बॉक्स में दिए गए शब्दों और चित्र में दर्शाए गए तीर के चिह्नों का उपयोग करके चित्र 8.9 तीरांकित कर यह दर्शाएँ कि जल कहाँ संग्रहित है, जल कैसे अपनी अवस्था बदलता है और यह कहाँ गति करता है। (बादल, झील, समुद्र/महासागर, नदी, भू-जल, वाष्पीकरण, संघनन, वर्षा, हिम)
उत्तर
नीचे चित्र दिया गया है जिसमें सभी नौ शब्द सही स्थानों पर रखे गए हैं।
जल चक्र। महासागर, नदियों, झीलों और गीली धरती से जल वाष्पित होता है; ऊपर उठती वायु ठंडी होती है और वाष्प धूल के कणों के आस-पास संघनित होकर बादल बनाती है; कणिकाएँ मिलकर वर्षा, ओले या हिम के रूप में गिरती हैं; जल झीलों और नदियों में एकत्र होता है, भू-जल के रूप में भूमि में उतरता है और अंतत: महासागर में लौट जाता है।
बॉक्स का शब्द
चित्र में कहाँ लगेगा
यह क्या दर्शाता है
समुद्र/महासागर
बाईं ओर का विशाल जलराशि
जल का संग्रह — पृथ्वी का अधिकांश जल
वाष्पीकरण
महासागर और गीली धरती से ऊपर जाते तीरों पर
अवस्था परिवर्तन: द्रव → गैस
संघनन
ऊपर बनते हुए बादल के पास
अवस्था परिवर्तन: गैस → द्रव
बादल
तैरती जलकणिकाओं के समूह
आकाश में जल का संग्रह
वर्षा
गहरे बादल से नीचे जाते तीरों और बूँदों पर
जल का पृथ्वी की ओर लौटना
हिम
पर्वत की सफेद चोटी पर
ठोस अवस्था में संग्रहित जल
नदी
पहाड़ों से महासागर तक जाती टेढ़ी-मेढ़ी नीली रेखा
धरती पर जल की गति
झील
धरती पर ठहरा हुआ जलाशय
सतह पर जल का संग्रह
भू-जल
भूमि की सतह के नीचे की पट्टी, जिसमें नीचे जाते तीर हैं
भूमि के भीतर संग्रहित जल
अध्याय का सार:जल महासागरों और पृथ्वी की सतह से जलवाष्प के रूप में वाष्पित होकर वायु में जाता है और वर्षा, ओलों तथा हिम के रूप में पुन: लौटता है और अंतत: बहकर महासागरों में चला जाता है। जल के इस प्रकार चक्रण को जल चक्र कहते हैं।
इसे चक्र क्यों कहते हैं: इसका न आरंभ है न अंत, और नया जल कभी बनता नहीं। वही जल घूमता रहता है — आज आपके गिलास का जल कभी हिमालय के हिमनद में, कभी बंगाल की खाड़ी में और कभी किसी आम के पेड़ के भीतर रहा होगा। इसीलिए जल को व्यर्थ करना या प्रदूषित करना इतना गंभीर है: हम और जल बना नहीं सकते।
प्र2.
मैंने क्या अच्छा किया? क्या मैं जल चक्र के सभी भागों को नामांकित करने में सक्षम था/थी? जल चक्र के कौन-से भाग मुझे स्पष्ट नहीं थे?
उत्तर
यह आत्म-चिंतन का बॉक्स है, अत: उत्तर आपका अपना होना चाहिए। इसे ईमानदारी से तीन छोटे भागों में लिखिए — इसके अंक नहीं मिलते, यह आपको दिखाता है कि क्या दोहराना है।
नमूना उत्तर:मैंने क्या अच्छा किया: मैंने महासागर, बादल, वर्षा, नदी और पर्वत पर हिम बिना सहायता के नामांकित किए, और सभी तीरों की दिशा भी सही रखी — वाष्पीकरण के लिए ऊपर और वर्षा के लिए नीचे। क्या मैं सभी भाग नामांकित कर सका/सकी: हाँ, नौ के नौ, पर भू-जल पर मुझे दो बार सोचना पड़ा। क्या स्पष्ट नहीं था: मैंने पहले "संघनन" वर्षा के पास लिख दिया था, बनते हुए बादल के पास नहीं। अब मैं समझता/समझती हूँ कि संघनन वह क्षण है जब वाष्प बूँदों में बदलती है और बादल बनाती है, जबकि वर्षा उसके बाद तब होती है जब बूँदें मिलकर गिरने योग्य भारी हो जाती हैं।
अपने चित्र में ये बातें अवश्य जाँचिए:
क्या वाष्पीकरण का तीर ऊपर की ओर और वर्षा के तीर नीचे की ओर हैं?
क्या संघनन वहाँ अंकित है जहाँ बादल बनता है, न कि जहाँ वर्षा गिरती है?
क्या भू-जल भूमि की सतह के नीचे दिखाया गया है?
क्या नदी जाकर महासागर में मिलती है, जिससे चक्र पूरा होता है?
क्या आपने दिखाया है कि वाष्पीकरण केवल समुद्र से नहीं, धरती, झीलों और नदियों से भी होता है?
चिंतन विज्ञान का अंग क्यों है: यह ठीक-ठीक जान लेना कि कौन-सा चरण गलत हुआ, अंक जानने से अधिक उपयोगी है। पूरा अध्याय इसी आदत पर चला है — अवलोकन, प्रश्न, संभावित कारण, प्रयोग, और फिर पीछे मुड़कर देखना कि क्या सही निकला।
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