गणित प्रकाश अध्याय 1 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
“क्या मुंबई की पूरी जनसंख्या एक लाख बसों में समा सकती है?” आपको क्या लगता है? हम इसका पता कैसे लगा सकते हैं?
उत्तर

नहीं, नहीं समा सकती। एक लाख बसों में लगभग 50 लाख व्यक्ति ही बैठ सकते हैं, जबकि मुंबई की जनसंख्या 1 करोड़ 24 लाख से अधिक है।

माना एक बस में 50 व्यक्ति बैठते हैं।
1 लाख बसों में = 1,00,000 × 50
= 50,00,000 = 50 लाख व्यक्ति

मुंबई की जनसंख्या (2011) = 1,24,42,373
1,24,42,373 > 50,00,000
शेष रह जाएँगे = 1,24,42,373 − 50,00,000 = 74,42,373 व्यक्ति
ऐसा क्यों होता है: यहाँ विधि महत्वपूर्ण है — एक तर्कसंगत कल्पना कीजिए (प्रति बस 50 सीटें), गुणा कीजिए, फिर वास्तविक आँकड़े से तुलना कीजिए। पूरी मुंबई को समाने के लिए 1,24,42,373 ÷ 50 ≈ 2,48,848 बसें चाहिए, लगभग ढाई लाख।
प्र2.
आर.एम.एस. टाइटैनिक जहाज पर लगभग 2,500 यात्री सवार थे। क्या मुंबई की जनसंख्या ऐसे 5,000 जहाजों में समा सकती है?
उत्तर

हाँ — परंतु बहुत थोड़े अंतर से।

क्षमता = 5000 × 2500
= 5 × 25 × 1000 × 100
= 125 × 1,00,000
= 1,25,00,000 व्यक्ति (1 करोड़ 25 लाख)

मुंबई की जनसंख्या = 1,24,42,373
1,24,42,373 < 1,25,00,000 ✓
शेष स्थान = 57,627 स्थान
ऐसा क्यों होता है: अंतर बहुत कम है — जहाजों में मुंबई की जनसंख्या से केवल लगभग 58,000 अधिक स्थान हैं, अर्थात आधे प्रतिशत से भी कम। यदि 2011 की जनगणना के स्थान पर आज की जनसंख्या ली जाए तो उत्तर “नहीं” भी हो सकता है।
प्र3.
रोक्सी को आश्चर्य हुआ, “यदि मैं 100 किलोमीटर की यात्रा प्रत्येक दिन करूँ तो क्या मैं चाँद तक 10 वर्षों में पहुँच सकती हूँ?” (पृथ्वी और चाँद के बीच की दूरी 3,84,400 किलोमीटर है।) एक वर्ष में वह कितनी दूरी की यात्रा कर सकेगी? 10 वर्षों में वह कितनी दूरी की यात्रा कर सकेगी?
उत्तर

नहीं — 10 वर्षों के बाद भी वह लगभग 19,400 किमी दूर रह जाएगी।

1 वर्ष में दूरी = 100 × 365
= 36,500 किमी

10 वर्षों में दूरी = 36,500 × 10
= 3,65,000 किमी

चाँद तक की दूरी = 3,84,400 किमी
शेष = 3,84,400 − 3,65,000 = 19,400 किमी
ऐसा क्यों होता है: गणना को चरणों में करना — पहले प्रति वर्ष, फिर 10 वर्षों के लिए — संख्याओं को छोटा और संभालने योग्य रखता है। इस विधि का उपयोग किसी भी बड़ी गणना में किया जा सकता है।
स्वयं जाँचिए: पूरी यात्रा में कितना समय लगेगा? 3,84,400 ÷ 36,500 ≈ 10.5 वर्ष — अर्थात साढ़े दस वर्ष से थोड़ा अधिक।
प्र4.
यदि आप प्रतिदिन 1,000 किलोमीटर की यात्रा करते हैं तो पता लगाइए कि क्या आप अपने जीवनकाल में सूर्य तक पहुँच सकते हैं? (आपने पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी को पिछले ‘पृष्ठ 16’ में देखा था।)
उत्तर

नहीं। इस यात्रा में लगभग 403 वर्ष लगेंगे — जीवनकाल से कहीं अधिक।

सूर्य तक की दूरी = 14,70,00,000 किमी (पृष्ठ 16 से)
1 वर्ष में दूरी = 1000 × 365 = 3,65,000 किमी

आवश्यक वर्ष = 14,70,00,000 ÷ 3,65,000
= 1,47,000 ÷ 365
402.7 वर्ष
ऐसा क्यों होता है: मनुष्य का जीवनकाल अधिक-से-अधिक लगभग 100 वर्ष है, अत: आप केवल 100 × 3,65,000 = 3,65,00,000 किमी ही तय कर पाएँगे — लगभग एक चौथाई मार्ग। प्रतिदिन 1000 किमी चलते हुए भी चार पूरे जीवनकाल चाहिए।
संकेत: भाग देने से पहले उभयनिष्ठ शून्य काट दीजिए: 14,70,00,000 ÷ 3,65,000 बन जाता है 1,47,000 ÷ 365, जो कहीं सरल है।
प्र5.
आवश्यक तर्कसंगत कल्पना कीजिए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए — (a) यदि कागज की एक शीट (पत्रक) का भार 5 ग्राम हो तो क्या आप एक लाख कागज की शीटों को एक साथ उठा सकते हो? (b) यदि पूरे विश्व में प्रत्येक मिनट में 250 शिशु जन्म लेते हैं तो क्या एक दिन में 10 लाख (1 मिलियन) शिशु जन्म ले सकते हैं? (c) क्या आप 10 लाख सिक्कों को एक दिन में गिन सकते हैं? मान लीजिए कि आप प्रत्येक सेकंड में 1 सिक्का गिन सकते हो।
उत्तर

तीनों का उत्तर नहीं है।

(a) भार = 1,00,000 × 5 ग्राम
= 5,00,000 ग्राम = 500 किग्रा
एक व्यक्ति लगभग 40–50 किग्रा ही उठा सकता है, अत: नहीं — 500 किग्रा लगभग 8 वयस्कों के भार के बराबर है।

(b) एक दिन में मिनट = 60 × 24 = 1,440
एक दिन में शिशु = 250 × 1,440 = 3,60,000
1 मिलियन = 10,00,000
3,60,000 < 10,00,000 → नहीं, यह एक मिलियन का लगभग एक तिहाई ही है।

(c) एक दिन में सेकंड = 60 × 60 × 24 = 86,400
अत: अधिक-से-अधिक 86,400 सिक्के प्रतिदिन।
86,400 < 10,00,000 → नहीं, यह एक मिलियन का दसवाँ भाग भी नहीं।
ऐसा क्यों होता है: भाग (c) में एक बहुत उपयोगी तथ्य छिपा है — एक दिन में केवल 86,400 सेकंड होते हैं। प्रति सेकंड एक वस्तु गिनते हुए 10 लाख वस्तुएँ गिनने में 10,00,000 ÷ 86,400 ≈ 11.6 दिन लगेंगे, वह भी बिना सोए।
प्रयास करें: इसी शैली के अपने प्रश्न बनाइए। “क्या आपके विद्यालय के सभी विद्यार्थी 1 किमी की सड़क पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो सकते हैं?” “क्या एक लाख एक-रुपये के सिक्के आपके बस्ते में समा जाएँगे?”
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ