कुतूहल अध्याय 3 क्रियाकलाप 3.6

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्रियाकलाप 3.5 में मंड की उपस्थिति का पता लगाने के लिए आपने जिन खाद्य पदार्थों का परीक्षण किया था, उन्हीं की छोटी-सी मात्रा लें। प्रत्येक खाद्य पदार्थ के एक छोटे भाग को कागज के अलग-अलग टुकड़ों पर रखें। खाद्य पदार्थ पर कागज को लपेटें और उसे दबाएँ। यदि खाद्य पदार्थ में कुछ पानी है, तो कागज को सूखने दें। क्या कागज पर किसी प्रकार का तैलीय धब्बा बन जाता है? आपके अनुसार इस तैलीय धब्बे के आने का कारण क्या है?
उत्तर

हाँ, कुछ पदार्थ तैलीय धब्बा छोड़ते हैं — और इसका कारण उनमें उपस्थित वसा है।

एक पंक्ति में परीक्षण: अभिकर्मक — कोई नहीं, केवल सादा कागज; परिणाम — चिकना, पारभासी धब्बा जो सूखने पर भी नहीं जाता।

 क्या होता है
धनात्मक परिणामस्थायी तैलीय धब्बा बनता है; वहाँ कागज गहरा और अर्धपारदर्शी दिखता है → वसा उपस्थित है
ऋणात्मक परिणामकागज गीला भले हो जाए, सूखने पर पूरी तरह साफ और अपारदर्शी हो जाता है → वसा अनुपस्थित है

धब्बा क्यों बनता है: दबाने पर आहार में से थोड़ी वसा (तेल, घी या मक्खन) निकलकर कागज में समा जाती है। वसा जल की भाँति वाष्पित नहीं होती, इसलिए कागज सूख जाने पर भी धब्बा बना रहता है।

कागज को सुखाना क्यों आवश्यक है: खीरे जैसे जलयुक्त पदार्थ से भी कागज गीला और गहरा दिखता है, जिसे वसा समझ लेने की भूल हो सकती है। जल कुछ ही मिनटों में उड़ जाता है और कागज साफ हो जाता है, जबकि तैलीय धब्बा नहीं जाता। सुखाना ही इस परीक्षण को निष्पक्ष बनाता है।
प्र2.
अब कागज को प्रकाश के सामने लाइए। क्या आपको इस धब्बे से होकर आने वाला प्रकाश धुंधला दिखाई देता है?
उत्तर

हाँ। जहाँ वसा समाई है वहाँ कागज पारभासी हो जाता है — खिड़की का प्रकाश उस स्थान से धुंधला-सा आर-पार दिखता है, जबकि शेष कागज अपारदर्शी बना रहता है।

सूखा कागज → प्रकाश रुकता और बिखरता है → कागज अपारदर्शी और सफेद दिखता है
वसा से भीगा कागज → रेशों के बीच की सूक्ष्म वायु-रिक्तियाँ तेल से भर जाती हैं → बिखराव कम → प्रकाश आर-पार जाता है और धब्बा चमकता है
यह दूसरा चरण क्यों आवश्यक है: कागज पर निशान तो किसी टुकड़े या दाग से भी बन सकता है। प्रकाश के सामने रखना ही पुष्टि करता है — केवल वसा वाला धब्बा पारभासी होता है। अतः पूरा धनात्मक परिणाम है — चिकना धब्बा जिससे प्रकाश आर-पार दिखे
स्वयं जाँचिए: अखबार के एक कोने पर सरसों का तेल और दूसरे कोने पर जल की बूँद डालिए। दस मिनट बाद उसे खिड़की के सामने रखिए। तेल वाला कोना चमकता है; जल वाला कोना बिना कोई निशान छोड़े गायब हो जाता है।
प्र3.
कागज पर तैलीय धब्बा खाद्य पदार्थ में वसा की उपस्थिति दर्शाता है। इनमें से किन पदार्थों में वसा होती है? अपने अवलोकनों को तालिका 3.3 में अंकित करें।
उत्तर

तालिका 3.3 के वसा वाले दोनों स्तंभ भरिए — पहले अपना अनुमान, फिर अवलोकन। अनुमान पहले लिखना इस क्रियाकलाप का अंग है; इसी से पता चलता है कि आपका अनुमान सही था या नहीं।

खाद्य पदार्थअनुमान (हाँ/नहीं)अवलोकन — तैलीय धब्बा?वसा उपस्थित? (हाँ/नहीं)
आलूनहींकागज नम होता है, सूखकर साफ हो जाता हैनहीं
खीरानहींगीला निशान, जो पूरी तरह सूख जाता हैनहीं
उबले चावलनहींसूखने के बाद कोई चिकना निशान नहींनहीं
उबले चनेनहींलगभग कोई धब्बा नहींनहीं (नाममात्र)
मूँगफलीहाँस्पष्ट पारभासी धब्बाहाँ
रोटी या ब्रेडनहींसादी ब्रेड धब्बा नहीं छोड़ती; घी लगी रोटी छोड़ती हैनहीं (घी या तेल लगा हो तो हाँ)
मक्खनहाँबड़ा चमकीला पारभासी धब्बाहाँ
नारियलहाँस्पष्ट तैलीय धब्बाहाँ
तेलहाँतुरंत फैलता हुआ पारभासी धब्बाहाँ
इस प्रवृत्ति से क्या पता चलता है: वसा समृद्ध पदार्थ मेवे, बीज, तेल और दुग्ध वसा हैं — मूँगफली, नारियल, मक्खन, तेल। मंड वाले पदार्थों — आलू, चावल, ब्रेड — में वसा लगभग नहीं होती। इसीलिए केवल रोटी-चावल का आहार ऊर्जा तो देता है पर संग्रहित ऊर्जा नहीं, और उसमें थोड़ा घी या कुछ मूँगफली जोड़ी जाती है।
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