प्र1.
तालिका 6.3 में उल्लिखित वस्तुओं को एक-एक करके लें। अनुभव करें कि ये वस्तुएँ कठोर हैं या नरम। पता लगाएँ कि वे किस सामग्री से बनी हैं। अपना अवलोकन तालिका 6.3 में लिखें। अपने अवलोकनों की तुलना अपने मित्रों के अवलोकनों से करें और चर्चा करें।
उत्तर
प्रत्येक वस्तु को उँगलियों के बीच दबाइए। यदि वह दब जाए या गड्ढा बने तो नरम है; यदि बिल्कुल न दबे तो कठोर है। पहली पंक्ति आपकी पुस्तक में भरी हुई है — पूरी तालिका यह रही।
| तालिका 6.3— कठोर अथवा नरम वस्तुएँ और सामग्री जिनसे वे बनी हैं | ||
|---|---|---|
| वस्तु | कठोर अथवा नरम | सामग्री |
| ईंट | कठोर | पकी हुई मिट्टी |
| जल की बोतल | कठोर | प्लास्टिक (या स्टील, या काँच) — ढक्कन भी प्लास्टिक का |
| तकिया | नरम | भीतर रुई या फोम, ऊपर कपड़े का खोल |
| गिलास | कठोर | स्टील — या काँच, प्लास्टिक, पकी मिट्टी |
| मेज | कठोर | लकड़ी, लोहे की कीलें और पाए |
| स्वेटर | नरम | ऊन (या ऐक्रिलिक) |
| कोई अन्य — रबड़ | नरम | रबर |
| कोई अन्य — चूड़ी | कठोर | काँच |
| कोई अन्य — स्पंज | नरम | फोम / स्पंज |
| कोई अन्य — तवा | कठोर | लोहा |
कक्षा की चर्चा से क्या निकलता है: ईंट, तकिए और स्वेटर पर प्राय: सब सहमत होते हैं। मतभेद वहीं आता है जहाँ वस्तु भिन्न सामग्रियों की हो सकती है — किसी की जल की बोतल पतले, दबने वाले प्लास्टिक की है (नरम) तो किसी की स्टील की (कठोर)। दोनों सही हैं, क्योंकि वे भिन्न सामग्रियाँ पकड़े हुए थे।
यह मतभेद उपयोगी क्यों है: इससे सिद्ध होता है कि कठोरता सामग्री का गुण है, वस्तु के नाम का नहीं। “बोतल” शब्द से कठोरता का कुछ पता नहीं चलता जब तक यह न जाना जाए कि वह किस सामग्री की है।