कुतूहल अध्याय 8 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आपने कभी गड्ढों में से जल को विलुप्त होते देखा है? यह कहाँ जाता होगा? अपने मित्रों से चर्चा कीजिए।
उत्तर

हाँ। सुबह जो गड्ढे जल से भरे रहते हैं, वे शाम तक छोटे हो जाते हैं या पूरी तरह सूख जाते हैं।

जल गड्ढे से दो रास्तों से जाता है:

  • यह भूमि में रिस जाता है। मिट्टी, बालू और गारे के कणों के बीच सूक्ष्म रिक्त स्थान होते हैं जिनमें जल नीचे उतर जाता है।
  • यह वायु में वाष्पित हो जाता है। गड्ढे की सतह का जल धीरे-धीरे जलवाष्प में बदलकर वायु में मिल जाता है और अदृश्य हो जाता है।
दोनों हो रहे हैं, यह कैसे जानें: ढीली मिट्टी पर बना गड्ढा बहुत जल्दी गायब होता है — वहाँ रिसाव अधिक है। पर सीमेंट के फर्श या पत्थर की शिला पर बना गड्ढा भी सूख जाता है, और वहाँ जल कहीं रिस नहीं सकता, अत: वह अवश्य वाष्पित हुआ होगा। खेल के मैदान में, जहाँ मिट्टी है, दोनों रास्ते साथ-साथ काम करते हैं।
चर्चा के लिए सुझाव: मित्रों से पूछिए कि धूप वाला गड्ढा पहले सूखता है या पेड़ की छाया वाला। यदि केवल रिसाव ही कारण होता तो छाया से कोई अंतर नहीं पड़ना चाहिए था। अंतर पड़ता है — यही वाष्पीकरण का प्रमाण है।
प्र2.
आपने जल को और कहाँ विलुप्त होते देखा है? क्या आप कोई संभावित कारण सोच सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
उत्तर

जल दैनिक जीवन के अनेक अवसरों पर विलुप्त होता दिखता है:

  • तार पर टँगे गीले कपड़े सूख जाते हैं।
  • पोंछा लगा फर्श कुछ ही मिनटों में सूख जाता है।
  • पंखे के नीचे बैठने पर शरीर का पसीना सूख जाता है।
  • धुले हुए बर्तन और रसोई की गीली सतह अपने आप सूख जाते हैं।
  • गरम तवे पर छिड़का जल तुरंत गायब हो जाता है।
  • नहाने के बाद बाल सूख जाते हैं; जेब में रखा गीला रूमाल सूख जाता है।
  • रात भर खुले रखे गिलास का जल सुबह कुछ कम हो जाता है।
  • नमक की क्यारियों में समुद्र का जल सूखकर नमक छोड़ जाता है।
संभावित कारण: इनमें से किसी भी स्थिति में जल नष्ट नहीं होता। वह जलवाष्प नामक गैस में बदलकर वायु में मिल जाता है। जलवाष्प अदृश्य होती है, इसीलिए ऐसा लगता है मानो जल विलुप्त हो गया। इस प्रक्रम को वाष्पीकरण कहते हैं।
क्या आप जानते हैं? इनमें से किसी उदाहरण में जल को 100 °C तक गरम नहीं किया जाता। वाष्पीकरण के लिए उबालना आवश्यक नहीं — यह कमरे के सामान्य तापमान पर, दिन-रात, चुपचाप चलता रहता है।
प्र3.
आपने देखा होगा कि बर्तन धोने के कुछ समय बाद बर्तनों की सतह पर बचा हुआ जल सूख जाता है। क्या आपके द्वारा पहले सोचा गया कारण इस स्थिति में भी जल के विलुप्त होने की व्याख्या करता है?
उत्तर

केवल आंशिक रूप से। गड्ढे के लिए बताए गए दो कारणों में से यहाँ केवल एक ही लागू हो सकता है।

कारणखेल के मैदान का गड्ढास्टील के बर्तन पर बचा जल
सतह में रिसनासंभव — मिट्टी के कणों के बीच रिक्त स्थान होते हैंसंभव नहीं — स्टील चिकना है, उसमें ऐसे रिक्त स्थान नहीं होते
वायु में वाष्पीकरणसंभवसंभव — और वास्तव में यही होता है

अत: "मिट्टी ने सोख लिया" वाला कारण स्टील की प्लेट या कटोरी पर लागू नहीं होता। वहाँ जल अवश्य ही वाष्पीकरण द्वारा जा रहा है।

यह उदाहरण इतना उपयोगी क्यों है: यहाँ दो संभावित कारणों में से एक को सतह की प्रकृति ने ही समाप्त कर दिया। जहाँ केवल एक कारण काम कर सकता हो, वहाँ जाँच करना दो मिले-जुले कारणों को अलग करने की सुंदर विधि है — वैज्ञानिक ठीक यही करते हैं।
प्र4.
आवी सोच रही थी कि बर्तनों की सतह से जल रिस गया होगा। थिरव सोचता है कि बर्तनों की सतह से जल नहीं रिसता है। एक क्रियाकलाप की रूपरेखा बनाएँ और जाँचें कि किसका कथन सही है।
उत्तर

क्रियाकलाप ऐसा होना चाहिए जो रिसाव हो रहा हो तो उसे दिखा सके। अत: जल के विलुप्त होने के दौरान हमें सतह के दूसरी ओर भी देखते रहना होगा।

रूपरेखा:

  1. एक साफ, सूखी स्टील की प्लेट लीजिए और उसकी निचली सतह पोंछकर पूरी तरह सुखा लीजिए।
  2. ऊपरी सतह के बीच में एक चम्मच जल रखिए।
  3. प्लेट को दो सूखी छड़ों पर या दो गिलासों के किनारों पर टिकाइए ताकि निचली सतह दिखती रहे। नीचे सूखे कागज की एक शीट रखिए।
  4. प्रत्येक 10 मिनट पर निचली सतह और कागज देखिए। ऊपर कितना जल बचा है, वह भी अंकित कीजिए।
  5. जब तक ऊपर का जल पूरी तरह विलुप्त न हो जाए, तब तक यह क्रम चलाइए।

परिणाम कैसे पढ़ें:

  • यदि निचली सतह पर बूँदें दिखें या नीचे रखा कागज गीला हो जाए → जल रिस रहा है (आवी का विचार)।
  • यदि ऊपर का जल गायब हो जाए और निचली सतह तथा कागज पूरी तरह सूखे रहें → जल नहीं रिस रहा (थिरव का विचार), और वह अवश्य वायु में गया होगा।
वास्तव में क्या होता है: कागज सूखा ही रहता है, अत: थिरव सही है। यही आपकी पुस्तक का क्रियाकलाप 8.2 है।
सुझाव: निष्पक्ष जाँच के लिए वैसी ही दूसरी प्लेट पर उतना ही जल रखकर उसे उलटी कटोरी से ढक दीजिए। ढकी हुई प्लेट से बहुत कम जल विलुप्त होता है — इससे सिद्ध होता है कि जल वायु में जा रहा है, स्टील से होकर नहीं।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ