प्र1.
मुट्ठीभर भुनी हुई मूँगफली के दाने लें और उन्हें अपनी हथेलियों के बीच रगड़ें। क्या होता है?
उत्तर
मूँगफली के दानों से पतले, कागज़ जैसे लाल-भूरे छिलके उतर जाते हैं। रगड़ने के बाद हथेली में दो चीज़ें एक साथ पड़ी रहती हैं:
- मूँगफली के दाने — चिकने, हल्के रंग के और अपेक्षाकृत भारी।
- उतरे हुए छिलके — पतले, कागज़ जैसे, लगभग भारहीन।
ऐसा क्यों होता है: भूनने से छिलका सूख जाता है, सिकुड़ता है और दाने पर उसकी पकड़ ढीली पड़ जाती है। रगड़ने से वह अंतिम पकड़ भी टूट जाती है। बड़े पैमाने पर थ्रेशिंग भी यही करती है — पीटने से वह छूट जाता है जो केवल हल्के से जुड़ा है।
स्वयं जाँचें: कच्ची मूँगफली को इसी तरह रगड़कर देखें। छिलका आसानी से नहीं उतरेगा, क्योंकि वह अभी नम है और दाने से चिपका हुआ है।