कुतूहल अध्याय 3 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
इनमें से कौन-सा खाद्य पदार्थ आपके दैनिक आहार का भाग है?
उत्तर

क्रियाकलाप 3.1 में बनाई अपनी सप्ताह की तालिका को घटकों की सूची से मिलाइए। अधिकांश भारतीय घरों में उत्तर कुछ ऐसा बनता है—

घटकदैनिक आहार में?किस आहार से
कार्बोहाइड्रेटहाँ, प्रत्येक आहार मेंचावल, रोटी, पोहा, आलू
प्रोटीनहाँ, अधिकतर दिनदाल, राजमा, चना, दूध, दही, पनीर; कुछ घरों में अंडा या मछली
वसाहाँखाने का तेल, घी, मक्खन, मूँगफली, नारियल
विटामिन और खनिजहाँ, पर प्रायः कमहरी साग-भाजी, नींबू, आँवला, केला, दूध, आयोडीनयुक्त नमक
रूक्षांश और जलहाँसलाद, साबुत अनाज, फल; पेयजल, छाछ
ईमानदारी से क्या देखें: लगभग हर विद्यार्थी के आहार में कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त होता है। कमी प्रायः दो जगह रहती है — फल और कच्ची साग-भाजी (विटामिन, खनिज, रूक्षांश) तथा दाल या दूध (प्रोटीन) — विशेषकर उन दिनों जब भोजन के स्थान पर अल्पाहार खा लिया जाता है।
सुझाव: बढ़ते बच्चों के उचित विकास और वृद्धि के लिए उनके आहार में सही मात्रा में प्रोटीन आवश्यक है, इसलिए एक कटोरी दाल, एक गिलास दूध या मुट्ठी भर भुने चने छोड़ना नहीं चाहिए।
प्र2.
आपको क्या लगता है कि हमें अपने दैनिक आहार में फल, साग-भाजी और पादप आधारित खाद्य पदार्थों को सम्मिलित करने की सलाह क्यों दी जाती है?
उत्तर

क्योंकि फल, साग-भाजी और अन्य पादप आहार वे घटक देते हैं जो अनाज और तेल नहीं दे सकते — सुरक्षात्मक पोषक तत्व और रूक्षांश

  • विटामिन — आँवला, अमरूद, नींबू और संतरा विटामिन C देते हैं; गाजर, पपीता और आम विटामिन A; साबुत अनाज और बीज विटामिन B1। ये शरीर को अभावजन्य रोगों से बचाते हैं।
  • खनिज — हरी पत्तेदार साग, चुकंदर और अनार आयरन देते हैं; तिल और हरी साग कैल्सियम।
  • आहारीय रेशे (रूक्षांश) — फल और साग मल के सुचारू निकास को सुनिश्चित करते हैं और कब्ज से बचाते हैं।
  • जल — खीरा, टमाटर, तरबूज और संतरा अधिकांशतः जल ही हैं।
  • कुछ प्रोटीन और ऊर्जा — दालें, फलियाँ, मटर और मेवे प्रोटीन के उत्कृष्ट पादप स्रोत हैं।
पादप आधारित आहार दोहरे लाभ का क्यों है: पुस्तक कहती है कि जहाँ तक संभव हो, स्थानीय स्तर पर उगाया हुआ तथा पौधों से मिलने वाला आहार लेना न केवल हमारे शरीर के लिए अच्छा है, बल्कि हमारे पर्यावरण और हमारे ग्रह के लिए भी — इसमें कम भूमि, कम जल और कम परिवहन लगता है।
प्र3.
अध्ययन 1 को पढ़कर आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं? स्कर्वी रोग कैसे ठीक हुआ?
उत्तर

निष्कर्ष: नाविकों के मसूड़ों से रक्त आना और उनमें सूजन समुद्र या कठिन परिश्रम के कारण नहीं, बल्कि आहार में किसी वस्तु की कमी के कारण था। लंबी यात्राओं में नाविक केवल सूखा, संचित आहार खाते थे और ताजे फल नहीं मिलते थे। 1746 में जेम्स लिंड ने देखा कि जिन नाविकों ने नींबू और संतरे खाए, वे रोग से मुक्त हो गए — इससे सिद्ध हुआ कि जो वस्तु कम पड़ रही थी वह इन फलों में है।

लंबी यात्रा → ताजे फल नहीं → विटामिन C की कमी → मसूड़ों से रक्त और सूजन → स्कर्वी
नींबू और संतरे खाए गए → विटामिन C मिला → नाविक स्वस्थ हो गए

स्कर्वी कैसे ठीक हुआ: विटामिन C से। स्कर्वी रोग विटामिन C की कमी के कारण होता है; नींबू और संतरे जैसे खट्टे फलों में यह विटामिन पाया जाता है, इसलिए वे इस रोग को दूर करने में सहायक हैं। आँवला, अमरूद और हरी मिर्च तो और भी अच्छे भारतीय स्रोत हैं।

अध्ययन 1 का बड़ा विचार: यह अध्याय का पहला संकेत है कि रोग किसी संक्रमण से नहीं, किसी वस्तु की कमी से भी हो सकता है। ऐसे रोगों को अभावजन्य रोग कहते हैं और इनका उपचार औषधि नहीं, आहार है।
क्या आप जानते हैं? लिंड का यह कार्य वैज्ञानिक विधि का सुंदर उदाहरण भी है — उन्होंने अवलोकन किया, प्रश्न बनाया, अनुमान लगाया, नाविकों पर परीक्षण किया और परिणाम का विश्लेषण किया, जबकि तब विटामिन के बारे में कोई नहीं जानता था।
प्र4.
अध्ययन 2 से आपने क्या निष्कर्ष निकाला?
उत्तर

निष्कर्ष: हिमालय क्षेत्र और उत्तरी मैदानी इलाकों में गर्दन के अगले भाग में सूजन — अर्थात् घेंघा रोग — आयोडीन की कमी से हो रहा था, और आहार में आयोडीन लौटाते ही वह घट गया।

क्षेत्र की मृदा में आयोडीन की कमी → वहाँ की फसलों और जल में आयोडीन कम → लोगों को पर्याप्त आयोडीन नहीं मिला → गर्दन के अगले भाग में सूजन (घेंघा)
सामान्य नमक में आयोडीन मिलाया गया (आयोडीनयुक्त नमक) → लक्षण स्पष्ट रूप से कम हो गए

इस अध्ययन से तीन बातें निकलती हैं—

  • कोई कमी केवल एक व्यक्ति की नहीं, पूरे क्षेत्र की हो सकती है, क्योंकि उसकी शुरुआत मृदा से होती है।
  • आयोडीनयुक्त नमक साधारण नमक ही है, जिसमें वांछित मात्रा में आयोडीन के लवण मिलाए जाते हैं। इसीलिए पैकेट पर ‘आयोडीनयुक्त’ लिखा रहता है।
  • किसी खनिज की बहुत थोड़ी मात्रा भी स्वास्थ्य तय कर सकती है — आयोडीन शारीरिक और मानसिक क्रियाओं में सहायक है।
क्या आप जानते हैं? नमक की खेती अगरिया नामक जनजाति समुदाय की पारंपरिक प्रथा है। वे कच्छ के छोटे रन में आठ महीने तक रेगिस्तान की भीषण गर्मी में रहकर समुद्र के पानी से नमक प्राप्त करते हैं।
प्र5.
हमारे शरीर को विभिन्न रोगों से बचाने वाले अन्य खाद्य घटकों के बारे में और अधिक जानकारी आप कैसे प्राप्त करेंगे?
उत्तर

कई विश्वसनीय स्रोतों का उपयोग करके और उन्हें एक-दूसरे से मिलाकर—

  1. चित्र 3.5 का चार्ट पढ़िए — उसमें खाद्य घटक, उसका कार्य, कुछ स्रोत, अभावजन्य रोग और लक्षण सब एक साथ दिए हैं।
  2. पैकेट पर लिखी जानकारी पढ़िए — नमक, बिस्कुट और अन्य पैकेटबंद आहार पर पोषक तत्व अंकित होते हैं।
  3. अपने पड़ोस में सर्वेक्षण कीजिए, जैसा क्रियाकलाप 3.4 कहता है, और लक्षणों को व्यक्ति के आहार से जोड़िए — शिक्षक के मार्गदर्शन में।
  4. उपयुक्त लोगों से पूछिए — विद्यालय के शिक्षक, स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक या नर्स, गाँव की आशा कार्यकर्ता।
  5. पुस्तकालय या विश्वसनीय वेबसाइट से पढ़िए और यह भी लिखिए कि कौन-सी बात कहाँ से मिली।
एक से अधिक स्रोत क्यों: कोई एक स्रोत अधूरा या गलत हो सकता है। यदि चार्ट, पैकेट और चिकित्सक तीनों कहें कि विटामिन C स्कर्वी से बचाता है, तब उस पर विश्वास किया जा सकता है। यह मिलान करना ही वैज्ञानिक विधि का अंग है।
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