मूल विचार: पट्टी पहिए के प्रत्येक पूरे चक्कर में एक बार फ्रेम से टकराती है। अतः ध्वनियों की संख्या ही चक्करों की संख्या है, और प्रत्येक चक्कर में साइकिल ठीक पहिए की परिधि जितनी आगे बढ़ती है।
तय की गई दूरी = (पहिए की परिधि की लंबाई) × (चक्करों की संख्या)
चरण 1 — पहिए की परिधि मापिए, ठीक चित्र 5.8 की तरह धागे से। धागा टायर पर एक बार लपेटिए, निशान लगाइए, सीधा कीजिए और मीटर पैमाने से मापिए।
मापी गई परिधि = 2 m 10 cm = 2.10 m
चरण 2 — धीरे-धीरे साइकिल चलाइए और ध्वनियाँ गिनिए। मान लीजिए विद्यालय के गेट से बाज़ार तक आपने 500 ध्वनियाँ गिनीं।
चक्करों की संख्या = 500
दूरी = 2.10 m × 500
= 1050 m
किलोमीटर में: 1050 ÷ 1000 = 1.05 km (1 km = 1000 m)
चरण 3 — दूसरी विधि से जाँचिए। उसी रास्ते पर कदम गिनते हुए चलिए। यदि आपका एक कदम 0.6 m का है और आपने 1750 कदम लिए, तो दूरी = 0.6 × 1750 = 1050 m — दोनों उत्तर मेल खाते हैं।
‘जोनेस काउंटर’ क्या है? यह एक छोटा यांत्रिक गणक है जो साइकिल के अगले धुरे पर लगाया जाता है और पहिए से जुड़ा रहता है। ध्वनि करने के बजाय यह प्रत्येक चक्कर पर एक नियत संख्या में — लगभग 23 — गणनाएँ चुपचाप दर्ज करता है, अतः यह चक्कर का अंश भी माप लेता है। सड़क पर होने वाली दौड़ों (जैसे मैराथन) के मार्ग की लंबाई प्रमाणित करने के लिए आधिकारिक रूप से यही उपकरण उपयोग होता है। दौड़ से पहले साइकिल को एक सावधानी से मापी गई दूरी पर चलाकर पता किया जाता है कि एक किलोमीटर में कितनी गणनाएँ होती हैं, और फिर पूरे मार्ग पर चलाया जाता है।
यह विधि इतनी शुद्ध क्यों है: परिधि एक बार मापने में जो त्रुटि (मान लीजिए 210 cm में 1 cm) आती है, वह चलाते समय बढ़ती नहीं। 500 चक्कर गिनने का अर्थ है कि पहिए ने वही माप 500 बार दोहराया — 1050 m सड़क पर फीता घसीटने से यह कहीं बेहतर है।
संकेत: टायर में हवा ठीक से भरी रखिए और सीधे रास्ते पर गिनिए। हवा कम होने पर टायर की परिधि कुछ घट जाती है, अतः प्रत्येक चक्कर में कम दूरी तय होती है और आपका कुल उत्तर अधिक आ जाता है।