कुतूहल अध्याय 3 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
लेकिन हम विटामिन और खनिजों की कमी के कारण होने वाले रोगों या विकारों को कैसे ठीक कर सकते हैं?
उत्तर

मुख्यतः आहार सुधारकर, औषधि से नहीं। विटामिन और खनिजों की आवश्यकता अल्प मात्रा में होती है, परंतु वे नियमित रूप से मिलने चाहिए।

  1. वही आहार लीजिए जिसमें कम पड़ा पोषक तत्व हो — चित्र 3.5 का स्रोत वाला स्तंभ मानो बाज़ार की सूची है। दूध, हरी साग, फल और साबुत अनाज मिलकर अधिकांश विटामिन-खनिज दे देते हैं।
  2. विविधता रखिए। किसी एक आहार में सब कुछ नहीं होता। प्रतिदिन सब्जी और फल बदलना सबसे सरल सुरक्षा है।
  3. ध्यान से पकाइए। उच्च ताप से विटामिन C जैसे कुछ पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, इसलिए कुछ कच्चे फल और सलाद रखिए तथा साग-भाजी उबालने का पानी फेंकिए मत।
  4. प्रबलीकृत (फोर्टिफाइड) आहार लीजिए — आयोडीन के लिए आयोडीनयुक्त नमक, प्रबलीकृत दूध और शिशु आहार।
  5. धूप लीजिए। सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने पर हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से विटामिन D बनता है।
  6. पूरक (सप्लीमेंट) केवल चिकित्सक की सलाह पर — जैसे अभ्यास के प्रश्न 6 में रेशमा को दिया गया।
औषधि की तुलना में आहार क्यों बेहतर है: एक फल विटामिन के साथ रेशे, जल, खनिज और शर्करा भी देता है — पूरा पैकेज। गोली केवल एक ही वस्तु देती है, और उसकी अधिकता हानिकारक भी हो सकती है।
प्र2.
कच्ची और पकी हुई साग-भाजी में आप क्या अंतर देखते हैं? क्या आपने कभी देखा है कि पकाए जाने पर साग-भाजी कभी-कभी अपना चटख रंग खो देती हैं या नरम और कम कुरकुरी हो जाती हैं?
उत्तर

हाँ। एक ही सब्जी का कच्चा और पका टुकड़ा साथ रखिए तो अंतर सरलता से दिख जाते हैं।

 कच्ची साग-भाजीपकी हुई साग-भाजी
रंगचटख हरा, लाल या नारंगीफीका; पालक गहरा जैतूनी हरा हो जाता है
बनावटकड़ी और कुरकुरी; तोड़ने पर चटकती हैनरम; मुड़ जाती है, मसली जा सकती है
मात्राभरी हुई कटोरीजल निकलने से बहुत सिकुड़ जाती है
स्वाद और गंधतीखा, कभी कड़वाहल्का, कुछ मीठा
पोषक तत्वविटामिन C आदि पूरी मात्रा मेंउच्च ताप के कारण विटामिन C जैसे कुछ पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं
पाचनचबाने और पचाने में कठिनपचने में सरल; रोगाणु भी नष्ट हो जाते हैं
ऐसा क्यों होता है: ताप से सब्जी नरम हो जाती है और उसका जल बाहर निकल आता है; कुछ विटामिन — विशेषकर विटामिन C — उच्च ताप से नष्ट हो जाते हैं या पकाने के पानी में घुलकर फेंक दिए जाते हैं। कटी या छिली साग-भाजी और फलों को धोने से भी कुछ विटामिन नष्ट होते हैं, इसलिए पहले धोइए, फिर काटिए
प्र3.
क्या हमारे आहार में कुछ फलों और कच्ची साग-भाजी को सम्मिलित करना बुद्धिमानी नहीं होगी?
उत्तर

हाँ, यह बुद्धिमानी ही होगी — क्योंकि कच्चे फल और साग-भाजी वे विटामिन देते हैं जो पकाने से नष्ट हो जाते।

  • अमरूद, संतरा या आँवला पूरा विटामिन C देते हैं, क्योंकि उन्हें गर्म नहीं किया गया।
  • खीरा, टमाटर, गाजर और प्याज का सलाद विटामिन के साथ रूक्षांश और जल भी देता है।
  • अंकुरित मूँग या चना कच्चा खाने पर प्रोटीन, विटामिन C और रेशे एक साथ मिलते हैं।

पर तीन सावधानियाँ—

  1. उपभोग से पहले सभी फलों और साग-भाजी को अच्छे से धोया जाना आवश्यक है — और धोना काटने या छीलने से पहले।
  2. कुछ वस्तुएँ — आलू, अरबी, राजमा — पकाना ही आवश्यक है; कच्ची वे पचती नहीं।
  3. पकाना शत्रु नहीं है। इससे रोगाणु मरते हैं और आहार सुपाच्य व सुरक्षित होता है। उचित योजना यही है — पका हुआ भोजन और साथ में कुछ कच्चा
सुझाव: दाल में नींबू आँच से उतारने के बाद निचोड़िए। तब विटामिन C बचा रहता है और खटास भी अधिक ताजी लगती है।
प्र4.
क्या हमें सभी पोषक तत्व पौधों और जंतुओं से प्राप्त होते हैं?
उत्तर

नहीं। अधिकांश पोषक तत्व पौधों और जंतुओं से मिलते हैं, पर सभी नहीं।

पोषक तत्वकहाँ से मिलता है
कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, अधिकांश विटामिनपौधे और जंतु
नमक तथा अन्य खनिज लवणसमुद्र के पानी या चट्टानों से — किसी पौधे या जंतु से नहीं
विटामिन Dसूर्य की रोशनी के संपर्क में आने पर हमारे अपने शरीर में बनता है
जलप्रायः सीधे पिया जाता है — नदी, कुएँ और वर्षा से
नमक विशेष क्यों है: नमक एक खनिज है और खनिज कभी किसी सजीव ने नहीं बनाए। गुजरात और तमिलनाडु के तटों पर समुद्र के पानी को उथले क्यारों में फैलाकर वाष्पित किया जाता है और नमक शेष रह जाता है — कच्छ के छोटे रन के अगरिया यही करते हैं। सेंधा नमक चट्टानों से खोदकर निकाला जाता है।
प्र5.
वे कौन से खाद्य स्रोत हैं, जो हमारे शरीर को जल प्रदान करते हैं? उनमें से कुछ की एक सूची बनाइए।
उत्तर

पीने के जल के अतिरिक्त हमारा बहुत-सा दैनिक जल आहार के भीतर छिपा रहता है।

समूहउदाहरण
रसदार फलतरबूज, खरबूजा, संतरा, मौसमी, अंगूर, पपीता, लीची
जल-बहुल साग-भाजीखीरा, टमाटर, लौकी, कद्दू, मूली, पालक
पेयदूध, छाछ, लस्सी, नारियल पानी, गन्ने का रस, नींबू पानी, सूप
जलयुक्त पके व्यंजनदाल, रसम, साँभर, कढ़ी, खिचड़ी, दही-चावल, दलिया
जल क्यों अनिवार्य है: जल भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में शरीर की सहायता करता है तथा पसीने और मूत्र के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालता है। स्वस्थ रहने के लिए नियमित रूप से पर्याप्त जल पीना चाहिए — गर्मियों में और खेलने के बाद और भी अधिक, क्योंकि बहुत-सा जल पसीने में निकल जाता है।
क्या आप जानते हैं? खीरे का नौ-दसवाँ भाग से भी अधिक जल ही है — इसीलिए जून की दोपहर में ककड़ी-टमाटर का कचूमर इतनी शीतलता देता है।
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