प्र1.
एक ढक्कन को सूर्य के प्रकाश में और दूसरे को छाया में रखें, प्रत्येक 15 मिनट के पश्चात दोनों का अवलोकन करें तथा प्रत्येक स्थिति में जल के पूरी तरह वाष्पित होने में लगने वाला समय अंकित करें। क्रियाकलाप 8.8 और अन्य समान अनुभवों से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर
स्वच्छ ग्रीष्म दिवस में दो समान ढक्कनों में बराबर जल के लिए प्रतिदर्श पाठ्यांक:
| ढक्कन कहाँ रखा है | पूर्ण वाष्पीकरण में लगने वाला समय |
|---|---|
| सूर्य के प्रकाश में | लगभग 1 घंटा 15 मिनट |
| छाया में | लगभग 4 घंटे |
पुस्तक के शब्दों में निष्कर्ष:
- छाया वाले स्थान में रखे ढक्कन की तुलना में सूर्य के प्रकाश में रखे हुए ढक्कन से जल तीव्रता से वाष्पित हो जाता है।
- प्राय: तेज धूप वाले दिनों में कपड़े जल्दी सूख जाते हैं।
- हवा की गति बढ़ने से जल तीव्रता से वाष्पित होता है — तेज हवा वाले दिन कपड़े जल्दी सूखते हैं।
- बरसात के दिन जल धीरे-धीरे वाष्पित होता है, क्योंकि वायु में आर्द्रता पहले से अधिक होती है।
सूर्य का प्रकाश इतना बड़ा अंतर क्यों लाता है: धूप जल और ढक्कन दोनों को गरम करती है। अधिक गरम जल अर्थात् अधिक तेज चलते कण, और प्रति सेकंड कहीं अधिक कण सतह से निकल भागते हैं। ध्यान दीजिए कि दोनों ढक्कन एक जैसे थे, उनमें जल भी बराबर था और दोनों को 15-15 मिनट के समान अंतराल पर देखा गया — अत: केवल ताप ही भिन्न था।
सुझाव: केवल "धूप ने सुखा दिया" मत लिखिए। बताइए कि कौन-सी परिस्थिति बदली — जल का ताप — और शेष सब समान रखा गया। यही अवलोकन को निष्कर्ष बनाता है।