कुतूहल अध्याय 5 आइए, और अधिक सीखें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
तालिका 5.5 के स्तंभ I में दी गई लंबाइयों का उनके मापन के लिए स्तंभ II में दिए गए मात्रकों में से उपयुक्त मात्रक से मिलान कीजिए।
उत्तर

वही मात्रक चुनिए जो उस लंबाई के लिए छोटी एवं सरल संख्या दे।

स्तंभ Iमिलान (स्तंभ II)सामान्य मानयही मात्रक क्यों
दिल्ली एवं लखनऊ के बीच की दूरीकिलोमीटर≈ 500 kmमीटर में यह 5,00,000 m होगा — बहुत बड़ी संख्या
सिक्के की मोटाईमिलीमीटर≈ 2 mmसेंटीमीटर में केवल 0.2 cm; mm में पूर्ण संख्या मिलती है
रबड़ (इरेजर) की लंबाईसेंटीमीटर≈ 4 cm15 cm पैमाने पर सुविधा से मापी जा सकती है
विद्यालय के मैदान की लंबाईमीटर≈ 100 mkm में यह 0.1 km होगा — असुविधाजनक दशमलव
रूपांतरण गुणकों से जाँचिए:
500 km = 500 × 1000 m = 5,00,000 m  (1 km = 1000 m)
2 mm = 2 × 0.1 cm = 0.2 cm  (1 mm = 0.1 cm)
100 m = 100 ÷ 1000 km = 0.1 km
सरल नियम: वही मात्रक चुनिए जिससे संख्या लगभग 1 से 1000 के बीच आए। इसीलिए हम 500 km कहते हैं, 5,00,000 m नहीं — और 2 mm कहते हैं, 0.002 m नहीं।
प्र2.
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए एवं सत्य कथन के सामने ‘सत्य’ एवं असत्य कथन के सामने ‘असत्य’ लिखिए। (क) एक सीधी सड़क पर चलती कार की गति सरल रेखीय गति का उदाहरण है। (ख) कोई वस्तु यदि समय के साथ किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो वह गति में है। (ग) 1 km = 100 cm
उत्तर
कथनसत्य / असत्य
(क)एक सीधी सड़क पर चलती कार की गति सरल रेखीय गति का उदाहरण है।सत्य
(ख)कोई वस्तु यदि समय के साथ किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो वह गति में है।सत्य
(ग)1 km = 100 cmअसत्य

(क) सत्य। कार का पथ सरल रेखा है, और सरल रेखा के अनुदिश गति को परिभाषा के अनुसार सरल रेखीय गति कहते हैं।

(ख) सत्य। यह ठीक वही परिभाषा है जो आपकी पुस्तक के पृष्ठ 88 पर दी गई है — संदर्भ बिंदु के सापेक्ष स्थिति का समय के साथ परिवर्तन।

(ग) असत्य। रूपांतरण चरण-दर-चरण कीजिए —

1 km = 1000 m  (रूपांतरण गुणक)
1 m = 100 cm  (रूपांतरण गुणक)
∴ 1 km = 1000 × 100 cm
1 km = 1,00,000 cm (एक लाख सेंटीमीटर)

अतः कथन 1000 गुना गलत है। सही संक्षिप्त कथन है — 1 m = 100 cm

भूल कहाँ से आती है: विद्यार्थी “100” को सेंटीमीटर के साथ याद रखते हैं और उसे गलत मात्रक से जोड़ देते हैं। यह शृंखला मन में बैठा लीजिए, फिर कभी भूल नहीं होगी — km → m में ×1000, m → cm में ×100, cm → mm में ×10।
प्र3.
निम्न में से कौन-सा लंबाई मापने का मानक मात्रक नहीं है? (क) मिलीमीटर (ख) सेंटीमीटर (ग) किलोमीटर (घ) बालिश्त
उत्तर

उत्तर: (घ) बालिश्त।

विकल्पमानक?कारण
(क) मिलीमीटरमानकमीटर का नियत भाग; 1 mm = 0.1 cm संसार भर में एक-सा
(ख) सेंटीमीटरमानक1 m = 100 cm, सबके लिए एक समान
(ग) किलोमीटरमानक1 km = 1000 m, सबके लिए एक समान
(घ) बालिश्तमानक नहींइसकी माप इस पर निर्भर है कि हाथ किसका है — दीपा, अनीश और हरदीप को एक ही मेज के लिए भिन्न संख्याएँ मिलीं
मानक मात्रक किसे कहते हैं: मानक मात्रक वह है जो एक ही मान दे चाहे कोई भी मापे, कहीं भी मापे और कभी भी मापे। mm, cm एवं km — तीनों SI मीटर के नियत भाग हैं। बालिश्त शरीर का माप है, अतः व्यक्ति-व्यक्ति में बदलता है — इसीलिए तालिका 5.1 में पाँच अलग-अलग उत्तर मिले।
संकेत: पैर, हाथ, अँगुल एवं कदम — ये सभी बालिश्त वाले अ-मानक परिवार के ही मात्रक हैं, चाहे मोटे अनुमान के लिए कितने ही उपयोगी क्यों न हों।
प्र4.
अपने घर एवं विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न पैमाने अथवा मापन फीते लीजिए। इन सभी पैमानों में से प्रत्येक द्वारा मापे जा सकने वाले लघुतम मान को ज्ञात कीजिए। अपने प्रेक्षणों को तालिका में लिखिए।
उत्तर

विधि। प्रत्येक उपकरण पर दो पास-पास के अंकनों के बीच का अंतराल देखिए। वही उस उपकरण से मापा जा सकने वाला लघुतम मान है — इसे अल्पतमांक कहते हैं।

अल्पतमांक = दो बड़े अंकनों के बीच की दूरी ÷ उनके बीच के छोटे भागों की संख्या
15 cm पैमाने पर: 1 cm ÷ 10 = 0.1 cm = 1 mm

नीचे भरी हुई तालिका है। घर एवं विद्यालय में जो उपकरण आपको वास्तव में मिलें, उन्हीं को लिखिए।

पैमाना / मापन उपकरणअधिकतम कितनी लंबाई माप सकता हैलघुतम मान
15 cm प्लास्टिक पैमाना (ज्यामिति बॉक्स)15 cm1 mm = 0.1 cm
30 cm प्लास्टिक पैमाना30 cm1 mm
लकड़ी का मीटर पैमाना (श्यामपट्ट वाला)100 cm = 1 m1 mm
दर्जी का कपड़े वाला मापन-फीता150 cm1 mm (कुछ में केवल 0.5 cm)
बढ़ई का स्टील मापन-फीता3 m या 5 m1 mm
खेल के मैदान के लिए लंबा फीता30 m1 cm
केवल सेंटीमीटर में अंकित फीता150 cm1 cm
लघुतम मान क्यों महत्वपूर्ण है: आप उपकरण की सीमा से अधिक सूक्ष्म लंबाई नहीं लिख सकते। 15 cm पैमाने से पेंसिल की लंबाई 17.2 cm लिखी जा सकती है, 17.24 cm कभी नहीं — पैमाने पर वहाँ कोई अंकन ही नहीं है। यह भी ध्यान दीजिए कि 30 m का लंबा फीता अधिक स्थूल है: लंबी दूरियों के लिए बने उपकरणों के विभाजन प्रायः बड़े होते हैं।
संकेत: छोटे भाग ध्यान से गिनिए। यदि 1 cm में 10 छोटे अंतराल हैं तो अल्पतमांक 1 mm है; यदि केवल 2 हैं तो 5 mm।
प्र5.
मान लीजिए आपके विद्यालय एवं घर के बीच की दूरी 1.5 km है। इसे मीटर में व्यक्त कीजिए।
उत्तर

रूपांतरण गुणक 1 km = 1000 m का उपयोग कर गुणा कीजिए।

दूरी = 1.5 km
1 km = 1000 m  (रूपांतरण गुणक)
∴ 1.5 km = 1.5 × 1000 m
दूरी = 1500 m

दूसरी विधि से जाँचिए। 1.5 km अर्थात् 1 km और आधा किलोमीटर —

1 km = 1000 m
0.5 km = 1000 ÷ 2 = 500 m
कुल = 1000 m + 500 m = 1500 m

यही दूरी अन्य मात्रकों में —

मात्रकगणनामान
मीटर1.5 × 10001500 m
सेंटीमीटर1500 × 1001,50,000 cm
मिलीमीटर1,50,000 × 1015,00,000 mm
गुणा क्यों, भाग क्यों नहीं: मीटर किलोमीटर से छोटा मात्रक है, अतः उतनी ही दूरी तय करने में उनकी संख्या अधिक लगेगी। बड़े मात्रक से छोटे मात्रक में जाने पर संख्या सदैव बढ़ती है।
संकेत: तुरंत जाँच — 1500 m की संख्या 1.5 से बड़ी है। यदि उत्तर 0.0015 आता तो आप तुरंत जान जाते कि भूल से भाग कर दिया है।
प्र6.
एक गिलास या बोतल लीजिए। गिलास या बोतल के तल के वक्र भाग की लंबाई मापिए और लिखिए।
उत्तर

तल वृत्ताकार है, अतः कठोर पैमाना उसके अनुदिश नहीं रखा जा सकता। चित्र 5.8 वाली धागे की विधि अपनाइए।

चरण:

  1. ऐसा धागा लीजिए जो खिंचे नहीं। उसके एक सिरे के पास स्याही से छोटा निशान लगाइए।
  2. धागे को गिलास के तल पर ठीक एक बार लपेटिए — कसकर, पर खींचकर नहीं।
  3. जहाँ धागा पहले निशान से मिले, वहाँ दूसरा निशान लगाइए।
  4. धागा उतारकर, सीधा करके, निशान तक की लंबाई 15 cm या मीटर पैमाने से मापिए।
  5. दो बार और दोहराइए और बीच वाला मान लीजिए।

एक नमूना प्रेक्षण (अपना गिलास स्वयं मापिए — मान भिन्न होंगे):

प्रयासधागे की लंबाई
121.9 cm
222.1 cm
322.0 cm
लिखा गया मान22.0 cm = 220 mm = 0.220 m
तल की चौड़ाई से जाँच:
पैमाने से मापा गया तल का व्यास = 7.0 cm
वृत्त के चारों ओर की लंबाई = 3.14 × व्यास
= 3.14 × 7.0 cm = 21.98 cm ≈ 22.0 cm
धागा खिंचना क्यों नहीं चाहिए: खिंचे हुए धागे को घेरा पूरा करने में अधिक लंबाई चाहिए, अतः पाठ्यांक बड़ा आ जाता है। सूती या जूट का धागा सर्वोत्तम है; रबड़ बैंड सबसे बुरा विकल्प है।
संकेत: धागा केवल एक बार लपेटिए। यदि भूल से दो बार लिपट गया तो लगभग 44 cm मिलेगा, जिसे आधा करना पड़ेगा।
प्र7.
अपने दोस्त की लंबाई मापिए और उसे मीटर, सेंटीमीटर एवं मिलीमीटर में व्यक्त कीजिए।
उत्तर

विधि। अपने मित्र को बिना जूतों के दीवार से सटकर सीधा खड़ा कीजिए — एड़ियाँ दीवार से लगी हों और दृष्टि सामने हो। सिर पर एक पुस्तक समतल रखिए, जो दीवार को छूती हो, और पुस्तक के निचले किनारे पर दीवार पर निशान लगाइए। फ़र्श से निशान तक की दूरी मीटर पैमाने या मापन-फीते से मापिए।

मान लीजिए निशान 142 cm पर है। तब —

किसमें पूछा गयाप्रयुक्त रूपांतरण गुणकगणनाउत्तर
सेंटीमीटर मेंसीधे मापा गया142 cm
मीटर में1 m = 100 cm142 ÷ 1001.42 m
मिलीमीटर में1 cm = 10 mm142 × 101420 mm
लंबाई = 142 cm
मीटर में: 142 cm ÷ 100 = 1.42 m
मिलीमीटर में: 142 cm × 10 = 1420 mm
जाँच: 1.42 m × 1000 mm/m = 1420 mm

अपने मित्र को मापकर अपना मान लिखिए। कक्षा 6 के अधिकांश विद्यार्थी 1.30 m से 1.55 m के बीच होते हैं।

प्रत्येक रूपांतरण की दिशा देखिए: cm → m में हम बड़े मात्रक की ओर जाते हैं, अतः भाग करते हैं और संख्या छोटी होती है (142 → 1.42)। cm → mm में छोटे मात्रक की ओर जाते हैं, अतः गुणा करते हैं और संख्या बड़ी होती है (142 → 1420)। लंबाई स्वयं कभी नहीं बदली।
संकेत: पुस्तक क्षैतिज रखिए। तिरछी होने पर निशान ऊँचा लग जाएगा और तीनों उत्तर एक साथ गलत हो जाएँगे।
प्र8.
आपको एक सिक्का दिया गया है। अनुमान लगाइए कि किसी पुस्तिका के एक ओर के पूरे किनारे पर कोई रिक्त स्थान छोड़े बिना एक के बाद एक रखने पर कितने सिक्कों की आवश्यकता होगी? पुस्तिका के उसी किनारे और सिक्के को 15 cm के पैमाने पर मापकर अपने अनुमान का सत्यापन भी कीजिए।
उत्तर

चरण 1 — पहले अनुमान लगाइए। बिना मापे सिक्के और पुस्तिका को देखकर अंदाज़ा लगाइए। ₹5 का सिक्का लगभग अँगूठे के नाखून जितना चौड़ा है और पुस्तिका का लंबा किनारा लगभग आपकी कलाई से कोहनी तक — अतः लगभग 10 सिक्के का अनुमान उचित है।

चरण 2 — 15 cm पैमाने से दोनों को मापिए।

क्या मापाकैसेमान
₹5 के सिक्के का व्याससिक्का पैमाने पर रखकर उसके सबसे चौड़े भाग का पाठ्यांक2.5 cm
पुस्तिका का लंबा किनारापैमाना केवल 15 cm का है, अतः 15.0 cm मापकर निशान लगाइए, फिर शेष मापिए15.0 cm + 9.0 cm = 24.0 cm

चरण 3 — गणना कीजिए।

सिक्कों की संख्या = किनारे की लंबाई ÷ एक सिक्के का व्यास
= 24.0 cm ÷ 2.5 cm
= 9.6
सिक्का काटा नहीं जा सकता, अतः 9 पूरे सिक्के रखे जा सकते हैं।
9 सिक्कों से ढकी लंबाई = 9 × 2.5 cm = 22.5 cm
बचा हुआ स्थान = 24.0 cm − 22.5 cm = 1.5 cm

चरण 4 — सत्यापन। अब वास्तव में 9 सिक्के किनारे पर एक-दूसरे से सटाकर रखिए। वे कोने से लगभग 1.5 cm पहले ही समाप्त हो जाएँगे — ठीक वैसा ही जैसा गणना में आया। दसवें सिक्के को 2.5 cm चाहिए और केवल 1.5 cm बचा है, अतः वह नहीं आएगा।

उत्तर 9 है, 10 क्यों नहीं: भाग करने पर 9.6 आया, और 0.6 सिक्का जैसी कोई वस्तु होती नहीं। जब पूरी वस्तुएँ किसी स्थान के भीतर रखनी हों, तो सदैव परिणाम से नीचे वाली पूर्ण संख्या ली जाती है।
यह करके देखिए: ₹1 के सिक्के (व्यास लगभग 2.0 cm) से दोहराइए। अब 24.0 ÷ 2.0 = ठीक 12 सिक्के। छोटे सिक्के से उतनी ही लंबाई ढकने में अधिक सिक्के लगते हैं — वही “छोटा मात्रक, बड़ी संख्या” का नियम जो आपने mm और cm में देखा था।
प्र9.
सरल रेखीय, वृत्तीय एवं दोलन-गति के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर
गति का प्रकारउदाहरण 1उदाहरण 2पहचान का आधार
सरल रेखीय गतिसीधी सड़क पर चलती कारऊँचाई से गिराई गई रबड़पथ सरल रेखा है
वृत्तीय गतिचलते पंखे के ब्लेडघूमने वाले हिंडोले पर बैठा बच्चापथ वृत्त है, बार-बार दोहराया जाता है
दोलन-गतिझूले पर झूलता बच्चादीवार घड़ी का लोलकपथ किसी नियत स्थिति के इधर-उधर है

इनके स्थान पर ये उदाहरण भी दिए जा सकते हैं:

  • सरल रेखीय — ऊपर जाती लिफ़्ट; 100 m दौड़ का धावक; धकेला जाता भारी बॉक्स; सीधी पटरी पर चलती रेलगाड़ी।
  • वृत्तीय — धागे से बँधी घुमाई जाती रबड़; घड़ी की सुइयाँ; चलती साइकिल के पहिए; कुम्हार का चाक।
  • दोलन-गति — सी-सॉ; मेज़ पर दबाई गई धातु की पट्टी; सिलाई मशीन की सुई; हवा में झूलती वृक्ष की डाल।
याद रखिए: वृत्तीय और दोलन — दोनों गतियाँ आवर्ती हैं, अर्थात् वस्तु एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपना पथ दोहराती है। सरल रेखीय गति आवर्ती नहीं होती, क्योंकि वस्तु आगे बढ़ती जाती है और उसी पथ पर लौटती नहीं।
प्र10.
अपने चारों ओर की विभिन्न वस्तुओं पर ध्यान दीजिए। कुछ वस्तुओं की लंबाई को mm में, कुछ की cm में और कुछ की m में व्यक्त करना आसान होता है। प्रत्येक श्रेणी में 3 वस्तुओं की सूची बनाइए एवं तालिका 5.6 में लिखिए।
उत्तर

वही मात्रक चुनिए जिससे संख्या छोटी और कहने में सरल हो।

लंबाई का उपयुक्त मात्रकमापनीय वस्तुलगभग लंबाई
mmसिक्के की मोटाई
पेंसिल के सीसे की मोटाई
चावल के एक दाने की लंबाई
2 mm
0.7 mm
7 mm
cmरबड़ (इरेजर) की लंबाई
चॉक की लंबाई
मोबाइल फोन की चौड़ाई
4 cm
8 cm
7 cm
mदरवाज़े की ऊँचाई
कक्षा-कक्ष की लंबाई
अपने शिक्षक की ऊँचाई
2 m
8 m
1.6 m

गलत मात्रक लेने पर क्या होता है, देखिए — लंबाई वही रहती है, पर संख्या असुविधाजनक हो जाती है —

सिक्के की मोटाई = 2 mm = 0.2 cm = 0.002 m
दरवाज़े की ऊँचाई = 2 m = 200 cm = 2000 mm
सामान्य नियम: एक सेंटीमीटर से पतली वस्तुओं के लिए mm, मेज़ पर आ जाने वाली वस्तुओं के लिए cm, और कमरे या व्यक्ति जितनी बड़ी वस्तुओं के लिए m। कुछ सौ मीटर से आगे की दूरियों के लिए km पर चले जाइए।
यह करके देखिए: जो वस्तुएँ आपने सूचीबद्ध कीं, उन्हें मापिए और प्रत्येक लंबाई तीनों मात्रकों में लिखिए। तुरंत दिख जाएगा कि तीनों में से एक ही स्वाभाविक चुनाव है।
प्र11.
एक रोलर कोस्टर का ट्रैक चित्र 5.19 में दिखाए गए आकार में बनाया गया है। एक गेंद बिंदु ‘क’ से प्रारंभ होती है और बिंदु ‘च’ से निकल जाती है। रोलर कोस्टर पर गेंद की गति के प्रकार और ट्रैक के संगत भागों की पहचान कीजिए।
उत्तर

गेंद का ‘क’ से ‘च’ तक अनुसरण कीजिए और प्रत्येक भाग में ट्रैक का आकार देखिए।

क → ख : सरल रेखीय गति ख → ग → घ → ङ : वृत्तीय गति ङ → च : सरल रेखीय गति
रोलर कोस्टर ट्रैक (चित्र 5.19 के अनुसार)। सीधी ढलान एवं सीधा निकास भाग सरल रेखीय गति देते हैं; लूप वृत्तीय गति देता है।
ट्रैक का भागउस भाग का आकारगति का प्रकार
क से खसीधी ढलान वाला भागसरल रेखीय गति
ख से ग से घ से ङपूरा लूप — वृत्तीय पथवृत्तीय गति
ङ से चसीधा क्षैतिज निकास भागसरल रेखीय गति

अर्थात् एक ही यात्रा में गेंद दो प्रकार की गति दिखाती है — दोनों सीधे भागों पर सरल रेखीय और लूप पर वृत्तीय।

लूप वृत्तीय क्यों है, दोलन क्यों नहीं: गेंद पूरा चक्कर लगाकर दूसरी ओर निकल जाती है; वह उसी पथ पर वापस नहीं मुड़ती। दोलन-गति में वस्तु को उसी पथ पर इधर-उधर लौटना अनिवार्य है।
संकेत: गेंद ‘ग’ पर सबसे तेज़ (सबसे नीचे) और ‘घ’ पर सबसे धीमी (लूप के शीर्ष पर) होती है। पूरी यात्रा में चाल बदलती रहती है, परंतु गति का प्रकार केवल पथ के आकार से तय होता है।
प्र12.
तस्नीम स्वयं एक मीटर पैमाना बनाना चाहती है। वह उसके लिए निम्नलिखित सामग्री पर विचार करती है— प्लाईवुड, कागज, कपड़ा, लचीली रबड़, स्टील आदि। इनमें से उसे किसका उपयोग नहीं करना चाहिए और क्यों?
उत्तर

उसे कागज, कपड़ा एवं लचीली रबड़ का उपयोग नहीं करना चाहिए। वह प्लाईवुड या स्टील का उपयोग कर सकती है।

सामग्रीउपयोग करें?कारण
लचीली रबड़नहीं — सबसे बुरा विकल्पखींचने पर यह खिंच जाती है। अंकनों की दूरी बढ़ जाती है, अतः 1 m की रबड़ कभी 1 m और कभी 1.2 m बता सकती है। जिस पैमाने की अपनी लंबाई ही बदलती हो, वह व्यर्थ है।
कपड़ानहींकपड़ा भी खींचने पर कुछ खिंचता है, लटकाने पर ढीला पड़ता है, किनारों से उधड़ता है और धुलने पर सिकुड़ जाता है। उसके अंकन एक सेंटीमीटर की दूरी पर टिके नहीं रहेंगे।
कागजनहींकागज सरलता से फट जाता है, मुड़ता है, सलवट पड़ती है, नमी से ऐंठ जाता है और वस्तु से सटाकर सीधा नहीं रखा जा सकता। एक मीटर की कागज़ की पट्टी कठोर नहीं रह पाएगी।
प्लाईवुडहाँकठोर, सीधा एवं मज़बूत; अपनी लंबाई बनाए रखता है। कक्षा के अधिकांश मीटर पैमाने इसी के बनते हैं।
स्टीलहाँ — सर्वोत्तमअत्यंत कठोर; न खिंचता है, न फटता है, न मुड़ता है, और नमी से भी अप्रभावित रहता है, अतः अंकन वर्षों तक सही बने रहते हैं।
कोई पैमाना तभी विश्वसनीय है जब
उसके किन्हीं दो अंकनों के बीच की दूरी कभी न बदले
दर्जी के फीते से अंतर ध्यान दीजिए: दर्जी का फीता जान-बूझकर लचीला बनाया जाता है ताकि वह शरीर के वक्र भाग पर लपेटा जा सके — परंतु वह लेपित कपड़े या फाइबरग्लास का होता है जो बिना खिंचे मुड़ता है। लचीला होना ठीक है; खिंचने वाला होना नहीं।
संकेत: यदि तस्नीम प्लाईवुड लेती है तो पहले उसका किनारा सीधा छीलना चाहिए और फिर अच्छे स्टील पैमाने से पूरे 100 सेंटीमीटर अंकित करने चाहिए — क्योंकि घर पर बना पैमाना उससे अधिक शुद्ध कभी नहीं हो सकता जिससे उसकी नकल की गई है।
प्र13.
अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए लंबाई के मात्रकों के रुपांतरण पर एक कार्ड का खेल (कार्ड गेम) बनाने के संबंध में विचार कीजिए। इसकी योजना बनाइए और इसे विकसित कीजिए।
उत्तर

नीचे एक पूरा खेल दिया है जिसे आप एक कालांश में बना सकते हैं। अपना स्वयं का रूप बनाइए — अंक विचार एवं नियमों के लिए हैं, नकल के लिए नहीं।

नाम: मापक मिलान

सामग्री: पुराने ग्रीटिंग कार्ड या मोटे कागज़ से काटे 40 कार्ड, प्रत्येक लगभग 7 cm × 5 cm, और एक स्केच पेन।

कार्ड बनाना — 20 मिलान-जोड़े। प्रत्येक जोड़े के एक कार्ड पर एक लंबाई लिखिए और दूसरे पर वही लंबाई किसी दूसरे मात्रक में —

कार्ड ककार्ड ख (इसका जोड़ा)प्रयुक्त रूपांतरण
1 km1000 m1 km = 1000 m
2.5 km2500 m× 1000
1 m100 cm1 m = 100 cm
3.5 m350 cm× 100
1 cm10 mm1 cm = 10 mm
7.2 cm72 mm× 10
1 m1000 mm100 × 10
0.5 km500 m× 1000

खेलने की विधि (2 से 4 खिलाड़ी):

  1. चालीसों कार्ड फेंटकर 5 × 8 की जमावट में उल्टे बिछा दीजिए।
  2. बारी-बारी से प्रत्येक खिलाड़ी दो कार्ड पलटकर सबको दिखाता है।
  3. यदि दोनों पर एक ही लंबाई भिन्न मात्रकों में लिखी हो, तो खिलाड़ी को रूपांतरण बोलकर बताना होगा — “2.5 km = 2500 m, क्योंकि 1 km = 1000 m” — और वह जोड़ा रखकर 1 अंक पाता है तथा एक और बारी लेता है।
  4. यदि जोड़ा न मिले या रूपांतरण गलत बोला जाए, तो कार्ड फिर उल्टे रख दिए जाते हैं और बारी अगले खिलाड़ी की हो जाती है।
  5. सभी कार्ड उठ जाने पर खेल समाप्त। सर्वाधिक अंक वाला विजेता।

खेल को कठिन बनाने के दो नियम:

  • चुनौती कार्ड: कोई भी खिलाड़ी बोले गए रूपांतरण को चुनौती दे सकता है। चुनौती सही निकलने पर जोड़ा चुनौती देने वाले को मिलता है।
  • जाल कार्ड: कुछ गलत जोड़े भी बनाइए, जैसे “1 km / 100 cm”। जाल जोड़ा पलटने पर खिलाड़ी का 1 अंक कट जाता है — यही तो प्रश्न 2(ग) वाली भूल है।
यह खेल अच्छा क्यों सिखाता है: हर बार रूपांतरण बोलकर बताना पड़ता है, अतः आप उत्तर रटने के बजाय गुणक (×1000, ×100, ×10) का उपयोग करना सीखते हैं। बीस जोड़ों के बाद km → m → cm → mm की शृंखला अपने आप याद हो जाती है।
यह करके देखिए: एक दूसरा सेट वास्तविक वस्तुओं का बनाइए — “सिक्के की मोटाई” का जोड़ा “2 mm” के साथ, “दरवाज़े की ऊँचाई” का “2 m” के साथ। अब खेल रूपांतरण के साथ-साथ सही मात्रक चुनना भी सिखाएगा।
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