कक्षा ७ गणित अध्याय 1 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
नीचे दिए गए प्रत्येक बक्से में गुणन के रोचक पैटर्न दिखाई देते हैं। पैटर्न ज्ञात करने के लिए उन्हें हल कीजिए। ज्ञात पैटर्न के आधार पर गुणन को आगे बढ़ाइए।पृष्ठ 14 — गुणन के चार बक्से।
उत्तर
प्रत्येक को हल कीजिए और पैटर्न स्पष्ट हो जाएगा।
गुणन
गुणनफल
गुणन
गुणनफल
11 × 11
121
66 × 61
4,026
111 × 111
12,321
666 × 661
4,40,226
1111 × 1111
12,34,321
6666 × 6661
4,44,02,226
आगे: 11111 × 11111
12,34,54,321
आगे: 66666 × 66661
4,44,40,22,226
3 × 5
15
101 × 101
10,201
33 × 35
1,155
102 × 102
10,404
333 × 335
1,11,555
103 × 103
10,609
आगे: 3333 × 3335
1,11,15,555
आगे: 104 × 104
10,816
पैटर्न: 1 वाला: गुणनफल बढ़कर फिर घटता है — 1, 121, 12321, 1234321, 123454321 6 वाला: 4026 → 440226 → 44402226 — हर बार एक 4 और एक 2 अधिक 3 और 5: 15 → 1155 → 111555 — जितने 1 उतने ही 5 101, 102, 103: 10201, 10404, 10609 — बीच का अंक 2, 4, 6 और अंतिम 1, 4, 9 (वर्ग)
ऐसा क्यों होता है: 1 वाले पैटर्न में 1111 × 1111 वास्तव में (1000 + 100 + 10 + 1) को चार खिसकी हुई पंक्तियों में जोड़ना है, अत: स्तंभों में 1, 2, 3, 4, 3, 2, 1 का ढेर बनता है — और चूँकि कोई स्तंभ 10 तक नहीं पहुँचता, कोई हासिल नहीं आता और गिनती ही अंक बन जाती है। 1111111111 × 1111111111 पर यह पैटर्न टूट जाता है क्योंकि तब एक स्तंभ में 10 आ जाएगा।
स्वयं जाँचिए: 333 × 335 = 1,11,555 ✓ — और ध्यान दीजिए कि 3333 × 3335 = 1,11,15,555 में चार 1 और चार 5 हैं।
प्र2.
गुणा की जाने वाली दोनों संख्याओं में अंकों की संख्याओं और प्रत्येक स्थिति में उनके गुणनफल को ध्यान से देखिए। क्या गुणा की जाने वाली संख्याओं में और उनके गुणनफल में अंकों की संख्याओं के बीच कोई संबंध है?
उत्तर
हाँ। यदि एक संख्या में m अंक और दूसरी में n अंक हों, तो गुणनफल में या तो (m + n − 1) अंक होंगे या (m + n) अंक — इसके अतिरिक्त कुछ नहीं।
गुणन
m + n
गुणनफल में अंक
11 × 11 = 121
2 + 2 = 4
3 = m + n − 1
1111 × 1111 = 12,34,321
4 + 4 = 8
7 = m + n − 1
66 × 61 = 4,026
2 + 2 = 4
4 = m + n
666 × 661 = 4,40,226
3 + 3 = 6
6 = m + n
3 × 5 = 15
1 + 1 = 2
2 = m + n
ऐसा क्यों होता है: m अंकों की सबसे छोटी संख्या 10m−1 है और सबसे बड़ी 10m से थोड़ी कम। अत: गुणनफल 10m−1 × 10n−1 = 10m+n−2 और 10m × 10n = 10m+n के बीच रहता है। इससे केवल दो ही संभावनाएँ बचती हैं: m + n − 1 या m + n अंक।
प्र3.
रोक्सी कहती है कि 2 अंकों की दो संख्याओं का गुणनफल केवल 3 या 4 अंकों की संख्या ही हो सकती है। क्या वह सही है?
उत्तर
हाँ, रोक्सी सही है।
2 अंकों की सबसे छोटी × सबसे छोटी = 10 × 10 = 100 → 3 अंक 2 अंकों की सबसे बड़ी × सबसे बड़ी = 99 × 99 = 9,801 → 4 अंक अत: ऐसा प्रत्येक गुणनफल 100 और 9,801 के बीच होगा → उसमें 3 या 4 अंक ही होंगे
ऐसा क्यों होता है: यह ऊपर के नियम से मेल खाता है जहाँ m = n = 2: गुणनफल में m + n − 1 = 3 अंक या m + n = 4 अंक। रोक्सी का अपना तर्क 100 × 100 = 10,000 को ऊपरी सीमा मानता है — यह भी सुंदर तरीका है, क्योंकि दोनों संख्याएँ 100 से कम हैं तो गुणनफल 10,000 से कम ही होगा।
प्र4.
यह जानने के लिए कि रोक्सी का कथन सही है, क्या हमें 2 अंकों की संख्याओं के साथ सभी संभव गुणन का प्रयत्न करना चाहिए? या इसे पता लगाने की कोई और उपयुक्त विधि है?
उत्तर
इससे कहीं अच्छी विधि है — केवल सबसे छोटी और सबसे बड़ी स्थिति जाँचिए। सभी 8,100 जोड़े आजमाने की आवश्यकता नहीं।
2 अंकों की सभी संख्याएँ 10 और 99 के बीच हैं। अत: प्रत्येक गुणनफल 10 × 10 = 100 और 99 × 99 = 9,801 के बीच होगा। दोनों सिरों में 3 या 4 अंक हैं → सभी गुणनफलों में भी
ऐसा क्यों होता है: गुणन “एकदिष्ट” होता है — किसी भी गुणनखंड को बड़ा करने पर गुणनफल भी बड़ा होता है। अत: गुणनखंडों को उनके न्यूनतम और अधिकतम के बीच बाँधने पर गुणनफल भी दोनों चरम गुणनफलों के बीच अपने आप बँध जाता है। दो स्थितियों की जाँच से सभी का निर्णय हो जाता है।
संकेत: गणित में यह बहुत उपयोगी आदत है — अनगिनत उदाहरण जाँचने के स्थान पर चरम स्थितियाँ ज्ञात कीजिए और बीच के परिसर पर तर्क कीजिए।
प्र5.
क्या 3 अंकों की संख्या को दूसरी 3 अंकों की संख्या से गुणा करने पर 4 अंकों की संख्या प्राप्त होगी?
उत्तर
नहीं। गुणनफल में सदैव 5 या 6 अंक होंगे।
न्यूनतम स्थिति: 100 × 100 = 10,000 → 5 अंक अधिकतम स्थिति: 999 × 999 = 9,98,001 → 6 अंक सबसे छोटा संभव गुणनफल 10,000 ही पहले से 5 अंकों की संख्या है।
ऐसा क्यों होता है: नियम के अनुसार 3 अंकों की दो संख्याओं के लिए m + n − 1 = 5 और m + n = 6 होता है। 4 अंकों का उत्तर 10,000 से कम होना चाहिए, परंतु 3 अंकों की कोई भी जोड़ी गुणा करने पर 10,000 से कम नहीं दे सकती।
प्र6.
क्या 4 अंकों की संख्या को 2 अंकों की संख्या के साथ गुणा करने पर 5 अंकों की संख्या प्राप्त होगी?
ऐसा क्यों होता है: यहाँ m = 4 और n = 2 है, अत: गुणनफल में m + n − 1 = 5 अंक या m + n = 6 अंक होंगे। दोनों संभव हैं, और 5 अंकों वाली स्थिति तब आती है जब दोनों संख्याएँ अपने परिसर के निचले सिरे के पास हों।
प्र7.
नीचे दिए गए गुणन कथनों को देखिए। क्या आप कोई पैटर्न देखते हैं? देखिए कि क्या यह पैटर्न अन्य संख्याओं पर भी लागू होता है?
1-अंक
×
1-अंक
=
1-अंक
या
2-अंक
2-अंक
×
1-अंक
=
2-अंक
या
3-अंक
2-अंक
×
2-अंक
=
3-अंक
या
4-अंक
3-अंक
×
3-अंक
=
5-अंक
या
6-अंक
5-अंक
×
5-अंक
=
या
8-अंक
×
3-अंक
=
या
12-अंक
×
13-अंक
=
या
उत्तर
रिक्त स्थान वही नियम मानते हैं: उत्तर में (m + n − 1) या (m + n) अंक होते हैं।
ऐसा क्यों होता है: एक विचित्र-सी छलाँग पर ध्यान दीजिए: 2-अंक × 2-अंक से 3 या 4 अंक मिलते हैं, परंतु 3-अंक × 3-अंक से 5 या 6 — कभी 4 नहीं। कारण यह है कि 3 अंकों की संख्याओं के लिए m + n − 1 = 5 होता है, अत: 4 अंकों का उत्तर संभव ही नहीं।