रिय थे" से कुछ पता नहीं चलता; "उन्होंने भारतीय पक्षियों की सूची बनाई, उनके यात्रा मार्ग और आवास प्रलेखित किए, तथा केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान और रंगनाथिट्टु पक्षी अभयारण्य को संरक्षित करवाया" से पाठक को ठीक-ठीक पता चलता है कि सालिम अली के कारण क्या बदला।