प्र1.
वल्ली बंद कमरे में चावल से भूसी अलग नहीं कर पा रही है। आप उसकी सहायता कैसे कर सकते हैं?
उत्तर
ओसाई के लिए बहती वायु चाहिए। बंद कमरे में वायु बहती ही नहीं, इसलिए कुछ उड़ता नहीं। वल्ली को इनमें से कोई उपाय बताइए:
- पंखा चलाइए — टेबल फैन या धीमी गति पर छत का पंखा — और मिश्रण को उसके सामने धीरे-धीरे गिराइए। भूसी बगल में उड़ जाएगी।
- स्वयं फूँक मारिए, ठीक वैसे ही जैसे क्रियाकलाप 9.1 में मूँगफली के छिलकों पर, थोड़ा-थोड़ा मिश्रण थाली में लेकर।
- खिड़की या दरवाज़ा खोल दीजिए और हवा के झोंके में खड़े होइए, या आँगन में चली जाइए जहाँ हवा बह रही हो।
- छान लीजिए, यदि भूसी के टुकड़े चावल के दानों से काफी बड़े हों — यह भार के स्थान पर आकार का उपयोग करता है और इसमें वायु की आवश्यकता ही नहीं।
पंखा क्यों काम करता है: ओसाई के लिए वास्तव में पवन नहीं, बल्कि गिरते मिश्रण के पास से गुजरती वायु चाहिए। पंखा ठीक यही करता है। हल्की भूसी बगल में धकेल दी जाती है और भारी चावल सूप में गिर जाता है।
स्वयं जाँचें: थाली में थोड़ा पोहा और कुछ चावल के दाने लेकर टेबल फैन के सामने रखिए। देखिए पोहा कितनी अधिक दूर जाता है। वही हवा, भिन्न भार — इसीलिए गिरने का स्थान भी भिन्न।