प्र1.
कप में बर्फ का एक टुकड़ा डालें, इसे मेज पर रखें और इसका अवलोकन करें। इन अवलोकनों से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर
अवलोकन: बर्फ का टुकड़ा धीरे-धीरे छोटा होता जाता है, उसके नुकीले किनारे गोल हो जाते हैं और कुछ समय बाद कप में केवल जल बचता है। कोई नया पदार्थ नहीं बनता और कुछ शेष नहीं रहता।
निष्कर्ष:
- गरम कमरे में रखने पर बर्फ स्वयं जल में परिवर्तित हो जाती है। इस परिवर्तन को पिघलना कहते हैं।
- यह इसलिए होता है क्योंकि बर्फ कमरे की वायु और कप से ऊष्मा लेती है। बर्फ 0 °C पर पिघलती है और कमरा उससे कहीं अधिक गरम होता है।
- चूँकि बर्फ पूरी तरह जल में ही बदल जाती है और कुछ और नहीं बनता, अत: बर्फ और जल एक ही पदार्थ के रूप हैं।
ऐसा क्यों होता है: बर्फ में कण निश्चित स्थानों पर बँधे रहते हैं और केवल कंपन कर सकते हैं। कमरे की ऊष्मा से उनका कंपन बढ़ता है, अंतत: वे अपने स्थान से मुक्त होकर एक-दूसरे पर फिसलने लगते हैं — बर्फ जल बन जाती है।
प्रयास करें: एक टुकड़ा मेज पर रखे कप में और वैसा ही दूसरा टुकड़ा अलमारी के भीतर रखे कप में डालिए। मेज वाला पहले पिघलता है क्योंकि उसे ऊष्मा तेजी से मिलती है। इस जाँच में एक बार में केवल एक ही स्थिति बदलिए।