प्र1.
क्या सभी व्यक्तियों की पोषण संबंधी आवश्यकताएँ समान होती हैं? क्या आपको और आपके दादा-दादी या नाना-नानी को एक ही प्रकार के या समान मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है?
उत्तर
नहीं। पोषक तत्वों के प्रकार सबके लिए समान हैं, पर मात्रा समान नहीं। आहार में पोषक तत्वों के प्रकार और मात्रा की आवश्यकता आयु, लिंग, शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य स्थिति और जीवनशैली के अनुसार अलग-अलग होती है।
| व्यक्ति | किसकी अधिक आवश्यकता | क्यों |
|---|---|---|
| बढ़ता बच्चा (आप) | प्रोटीन, कैल्सियम, आयरन, ऊर्जा | शरीर अभी बढ़ रहा है — नई अस्थियाँ, मांसपेशियाँ और रक्त बन रहे हैं |
| दादा-दादी | कैल्सियम, विटामिन D, रूक्षांश; तेल और शर्करा कम | आयु के साथ अस्थियाँ दुर्बल होती हैं, पाचन धीमा होता है और शारीरिक श्रम कम होता है |
| किसान या खिलाड़ी | कहीं अधिक ऊर्जा और प्रोटीन; पर्याप्त जल | भारी शारीरिक श्रम में बहुत ऊर्जा खर्च होती है और मांसपेशियाँ बनती हैं |
| कार्यालय में काम करने वाला | मध्यम ऊर्जा, अधिक साग-भाजी और फल | बैठकर काम करने में ऊर्जा कम खर्च होती है; अतिरिक्त आहार वसा बनकर जमा होता है |
| रोग से उबरता व्यक्ति | प्रोटीन, विटामिन, तरल पदार्थ | शरीर को स्वयं की मरम्मत करनी होती है |
इसके पीछे का नियम: आहार ऊर्जा और निर्माण सामग्री देता है। जो अधिक खर्च करता है या अभी बन रहा है उसे अधिक चाहिए; जो कम खर्च करता है उसे कम। आवश्यकता से बहुत अधिक खाने से मोटापा और बहुत कम खाने से दुर्बलता तथा अभावजन्य रोग होते हैं।
सुझाव: आहार की गुणवत्ता सबके लिए समान होनी चाहिए — प्रत्येक थाली में सभी पोषक तत्व चाहिए। केवल मात्रा व्यक्ति के अनुसार बदलती है।