प्र1.
अपने आस-पास दिखाई देने वाली वस्तुओं की एक सूची बनाएँ और उन सामग्रियों के नाम भी तालिका 6.1 में लिखें जिनसे वे बनी हैं।
उत्तर
अपनी कक्षा और घर में चारों ओर देखिए और तालिका 6.1 इस प्रकार भरिए। ध्यान दीजिए कि कुछ वस्तुओं में एक से अधिक सामग्रियाँ लगती हैं।
| तालिका 6.1— सामग्रियों की पहचान करें | |
|---|---|
| मैं अवलोकन करता/करती हूँ | सामग्री/सामग्रियाँ जिनसे वे बनी हैं |
| नोटबुक | कागज (आवरण — मोटा कागज या गत्ता), स्टेपलर की धातु की पिन |
| पेन | प्लास्टिक का ढाँचा, धातु की नोक और स्प्रिंग, स्याही |
| गिलास | स्टील (एक धातु) — अथवा काँच, प्लास्टिक |
| खिड़की का शीशा | काँच, लकड़ी या ऐलुमिनियम के चौखट में जड़ा हुआ |
| मेज और बेंच | लकड़ी, लोहे की कीलें एवं लोहे का ढाँचा |
| जल की बोतल | प्लास्टिक का ढाँचा और ढक्कन (या स्टील) |
| बस्ता | कपड़ा या संश्लिष्ट रेशा, प्लास्टिक की जिप, धातु का बकल |
| स्वेटर | ऊन |
| दीया | पकी हुई मिट्टी (टेराकोटा) |
| चॉक | चॉक का चूर्ण दबाकर बनाई गई छड़ |
| क्रिकेट की गेंद | बीच में कॉर्क, ऊपर लपेटा धागा, चमड़े का आवरण |
| चूड़ी | काँच — अथवा लाख, धातु |
निष्कर्ष: प्रतिदिन के अवलोकनों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि वस्तुएँ विभिन्न सामग्रियों से बनी होती हैं। किसी वस्तु को बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले पदार्थ या पदार्थों के मिश्रण को सामग्री कहते हैं।
क्या आप जानते हैं? भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे प्राचीन मिट्टी के बर्तन 7,000–8,000 वर्ष पुराने हैं — गंगा के मैदानों (लहुरादेवा) और बलूचिस्तान (मेहरगढ़) में मिले हैं। लगभग 4000 सामान्य संवत् पूर्व से सिंधु-सरस्वती क्षेत्र में चाक पर बर्तन बनाना, रंगीन ‘स्लिप’ का लेप और भट्टियों में पकाना आरंभ हुआ। पकी हुई मिट्टी को टेराकोटा कहते हैं। हड़प्पा काल के विशाल भंडारण पात्र आज भी राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में देखे जा सकते हैं।