अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे स्थित साबरमती आश्रम महात्मा गांधी का 1917 से 1930 तक का निवास था। यह उस स्थान के रूप में प्रसिद्ध है जहाँ से उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम का बड़ा भाग संचालित किया और जहाँ से दांडी यात्रा आरंभ हुई।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| आरंभ | 12 मार्च 1930, साबरमती आश्रम से |
| समापन | 6 अप्रैल 1930, गुजरात के समुद्र तट पर स्थित दांडी में |
| पैदल दूरी | लगभग 385 किमी, 24 दिनों में |
| आरंभ में | गांधी जी और 78 सहयोगी; मार्ग में हज़ारों लोग जुड़ते गए |
| दांडी में क्या किया | तट से प्राकृतिक नमक की एक डली उठाकर नमक कानून तोड़ा |
यह यात्रा क्यों आयोजित की गई: ब्रिटिश सरकार ने भारतीयों के लिए स्वयं नमक बनाना या इकट्ठा करना अवैध कर दिया था और खरीदे जाने वाले नमक पर कर लगा दिया था। नमक हर घर की — अमीर और गरीब दोनों की — आवश्यकता है, इसलिए यह कर सबसे अधिक गरीबों पर भारी पड़ता था। गांधी जी ने जान-बूझकर नमक चुना — इससे एक साधारण, रोज़मर्रा की आवश्यकता अन्यायपूर्ण शासन के विरुद्ध प्रतीक बन गई। नमक कानून तोड़ना अहिंसक सविनय अवज्ञा था, और इसी ने स्वतंत्रता आंदोलन को सच्चा जन-आंदोलन बनाया।