प्र1.
विभिन्न खाद्य घटकों के स्रोतों और कार्यों का पता लगाने के लिए चित्र 3.5 में दिए गए चार्ट का अध्ययन करें। विटामिन एवं खनिज के और अन्य स्रोतों का पता लगाइए। साथ ही इन खाद्य घटकों की कमी से होने वाले रोगों के लक्षणों को भी समझें।
उत्तर
पहले चित्र 3.5 को पंक्ति-दर-पंक्ति पढ़िए। नीचे पूरा चार्ट संक्षेप में है, और अंतिम स्तंभ में क्रियाकलाप के अनुसार कुछ और भारतीय स्रोत जोड़े गए हैं।
| घटक | कार्य | चित्र 3.5 में दिए स्रोत | अभावजन्य रोग / लक्षण | कुछ और स्रोत |
|---|---|---|---|---|
| विटामिन A | आँखों और त्वचा को स्वस्थ रखता है | पपीता, गाजर, आम, दूध | दृष्टि का ह्रास — दुर्बल दृष्टि, रतौंधी, कभी-कभी पूर्ण अंधता | कद्दू, पालक, मेथी, शकरकंद, अंडे की जर्दी, मक्खन |
| विटामिन B1 | हृदय को स्वस्थ रखता है और शरीर को विभिन्न कार्य करने में सहायता करता है | फलियाँ, मेवे, संपूर्ण अनाज, बीज, दूध से बने पदार्थ | बेरीबेरी — सूजन, हाथों-पैरों में जलन या झनझनाहट, साँस लेने में परेशानी | बिना पॉलिश किया चावल, रागी, मूँगफली, सूरजमुखी के बीज |
| विटामिन C | शरीर को रोगों से बचाता है | आँवला, अमरूद, हरी मिर्च, संतरा, नींबू | स्कर्वी — मसूड़ों से खून निकलना, घाव भरने में अधिक समय | टमाटर, मौसमी, पपीता, पत्तागोभी, सहजन के पत्ते |
| विटामिन D | अस्थि और दाँतों के स्वास्थ्य के लिए कैल्सियम के अवशोषण में सहायक है | सूर्य का प्रकाश, दूध, मक्खन, मछली, अंडा | रिकेट्स — अस्थियों का मुलायम होकर मुड़ जाना | खाद्य मशरूम, कॉड लिवर तेल, प्रबलीकृत दूध |
| कैल्सियम | अस्थियों और दाँतों को स्वस्थ रखता है | दूध, सोया दूध, दही, चीज़, पनीर | अस्थि और दंतक्षय — दुर्बल अस्थियाँ, दंतक्षय | रागी, तिल, हरी पत्तेदार साग, छोटी मछली |
| आयोडीन | शारीरिक और मानसिक क्रियाओं में सहायक है | समुद्री शैवाल, सिंघाड़ा, आयोडीनयुक्त नमक | घेंघा — गर्दन के अग्र भाग में सूजन | समुद्री मछली, झींगा, दूध |
| आयरन | रक्त का महत्वपूर्ण घटक है | हरे पत्तेदार साग, चुकंदर, अनार | एनीमिया (रक्ताल्पता) — दुर्बलता और साँस लेने में कठिनाई | गुड़, खजूर, बाजरा, रागी, चना |
चार्ट को शीघ्रता से पढ़ने का ढंग: अंतिम दो स्तंभ ही चिकित्सक काम में लेते हैं — लक्षण → अभावजन्य रोग → कौन-सा पोषक तत्व कम है → कौन-सा आहार उसे देगा। इसी शृंखला को उलटा पढ़ना ही इस क्रियाकलाप का शेष भाग है।