कुतूहल अध्याय 3 क्रियाकलाप 3.4

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
विभिन्न खाद्य घटकों के स्रोतों और कार्यों का पता लगाने के लिए चित्र 3.5 में दिए गए चार्ट का अध्ययन करें। विटामिन एवं खनिज के और अन्य स्रोतों का पता लगाइए। साथ ही इन खाद्य घटकों की कमी से होने वाले रोगों के लक्षणों को भी समझें।
उत्तर

पहले चित्र 3.5 को पंक्ति-दर-पंक्ति पढ़िए। नीचे पूरा चार्ट संक्षेप में है, और अंतिम स्तंभ में क्रियाकलाप के अनुसार कुछ और भारतीय स्रोत जोड़े गए हैं।

घटककार्यचित्र 3.5 में दिए स्रोतअभावजन्य रोग / लक्षणकुछ और स्रोत
विटामिन Aआँखों और त्वचा को स्वस्थ रखता हैपपीता, गाजर, आम, दूधदृष्टि का ह्रास — दुर्बल दृष्टि, रतौंधी, कभी-कभी पूर्ण अंधताकद्दू, पालक, मेथी, शकरकंद, अंडे की जर्दी, मक्खन
विटामिन B1हृदय को स्वस्थ रखता है और शरीर को विभिन्न कार्य करने में सहायता करता हैफलियाँ, मेवे, संपूर्ण अनाज, बीज, दूध से बने पदार्थबेरीबेरी — सूजन, हाथों-पैरों में जलन या झनझनाहट, साँस लेने में परेशानीबिना पॉलिश किया चावल, रागी, मूँगफली, सूरजमुखी के बीज
विटामिन Cशरीर को रोगों से बचाता हैआँवला, अमरूद, हरी मिर्च, संतरा, नींबूस्कर्वी — मसूड़ों से खून निकलना, घाव भरने में अधिक समयटमाटर, मौसमी, पपीता, पत्तागोभी, सहजन के पत्ते
विटामिन Dअस्थि और दाँतों के स्वास्थ्य के लिए कैल्सियम के अवशोषण में सहायक हैसूर्य का प्रकाश, दूध, मक्खन, मछली, अंडारिकेट्स — अस्थियों का मुलायम होकर मुड़ जानाखाद्य मशरूम, कॉड लिवर तेल, प्रबलीकृत दूध
कैल्सियमअस्थियों और दाँतों को स्वस्थ रखता हैदूध, सोया दूध, दही, चीज़, पनीरअस्थि और दंतक्षय — दुर्बल अस्थियाँ, दंतक्षयरागी, तिल, हरी पत्तेदार साग, छोटी मछली
आयोडीनशारीरिक और मानसिक क्रियाओं में सहायक हैसमुद्री शैवाल, सिंघाड़ा, आयोडीनयुक्त नमकघेंघा — गर्दन के अग्र भाग में सूजनसमुद्री मछली, झींगा, दूध
आयरनरक्त का महत्वपूर्ण घटक हैहरे पत्तेदार साग, चुकंदर, अनारएनीमिया (रक्ताल्पता) — दुर्बलता और साँस लेने में कठिनाईगुड़, खजूर, बाजरा, रागी, चना
चार्ट को शीघ्रता से पढ़ने का ढंग: अंतिम दो स्तंभ ही चिकित्सक काम में लेते हैं — लक्षण → अभावजन्य रोग → कौन-सा पोषक तत्व कम है → कौन-सा आहार उसे देगा। इसी शृंखला को उलटा पढ़ना ही इस क्रियाकलाप का शेष भाग है।
प्र2.
अपने पड़ोस में जाइए और लोगों से बातचीत कीजिए तथा पता लगाइए कि क्या किसी व्यक्ति में चित्र में सूचीबद्ध लक्षण दिखाई देते हैं? (शिक्षक के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों द्वारा इस प्रकार की एक जाँच परियोजना की जा सकती है)।
उत्तर

यह कार्य केवल शिक्षक के मार्गदर्शन में और शिष्टता के साथ कीजिए। आप जानकारी एकत्र करने वाले विद्यार्थी हैं, रोग बताने वाले चिकित्सक नहीं।

सर्वेक्षण कैसे करें:

  1. एक सरल तालिका बनाइए — नाम (या केवल क्रमांक, जिससे निजता बनी रहे) | आयु | दिखाई देने वाला या बताया गया लक्षण | सामान्यतः क्या खाते हैं।
  2. सहज प्रश्न पूछिए — “क्या ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आता है?”, “उजाले से अँधेरे कमरे में जाने पर दिखाई देने में कठिनाई होती है?”, “सीढ़ी चढ़ने पर साँस फूलती है?”
  3. किसी को छूकर परीक्षण मत कीजिए और किसी को रोग का नाम मत बताइए।
  4. भिन्न-भिन्न आयु के 8–10 व्यक्तियों से बात कीजिए, जिससे सर्वेक्षण एकपक्षीय न हो।
नमूना प्रविष्टि: व्यक्ति 4, आयु 62 वर्ष। बताती हैं कि ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आता है और हाथ का छोटा-सा घाव तीन सप्ताह में भरा। आहार में प्रतिदिन चावल, दाल और पकी सब्जी है, परंतु फल और कच्चा सलाद बिलकुल नहीं। — यही वह सूचना है जिसका उपयोग अगले प्रश्न में करना है।
प्र3.
इन लक्षणों को उनके आहार के साथ सह-संबंधित कीजिए और पोषण की कमी के कारण होने वाले रोग या विकार की पहचान कीजिए।
उत्तर

प्रत्येक लक्षण को व्यक्ति के आहार के साथ रखिए और चित्र 3.5 की सहायता से रोग पहचानिए।

देखा गया लक्षणआहार में क्या कम हैअभावजन्य रोग / विकार
मसूड़ों से खून, घाव देर से भरनाफल और कच्ची साग-भाजी नहीं → विटामिन Cस्कर्वी
तेज़ उजाले से आने पर मंद प्रकाश में न दिखनागाजर, पपीता, दूध, हरी साग नहीं → विटामिन Aरतौंधी (दृष्टि का ह्रास)
थकान, साँस फूलना, पलकों का पीलापनहरी पत्तेदार साग, चुकंदर, गुड़ कम → आयरनएनीमिया
गर्दन के अगले भाग में सूजनबिना आयोडीन का नमक, समुद्री आहार नहीं → आयोडीनघेंघा
छोटे बच्चे की टाँगों का मुलायम होकर मुड़नादूध कम, धूप नहीं → विटामिन D और कैल्सियमरिकेट्स
वृद्ध व्यक्ति की दुर्बल अस्थियाँ, बार-बार दंतक्षयदूध, दही, पनीर, रागी नहीं → कैल्सियमअस्थि और दंतक्षय
हाथों-पैरों में जलन-झनझनाहट, साँस लेने में परेशानीकेवल पॉलिश किया चावल, साबुत अनाज-दाल-मेवे नहीं → विटामिन B1बेरीबेरी
सावधानी — लक्षण संकेत है, प्रमाण नहीं। थकान बुखार या नींद की कमी से भी हो सकती है। इसीलिए इस क्रियाकलाप का अंतिम चरण यही है कि व्यक्ति को चिकित्सक के पास भेजा जाए, जो उचित जाँच से पुष्टि कर सके।
प्र4.
देखे गए लक्षणों के संभावित कारण और सुधार के लिए आहार में आवश्यक परिवर्तन के बारे में सुझाव दीजिए। उन्हें चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए कहिए।
उत्तर

प्रत्येक व्यक्ति के लिए संभावित कारण, जोड़ा जाने वाला आहार लिखिए और फिर चिकित्सक से मिलने की सलाह दीजिए।

संभावित कारणआहार में सुझाए गए परिवर्तन
विटामिन C की कमीप्रतिदिन एक आँवला, अमरूद, संतरा या नींबू; कच्चा सलाद; साग-भाजी को अधिक न पकाएँ
विटामिन A की कमीगाजर, पपीता, आम, कद्दू, हरी पत्तेदार साग, दूध
आयरन की कमीपालक, मेथी, चुकंदर, अनार, गुड़, बाजरा; साथ में विटामिन C वाला फल
आयोडीन की कमीकेवल आयोडीनयुक्त नमक, वह भी पकाने के बाद डालें; सिंघाड़ा, समुद्री मछली
कैल्सियम और विटामिन D की कमीदूध, दही, पनीर, रागी, तिल; प्रतिदिन 15–20 मिनट सुबह की धूप
विटामिन B1 की कमीपॉलिश किए चावल के स्थान पर साबुत अनाज, दालें, मूँगफली, दूध से बने पदार्थ

फिर स्पष्ट रूप से कहिए: “ये केवल विद्यालय की एक परियोजना से निकले सुझाव हैं। कृपया उचित परामर्श और जाँच के लिए चिकित्सक या स्वास्थ्य केंद्र अवश्य जाइए।” कारण कुछ और भी हो सकता है, और कोई भी पूरक (सप्लीमेंट) केवल चिकित्सक ही बताए।

सुझाव: एक सामान्य सलाह लगभग सबके काम आती है — दिन का एक पैकेटबंद अल्पाहार हटाकर उसकी जगह एक फल या भुने चने लीजिए। यह सस्ता भी है और विटामिन, खनिज व रेशे एक साथ देता है।
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