प्र1.
अनीश और उसके माता-पिता ने घर में उत्सव के अवसर पर सजावट के लिए विद्युत बल्बों की लड़ी लगाई जैसा कि चित्र 5.7 में दिखाया गया है। उन्होंने लड़ी की आवश्यक लंबाई का मापन कैसे किया होगा?
उत्तर
मेहराबें वक्र हैं, अतः कठोर मीटर पैमाना काम नहीं आएगा। उन्होंने वक्र को धागे से (या लचीले मापन-फीते से) मापा होगा और फिर धागे को सीधा करके मीटर पैमाने पर मापा होगा।
धागे की विधि, चरण-दर-चरण:
- धागे के एक सिरे पर गाँठ लगाइए और उसे पहली मेहराब के आरंभ-बिंदु पर पकड़िए।
- धागे को अँगुलियों से मेहराब के अनुदिश दबाइए ताकि वह वक्र का ठीक-ठीक अनुसरण करे — न खिंचे और न ढीला रहे (चित्र 5.8)।
- जहाँ मेहराब समाप्त हो, वहाँ धागे पर पेन से निशान लगाइए।
- धागे को मेज पर सीधा करके निशान तक की लंबाई मीटर पैमाने से मापिए।
- प्रत्येक मेहराब के लिए दोहराइए और लंबाइयाँ जोड़ दीजिए।
एक हल किया हुआ उदाहरण। मान लीजिए बरामदे में 3 मेहराबें हैं और एक मेहराब का धागा 2 m 40 cm निकलता है —
एक मेहराब की लंबाई = 2 m 40 cm = 2.40 m
मेहराबों की संख्या = 3
कुल = 3 × 2.40 m = 7.20 m
सेंटीमीटर में: 7.20 m × 100 cm/m = 720 cm
झूलने एवं जोड़ने के लिए लगभग 10% अधिक = 7.20 m + 0.72 m ≈ 8 m लड़ी
मेहराबों की संख्या = 3
कुल = 3 × 2.40 m = 7.20 m
सेंटीमीटर में: 7.20 m × 100 cm/m = 720 cm
झूलने एवं जोड़ने के लिए लगभग 10% अधिक = 7.20 m + 0.72 m ≈ 8 m लड़ी
धागा क्यों काम करता है: धागा वक्र का आकार ले लेता है, अतः जितना धागा लगा वही वक्र की लंबाई है। उसे सीधा करने से धागे की मात्रा नहीं बदलती — केवल वक्र लंबाई सीधी लंबाई में बदल जाती है, जिसे पैमाना पढ़ सकता है।
संकेत: ऐसा धागा लीजिए जो खिंचे नहीं — सूती या जूट का, इलास्टिक या नायलॉन का नहीं। मेहराब पर दबाते समय धागा खिंच गया तो उत्तर अधिक आएगा और आवश्यकता से अधिक लड़ी खरीदनी पड़ेगी।