कुतूहल अध्याय 6 और भी सीखें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
ऐसी विभिन्न वस्तुओं के बारे में जानकारी एकत्रित करें जिन्हें पुनर्चक्रित किया जा सकता है। आप विभिन्न स्रोतों, जैसे— समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, अपने समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों, इंटरनेट इत्यादि से सहायता ले सकते हैं।
उत्तर

कैसे करें: तीन प्रकार के स्रोतों से जानकारी जुटाइए — समाचार पत्र (कचरा पृथक्करण संबंधी नगरपालिका की सूचनाएँ), मोहल्ले के किसी वरिष्ठ सदस्य या कबाड़ीवाले, और कोई विश्वसनीय वेबसाइट। हर तथ्य के आगे उसका स्रोत लिखिए।

नमूना उत्तर — पुनर्चक्रित की जा सकने वाली सामग्रियाँ:

सामग्रीवस्तुओं के उदाहरणकिसमें बदली जाती है
कागज और गत्तापुराने समाचार पत्र, कॉपियाँ, डिब्बेनया कागज, अंडे की ट्रे, पैकिंग बोर्ड
काँचबोतलें, मर्तबान, टूटे शीशेपिघलाकर नई बोतलें और मर्तबान
धातुएँ — लोहा, ऐलुमिनियम, ताँबा, पीतलपुराने बर्तन, डिब्बे, तार, नल, कीलेंपिघलाकर नई धातु की वस्तुएँ; धातुएँ बार-बार पुनर्चक्रित हो सकती हैं
प्लास्टिकजल और ठंडे पेय की बोतलें, बाल्टियाँ, मगदाने, कपड़े और कालीन का रेशा, नई प्लास्टिक वस्तुएँ
कपड़ा और चिथड़ेपुराने वस्त्र, बोरेसफाई का कपड़ा, धागा, गद्दे की भराई
ई-कचरापुराने फोन, चार्जर, सर्किट बोर्डताँबा, सोना तथा अन्य धातुएँ निकाली जाती हैं
रबरघिसे टायर, चप्पलेंखेल के मैदान की मैट, सड़क बनाने की सामग्री
रसोई (गीला) कचराछिलके, बचा भोजन, पत्तियाँबगीचे के लिए खाद — यह भी पुनर्चक्रण ही है
पुनर्चक्रण गुणों पर क्यों निर्भर है: किसी सामग्री का पुनर्चक्रण तभी संभव है जब उसे पिघलाया, गलाया या तोड़कर फिर से बनाया जा सके और उसके उपयोगी गुण नष्ट न हों। धातुएँ और काँच साफ-साफ पिघल जाते हैं, इसलिए उनका पुनर्चक्रण उत्तम होता है। थर्मोकोल और परतदार रैपर ऐसा नहीं कर पाते, इसीलिए उन्हें कोई नहीं खरीदता।
प्र2.
पुनर्चक्रणकर्ता सामग्रियों के गुणों के आधार पर पुरानी वस्तुएँ खरीदते हैं और भले ही वस्तु टूटी हुई हो तो भी चिंता नहीं करते हैं। अपने आस-पास के पुनर्चक्रणकर्ताओं के साथ एक सर्वेक्षण करें और पता लगाएँ कि घरों से वस्तुओं को खरीदने से पहले वे सामग्रियों के किन गुणों की जाँच करते हैं। वे किन वस्तुओं को नहीं खरीदते और क्यों?
उत्तर

सर्वेक्षण कैसे करें: किसी बड़े के साथ कबाड़ीवाले के पास जाइए, अभिवादन कीजिए, बताइए कि यह विद्यालय की परियोजना है, और पहले से तैयार पाँच-छह प्रश्न पूछिए। उत्तर वहीं तालिका में लिखिए। प्रत्येक सामग्री का प्रति किलोग्राम भाव भी पूछिए और अंत में धन्यवाद कहिए।

साथ ले जाने योग्य प्रश्न: आप क्या-क्या खरीदते हैं? दाम कैसे तय करते हैं? एक धातु को दूसरी से कैसे पहचानते हैं? क्या नहीं लेते और क्यों? आपके बाद सामग्री कहाँ जाती है?

नमूना उत्तर — पुनर्चक्रणकर्ता किन गुणों की जाँच करता है:

जाँचा जाने वाला गुणवह कैसे जाँचता हैउसके लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
वह कौन-सी सामग्री हैदेखकर, ठोंककर आवाज सुनकर, छूकरहर सामग्री का प्रति किलोग्राम भाव अलग होता है
द्रव्यमान (भार)अपने तराजू पर तौलकरवह किलोग्राम के हिसाब से दाम देता है, वस्तु गिनकर नहीं — इसीलिए टूटी वस्तु का भी वही मूल्य है
चुंबक चिपकता है या नहींछोटा चुंबक छुआकरलोहा चिपक जाता है; ताँबा, पीतल और ऐलुमिनियम नहीं चिपकते और कहीं अधिक दाम पाते हैं
रंग और चमकसतह खरोंचकर भीतर की ताजी धातु देखकरलाल आभा = ताँबा, पीली = पीतल, चाँदी जैसी = ऐलुमिनियम या स्टील
साफ और सूखा है या नहींदेखकर और सूँघकरभोजन लगा या तेलीय प्लास्टिक और गीला कागज ठीक से पुनर्चक्रित नहीं होते
सामग्रियाँ मिली-जुली तो नहींधातु के साथ लगी रबर, प्लास्टिक या कपड़ा देखकरमिली-जुली वस्तुओं को हाथ से अलग करना पड़ता है, जिसमें मजदूरी लगती है

वे जो वस्तुएँ प्राय: नहीं खरीदते, और क्यों:

  • थर्मोकोल — बहुत हल्का है, इसलिए पूरी बोरी का भार नगण्य होता है और दाम कुछ नहीं मिलता।
  • पतले पॉलीथीन थैले, चिप्स और बिस्कुट के रैपर — ये भिन्न सामग्रियों की परतें चिपकाकर बनते हैं, जिन्हें अलग या पिघलाया नहीं जा सकता।
  • टूटी क्रॉकरी, सिरेमिक टाइल, दर्पण का काँच — इन्हें आसानी से पिघलाकर नई वस्तु नहीं बनाया जा सकता और इनसे मजदूरों के हाथ कट सकते हैं।
  • उपयोग किया टिश्यू पेपर, गीला या गंदा कागज, भोजन लगे डिब्बे — इनका स्वच्छ लुगदी में परिवर्तन संभव नहीं।
  • पुरानी बैटरियाँ, ट्यूब लाइट और रंग के डिब्बे — ये संकटपूर्ण हैं और विशेष निपटान माँगते हैं।
अध्याय का विचार यहाँ काम करता है: कबाड़ीवाला ठीक वही कर रहा है जो आपने क्रियाकलाप 6.2 में किया था — गुणों के आधार पर वर्गीकरण। उसे इससे कोई मतलब नहीं कि वस्तु क्या थी; उसे केवल यह देखना है कि वह किस सामग्री से बनी है, क्योंकि उसी से तय होता है कि वह फिर से काम आ सकती है या नहीं।
प्र3.
अपने घर से 20–30 वस्तुएँ एकत्रित करें और जिन सामग्रियों से वे बनी हैं, उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत करें। क्या आप उन्हें अलग-अलग समूहों में रख पाए? आप सामग्रियों के गुणों और वस्तुओं के उपयोग के बीच क्या संबंध देखते हैं?
उत्तर

कैसे करें: 20–30 सुरक्षित, छोटी वस्तुएँ एक चटाई पर इकट्ठी कीजिए — चम्मच, चाबी, कंघी, चूड़ी, रबड़, काँच की गोली, स्पंज, मोमबत्ती, चॉक, कील, नोटबुक, प्लास्टिक का मग, गेंद, दीया, बल्ब, रबर बैंड, सिक्का, कपड़े का टुकड़ा, लकड़ी का पैमाना, काँच का मर्तबान। फिर प्रत्येक गुण के लिए एक बार छाँटिए।

प्रयुक्त गुणसमूह 1समूह 2समूह 3
चमकद्युतिमय — चम्मच, चाबी, सिक्का, कीलद्युतिहीन — चॉक, कपड़ा, नोटबुक, स्पंज 
कठोरताकठोर — काँच की गोली, चूड़ी, सिक्का, दीयानरम — रबड़, स्पंज, कपड़ा, रबर बैंड 
पारदर्शितापारदर्शी — काँच का मर्तबान, काँच की गोली, बल्बपारभासी — बटर पेपर, प्लास्टिक का मगअपारदर्शी — चम्मच, कंघी, दीया, नोटबुक
जल में घुलनशीलताघुलनशील — चीनी, नमक, ग्लूकोस की गोलीअघुलनशील — कील, चॉक, मोमबत्ती, स्पंज 

क्या आप उन्हें अलग-अलग समूहों में रख पाए? हाँ — किसी एक गुण के लिए हर वस्तु ठीक एक ही समूह में जाती है। परंतु जो वस्तु एक से अधिक सामग्रियों से बनी हो (पेन, टॉर्च, धातु के बकल वाला बस्ता) उसे रखना कठिन होता है; उसे उस सामग्री के समूह में रखिए जो उसमें सबसे अधिक है और साथ में टिप्पणी लिख दीजिए।

गुणों और उपयोग के बीच संबंध:

  • गिलास ऐसी सामग्री का बनता है जो जल धारण करे और कठोर हो — स्टील, काँच, प्लास्टिक, मिट्टी। कभी कपड़े या कागज का नहीं।
  • खिड़की पारदर्शी सामग्री की बनती है ताकि प्रकाश और दृश्य दोनों भीतर आएँ।
  • तकिया नरम सामग्री का बनता है ताकि आराम मिले।
  • हथौड़े का सिर कठोर और भारी होता है और उसका हत्था हल्का तथा पकड़ने में गरम — एक ही औजार में दो भिन्न सामग्रियाँ।
  • बरसाती ऐसी सामग्री की बनती है जो जल न सोखे
एक पंक्ति का निष्कर्ष: किसी वस्तु का उपयोग उस सामग्री के गुणों से तय होता है जिससे वह बनी है। हम काम के अनुसार सामग्री चुनते हैं — इसीलिए वही वस्तु दूसरे काम के लिए बनानी हो तो दूसरी सामग्री से बनती है।
प्र4.
बेकार रखी हुई सामग्रियों का उपयोग करके अपनी पसंद की कोई उपयोगी वस्तु बनाएँ और सजाएँ। इसे कक्षा में लाएँ और अपने मित्रों के साथ चर्चा करें कि उन्होंने क्या बनाया है और किन सामग्रियों का उपयोग किया है। इसके अतिरिक्त, उन वस्तुओं की उपयोगिता और अन्य बिंदुओं पर विचार करते हुए सुधार के लिए रचनात्मक प्रतिक्रिया प्रदान करें।
उत्तर

अच्छी परियोजना में क्या होना चाहिए: वस्तु उपयोगी हो (केवल सजावटी नहीं), मुख्यत: बेकार पड़ी सामग्रियों से बनी हो, सुरक्षित हो, और आप बता सकें कि प्रत्येक सामग्री क्यों चुनी।

नमूना उत्तर — बेकार प्लास्टिक की बोतल से कलमदान:

  1. प्रयुक्त सामग्रियाँ: 1 L की एक खाली प्लास्टिक बोतल, पुराना समाचार पत्र, कपड़े के टुकड़े, गत्ते का डिब्बा, गोंद और बचे हुए पोस्टर रंग।
  2. बनाने की विधि: किसी बड़े से बोतल लगभग 12 cm ऊँचाई पर कटवाइए और कटे किनारे पर टेप मोड़कर चिपका दीजिए। नीचे गत्ते की गोल तश्तरी चिपकाकर आधार मजबूत कीजिए। बाहर समाचार पत्र की पट्टियाँ गोंद से चिपकाइए, सूखने दीजिए, फिर रंग भरकर कपड़े के फूल चिपका दीजिए।
  3. ये सामग्रियाँ क्यों: प्लास्टिक खड़ा रहने योग्य कठोर, हल्का और जलरोधी है, इसलिए गिरी हुई स्याही पोंछी जा सकती है; गत्ता अकड़दार है और आधार स्थिर बनाता है; कपड़ा और कागज नरम तथा सरलता से चिपकने वाले हैं, इसलिए सजावट अच्छी होती है।

अन्य अच्छे विचार: बोतल और दो चम्मचों से पक्षियों का दाना-पात्र; माचिस की डिबिया और पुराने रैपिंग पेपर से आभूषण-पेटी; पुरानी साड़ियों की पट्टियों से बुना पायदान; टिन के डिब्बे में छेद करके लैंप शेड; डिब्बे और पुरानी जूट की डोरी से जूट का कलमदान; शैंपू की बोतल से मोबाइल स्टैंड।

कक्षा में रचनात्मक प्रतिक्रिया कैसे दें: एक बात जो अच्छी लगी और एक बात जो और बेहतर हो सकती है — दोनों कारण सहित कहिए।

किस पर ध्यान देंक्या पूछेंअच्छी प्रतिक्रिया का उदाहरण
उपयोगिताक्या यह वास्तव में काम करती है और रोज के उपयोग में टिकेगी?“तुम्हारा कलमदान सुंदर है, पर भर जाने पर लुढ़क जाता है। गत्ते का चौड़ा आधार लगाने से यह ठीक हो जाएगा।”
सामग्री का चयनक्या सामग्री का गुण उस काम के अनुकूल था?“कागज का गमला पहली बार पानी देते ही गल जाएगा — भीतर पुरानी पॉलीथीन की परत लगा दो।”
सुरक्षाकहीं कोई नुकीला किनारा, ढीली पिन या असुरक्षित गोंद तो नहीं?“डिब्बे का कटा किनारा टेप से ढक दो ताकि किसी की उँगली न कटे।”
बेकार सामग्री का उपयोगइसमें कितना भाग फेंकी हुई वस्तुओं से आया?“लगभग सब कुछ पुन: उपयोग किया गया है — केवल गोंद खरीदा गया। बहुत अच्छा किया।”
सुझाव: जो सुधारना है वह कहने से पहले बताइए कि क्या अच्छा लगा, और बात सदैव वस्तु के विषय में कहिए, व्यक्ति के विषय में कभी नहीं। यही प्रतिक्रिया को रचनात्मक बनाता है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ