कुतूहल अध्याय 3 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आप कभी बिना खाना खाए रहे हैं? जब आप खाना नहीं खाते हैं तो आपको कैसा अनुभव होता है?
उत्तर

हाँ — और तब थकान तथा कम ऊर्जा का अनुभव होता है। कुछ समय तक भोजन न करने पर सामान्यतः ये लक्षण दिखते हैं—

  • दुर्बलता और थकान, हाथ-पैर भारी लगना।
  • कक्षा में ध्यान न लगना; मन इधर-उधर भटकना।
  • कभी-कभी सिरदर्द, चक्कर या पेट में गुड़गुड़ाहट।
  • चिड़चिड़ापन — छोटी-छोटी बातों पर झुँझलाहट।
ऐसा क्यों होता है: आहार हमारा ईंधन है। शरीर निरंतर ऊर्जा खर्च करता है — बैठे रहने पर भी हृदय धड़कता है और मस्तिष्क कार्य करता है। यह ऊर्जा मुख्यतः आहार के कार्बोहाइड्रेट से आती है। भोजन छूटने पर ऊर्जा की आपूर्ति घट जाती है और हर काम कठिन लगने लगता है। खाते ही कुछ ही मिनटों में अच्छा अनुभव होने लगता है।
सुझाव: इसीलिए विद्यालय जाने से पहले नाश्ता कभी नहीं छोड़ना चाहिए। रात की नींद के बाद शरीर लगभग 10–12 घंटे बिना आहार के रहता है, और दिन की पहली कक्षा में सबसे अधिक ध्यान चाहिए।
प्र2.
आपके अनुसार एक मैराथन धावक दौड़ के समय और उसके पश्चात् ग्लूकोस युक्त पानी क्यों पीता है?
उत्तर

क्योंकि ग्लूकोस शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है

मैराथन (लगभग 42 किमी) → बहुत अधिक ऊर्जा व्यय → शरीर का ऊर्जा भंडार घटता है
ग्लूकोस सबसे सरल कार्बोहाइड्रेट है → शरीर उसे तुरंत अवशोषित कर लेता है → ऊर्जा तत्काल मिलती है
ग्लूकोस युक्त पानी पसीने से निकले जल और लवण की भी पूर्ति करता है

साधारण भोजन से तुलना कीजिए — चावल या रोटी को पहले पचना पड़ता है, अर्थात् चरण-दर-चरण सरल रूप में टूटना पड़ता है, और इसमें समय लगता है। ग्लूकोस को इस प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं, वह लगभग सीधे रक्त तक पहुँच जाता है।

दौड़ के बीच लड्डू या चावल क्यों नहीं: ठोस आहार पेट में भारी रहता है और पचने में बहुत समय लेता है, जबकि धावक रुक नहीं सकता। ग्लूकोस युक्त पानी का एक घूँट पेट पर बोझ डाले बिना कुछ ही क्षणों में ऊर्जा दे देता है।
क्या आप जानते हैं? इसी कारण चिकित्सक बहुत दुर्बल रोगी को अथवा दस्त-उल्टी से जल खो चुके रोगी को ग्लूकोस का पानी या ओ.आर.एस. देते हैं।
प्र3.
क्या आप जानते हैं कि सामान्य चीनी भी एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है?
उत्तर

हाँ। रसोई की सफेद चीनी, लड्डू का गुड़ और रोगी को दिया जाने वाला ग्लूकोस — ये सभी कार्बोहाइड्रेट हैं।

कार्बोहाइड्रेट का प्रकारउदाहरणस्वादऊर्जा कितनी शीघ्र
सरल शर्कराएँग्लूकोस, सामान्य चीनी, गुड़, शहद, फलों की शर्करामीठाबहुत शीघ्र — तुरंत ऊर्जा
मंड (स्टार्च)चावल, गेहूँ, बाजरा, आलू, शकरकंदमीठा नहींधीरे — घंटों तक थोड़ी-थोड़ी ऊर्जा
यह याद रखने योग्य क्यों है: मंड और शर्करा दोनों कार्बोहाइड्रेट हैं, पर शरीर में इनका व्यवहार भिन्न है — और प्रयोगशाला में भी। आयोडीन विलयन केवल मंड के साथ नीला-काला रंग देता है, शर्करा के साथ नहीं। इसी तथ्य का उपयोग आप क्रियाकलाप 3.5 में और अभ्यास के प्रश्न 9 में करेंगे।
सुझाव: मीठा होना कार्बोहाइड्रेट की पहचान नहीं है। रोटी बिलकुल मीठी नहीं होती, फिर भी वह लगभग पूरी कार्बोहाइड्रेट है।
प्र4.
आपके विचार से सर्दियों में पारंपरिक आहार के रूप में हम लड्डू खाना क्यों पसंद करते हैं?
उत्तर

क्योंकि सर्दियों के लड्डू में वसा और कार्बोहाइड्रेट — दोनों ऊर्जा प्रदायी घटक — भरपूर होते हैं, और ठंड में शरीर को गर्म बने रहने के लिए अधिक ऊर्जा चाहिए।

ऐसे लड्डू की मुख्य सामग्री: बेसन या आटा, घी, गुड़ या चीनी, गोंद तथा अनेक प्रकार के मेवे और बीज — बादाम, काजू, तिल, कद्दू के बीज।

सामग्रीमुख्य रूप से क्या देती है
बेसन / आटाकार्बोहाइड्रेट तथा कुछ प्रोटीन
घीवसा — संग्रहित ऊर्जा का स्रोत
गुड़कार्बोहाइड्रेट तथा कुछ आयरन
मेवे और बीज (तिल, बादाम, काजू)वसा और प्रोटीन; कैल्सियम व आयरन जैसे खनिज भी
वसा ही विशेष रूप से क्यों: वसा ऊर्जा का संग्रहित स्रोत है और समान मात्रा में कार्बोहाइड्रेट से अधिक ऊर्जा देती है। सर्दियों में शरीर की ऊष्मा ठंडी हवा में तेज़ी से निकलती है और शरीर को अधिक ऊष्मा बनानी पड़ती है — इसलिए वसा समृद्ध आहार वास्तव में उपयोगी है। मिष्टी की दादी ने भी यही कहा कि घी और मेवे से भरपूर लड्डू शरीर को गरम रखने के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं।
क्या आप जानते हैं? यही विचार पूरे भारत में दिखता है — मकर संक्रांति के तिल-गुड़ के लड्डू, उत्तर भारत में गोंद के लड्डू, पंजाब में पिन्नी और महाराष्ट्र में चिक्की। ध्रुवीय भालू भी यही करता है — त्वचा के नीचे जमा वसा उसे महीनों की शीत निष्क्रियता में बिना खाए जीवित रखती है।
प्र5.
कार्बोहाइड्रेट और वसा से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थों की पहचान कीजिए।
उत्तर

अपनी रसोई में देखिए — अधिकांश वस्तुएँ इन्हीं दो सूचियों में आ जाएँगी।

कार्बोहाइड्रेट समृद्धवसा समृद्ध
अनाज और मिलेट: चावल, गेहूँ, मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी, सांवातेल और घी: सरसों, मूँगफली, नारियल और सूरजमुखी का तेल, घी
जड़ें और कंद: आलू, शकरकंद, अरबी, कसावा, चुकंदरमेवे: मूँगफली, बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता, नारियल
फल: केला, आम, अनानास, चीकू, अंगूर, खजूरबीज: तिल, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, अलसी
मीठे पदार्थ: चीनी, गुड़, शहद, ग्लूकोसजंतु स्रोत: मक्खन, मलाई, चीज़, अंडे की जर्दी, मछली
उत्पाद: ब्रेड, रोटी, पोहा, सेवइयाँ, साबूदानाअन्य: सोयाबीन, सरसों के बीज, खोया
दोनों ऊर्जा प्रदायी भोजन कहलाते हैं: कार्बोहाइड्रेट और वसा हमें विभिन्न गतिविधियाँ करने के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं। कार्बोहाइड्रेट प्रतिदिन की तुरंत खर्च होने वाली ऊर्जा देते हैं, जबकि वसा शरीर का दीर्घकालिक ऊर्जा भंडार है।
स्वयं जाँचिए: मूँगफली और नारियल क्रियाकलाप 3.6 में फिर आएँगे — कागज पर दबाइए और तैलीय धब्बा सिद्ध कर देगा कि वसा सचमुच है।
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