चित्र 5.18 में दर्शाए गए बच्चों का पार्क देखिए अथवा किसी बच्चों के पार्क का भ्रमण कीजिए। विभिन्न प्रकार की गति पर ध्यान दीजिए। उनका सरल रेखीय, वृत्तीय एवं दोलन-गति में वर्गीकरण कीजिए। तालिका 5.4 में सभी गति सूचीबद्ध कीजिए। आपने किसी गति को किसी विशेष वर्ग में क्यों रखा? इसका औचित्य बताइए।
उत्तर
प्रत्येक वस्तु का पथ देखिए, उत्तर तुरंत मिल जाएगा।
गति के तीन प्रकार — सरल रेखीय पथ, वृत्तीय पथ, तथा किसी नियत स्थिति के इधर-उधर का पथ।
तालिका 5.4— गति के प्रकार
वस्तु
सरल रेखीय गति
वृत्तीय गति
दोलन-गति
झूला
नियत बिंदु के इधर-उधर गति
सी-सॉ (ऊँच-नीच)
दोनों सिरे बीच के आधार के इधर-उधर ऊपर-नीचे होते हैं
घूमने वाला हिंडोला
केंद्रीय खंभे के चारों ओर गोल-गोल घूमता है
फिसलपट्टी से नीचे आता बच्चा
फिसलपट्टी की सीधी ढलान के अनुदिश फिसलता है
सीढ़ी चढ़ता बच्चा
पायदान-दर-पायदान सीधे ऊपर जाता है
घुमाई जाती रस्सी (रस्सी-कूद)
रस्सी बच्चे के हाथों के चारों ओर गोल-गोल घूमती है
छड़ों पर लटककर झूलता बच्चा
शरीर पकड़ी हुई छड़ के इधर-उधर झूलता है
औचित्य कैसे लिखें: वस्तु का नहीं, पथ का नाम लीजिए। “सी-सॉ दोलन-गति में है क्योंकि उसका प्रत्येक सिरा बीच के नियत आधार के इधर-उधर बार-बार ऊपर-नीचे होता है” — यह औचित्य है; “सी-सॉ दोलन-गति में है क्योंकि वह सी-सॉ है” — यह औचित्य नहीं।
संकेत: एक ही वस्तु दो स्तंभों में आ सकती है। रस्सी कूदता बच्चा ऊपर-नीचे होता है (दोलन-गति) जबकि रस्सी गोल-गोल घूमती है (वृत्तीय गति)। आप किस भाग की बात कर रहे हैं, यह अवश्य लिखिए।
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