गणित प्रकाश अध्याय 1 पता लगाइए

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
10 अंकों की संख्या बनाने के लिए 0 से 9 तक सभी अंकों को एक बार (पहला अंक 0 नहीं हो सकता) प्रयोग करते हुए लिखिए — (a) 5 का सबसे बड़ा गुणज (b) सबसे छोटी सम संख्या
उत्तर

(a) 9876543210  (b) 1023456798

(a) 5 का गुणज होने के लिए अंत में 0 या 5 होना चाहिए।
0 पर समाप्त करना बेहतर है — इससे 5 ऊँचे स्थान के लिए मुक्त हो जाता है।
शेष अंकों को घटते क्रम में रखिए: 9,8,7,6,5,4,3,2,1
सबसे बड़ा = 9876543210

(b) सम संख्या का अंतिम अंक 0, 2, 4, 6 या 8 होना चाहिए।
छोटी होने के लिए आरंभ 1,0,2,3,4,… होना चाहिए।
अंत में 8 रखने से आरंभ सबसे छोटा रहता है: 102345679 | 8
सबसे छोटी = 1023456798
ऐसा क्यों होता है: (b) में अंत में 0 क्यों नहीं? क्योंकि 0 आरंभ को छोटा बनाने के लिए सबसे मूल्यवान अंक है और उसका स्थान 1 के ठीक बाद है। 2, 4 या 6 पर समाप्त करने से कोई बड़ा अंक पहले के स्थान पर आ जाएगा। 8 पर समाप्त करने से शेष अंक 0,1,2,3,4,5,6,7,9 बचते हैं जिन्हें 102345679 के रूप में सबसे छोटा आरंभ बनाया जा सकता है।
स्वयं जाँचिए: 1023456798 ÷ 2 = 511728399, अत: यह सम है ✓, और इसमें 0 से 9 तक प्रत्येक अंक ठीक एक बार है ✓।
प्र2.
संख्या 10,30,285 शब्दों में दस लाख तीस हजार दो सौ पिचासी है जिसमें 14 अक्षर हैं। 7 अंकों की ऐसी संख्या का नाम लिखिए जिसमें अक्षरों की संख्या अधिकतम हो।
उत्तर

एक ऐसी संख्या है 48,48,748 — “अड़तालीस लाख अड़तालीस हजार सात सौ अड़तालीस” — जिसमें 22 अक्षर हैं।

अ-ड़-ता-ली-स = 5 अक्षर
ला-ख = 2 → 7
अ-ड़-ता-ली-स = 5 → 12
ह-जा-र = 3 → 15
सात = 1 → 16
सौ = 1 → 17
अ-ड़-ता-ली-स = 5 → 22 अक्षर
ऐसा क्यों होता है: 7 अंकों की संख्या का नाम इस रूप में होता है — [2 अंक] लाख [2 अंक] हजार [1 अंक] सौ [2 अंक]। दो अंकों वाले नामों में सबसे लंबे 5 अक्षर के हैं (अड़तालीस, इकतालीस, उनतालीस, पचहत्तर, अठहत्तर, सतहत्तर, उनहत्तर)। एक अंक वाले सभी नाम (एक, दो, तीन … नौ) और ‘सौ’ 1-1 अक्षर के हैं। अत: अधिकतम = 5 + 2 + 5 + 3 + 1 + 1 + 5 = 22 अक्षर
संकेत: 78,78,778 (“अठहत्तर लाख अठहत्तर हजार सात सौ अठहत्तर”) से भी 22 अक्षर मिलते हैं। अक्षर गिनने का तरीका थोड़ा बदलने पर संख्या भी थोड़ी बदल सकती है — अपनी गिनती स्पष्ट लिखिए।
प्र3.
9 अंकों की ऐसी संख्या लिखिए जिसमें किन्हीं दो अंकों को परस्पर बदलने पर एक बड़ी संख्या प्राप्त हो। ऐसी कितनी संख्याएँ हैं?
उत्तर

वह संख्या है 123456789, और ऐसी ठीक एक ही संख्या है।

1 और 2 को बदलिए → 213456789 > 123456789 ✓
1 और 9 को बदलिए → 923456781 > 123456789 ✓
8 और 9 को बदलिए → 123456798 > 123456789 ✓
प्रत्येक अदला-बदली से संख्या बड़ी हो जाती है।
ऐसा क्यों होता है: मान लीजिए आप दो स्थानों के अंक बदलते हैं — पहले स्थान पर a और बाद के स्थान पर b। संख्या तभी बढ़ेगी जब b > a हो, अर्थात बड़ा अंक अधिक मूल्यवान स्थान पर आ जाए। प्रत्येक अदला-बदली से संख्या बढ़े, इसके लिए हर अंक अपने दाईं ओर के हर अंक से छोटा होना चाहिए, अर्थात अंक कड़ाई से बढ़ते क्रम में हों। साथ ही कोई दो अंक समान नहीं हो सकते, क्योंकि समान अंकों की अदला-बदली से संख्या वही रहती है (बड़ी नहीं होती)। 9 कड़ाई से बढ़ते अंक, जिनमें आरंभ में 0 नहीं हो सकता, केवल 1,2,3,4,5,6,7,8,9 ही हो सकते हैं — अत: 123456789 एकमात्र उत्तर है।
पुस्तक की उत्तर-कुंजी पर टिप्पणी: कुंजी में 987654312 दिया है, परंतु उसके पहले दो अंकों को बदलने पर 897654312 मिलता है, जो छोटी संख्या है। अत: वह उत्तर “किन्हीं दो अंकों” की शर्त पूरी नहीं करता। सही उत्तर 123456789 है।
प्र4.
संख्या 12345123451234512345 में से 10 अंकों को इस प्रकार काटिए कि शेष संख्या संभवत: बड़ी से बड़ी हो।
उत्तर

सबसे बड़ी शेष संख्या है 5534512345

12345 12345 12345 12345 (20 अंक, 10 रखने हैं)

चरण 1: पहले अंक के लिए स्थान 1–11 देखिए → सबसे बड़ा 5 (स्थान 5)
चरण 2: दूसरे के लिए स्थान 6–12 → सबसे बड़ा 5 (स्थान 10)
चरण 3: तीसरे के लिए स्थान 11–13 → सबसे बड़ा 3 (स्थान 13)
चरण 4: अब केवल 7 अंक (स्थान 14–20) बचे हैं और 7 ही चाहिए → सब रख लीजिए: 4512345

परिणाम: 5 5 3 4512345 = 5534512345
ऐसा क्यों होता है: सबसे बाईं ओर का अंक सबसे महत्वपूर्ण है, अत: जितना बड़ा अंक ले सकें लीजिए — परंतु इतना ध्यान रखिए कि आगे संख्या पूरी करने के लिए पर्याप्त अंक बचे रहें। यही पूरी रणनीति है: प्रत्येक चरण में उतनी ही दूर तक देखिए जितना सामर्थ्य हो, और उस खिड़की का सबसे बड़ा अंक ले लीजिए।
स्वयं जाँचिए: काटे गए अंक गिनिए — 1,2,3,4 (4 अंक), फिर 1,2,3,4 (4 और), फिर 1,2 (2 और) = 10 ✓, और 10 अंक शेष रह जाते हैं ✓।
प्र5.
शब्द ‘बारह’ और ‘तेरह’ में अक्षर (र और ह) समान हैं। शब्द ‘तेरह’ और ‘चौदह’ में अक्षर (ह) समान है और शब्द ‘चौदह’ और ‘पंद्रह’ में अक्षर (द और ह) समान हैं। ऐसी दो क्रमागत संख्याओं को ज्ञात करने के लिए आपको कहाँ तक गिनना होगा जिसमें कोई भी अक्षर उभयनिष्ठ न हो?
उत्तर

हिंदी में आपको बिल्कुल भी दूर नहीं गिनना पड़ेगा — ‘एक’ और ‘दो’ में ही कोई अक्षर उभयनिष्ठ नहीं है।

क्रमागत जोड़ाअक्षरउभयनिष्ठ अक्षर
एक, दोए, क | द, ोकोई नहीं ✓
दो, तीनद, ो | ती, नकोई नहीं ✓
बारह, तेरहबा, र, ह | ते, र, हर, ह
अठारह, उन्नीसअ, ठा, र, ह | उ, न्नी, सकोई नहीं ✓
ऐसा क्यों होता है: हिंदी संख्या-नामों में एक जैसे अंत नहीं आते जैसे अंग्रेज़ी में आते हैं। ‘एक’ में केवल ए और क हैं, ‘दो’ में केवल द है — इसलिए पहली ही जोड़ी शर्त पूरी कर देती है। यदि आप पुस्तक के उदाहरणों (बारह से आगे) से गिनना आरंभ करें तो अठारह और उन्नीस पहली ऐसी जोड़ी है।
क्या आप जानते हैं? यही प्रश्न अंग्रेज़ी में पूछा जाए तो उत्तर चौंकाने वाला है — ऐसी कोई जोड़ी है ही नहीं। 100 से नीचे की सभी जोड़ियों में कोई-न-कोई अक्षर समान है; 100 से 999 तक दोनों नामों में ‘hundred’ आता है; और 1000 से आगे दोनों में ‘thousand’, ‘million’ या ‘billion’ आता है, जिनमें से हर शब्द में n और o हैं। अत: अंग्रेज़ी में आप कितना भी गिन लें, ऐसी जोड़ी कभी नहीं मिलेगी।
प्र6.
माना कि आप सभी संख्याओं 1,2,3,4,...,9,10,11,... को लिखते हैं। आपके द्वारा लिखा गया दसवाँ अंक 1 है और ग्यारहवाँ अंक 0 है और यह संख्या 10 का भाग है। (a) 1000वाँ अंक क्या होगा? यह किस संख्या पर आएगा? (b) किस संख्या में 10 लाखवाँ अंक आएगा? (c) आपने अंक 5 को 5000वीं बार कब लिखा होगा?
उत्तर

(a) 1000वाँ अंक 3 है, जो संख्या 370 का पहला अंक है।

1–9: 9 संख्याएँ × 1 अंक = 9 अंक (कुल 9)
10–99: 90 संख्याएँ × 2 अंक = 180 अंक (कुल 189)
शेष आवश्यक अंक = 1000 − 189 = 811
811 ÷ 3 = 270, शेषफल 1
270 तीन अंकों की संख्याएँ: 100 से 369 → 810 अंक (कुल 999)
अगला अंक, अर्थात 1000वाँ, 370 का पहला अंक 3 है

(b) 10 लाखवाँ अंक संख्या 1,85,185 में आएगा।

1–9: 9 अंक (कुल 9)
10–99: 180 अंक (कुल 189)
100–999: 2,700 अंक (कुल 2,889)
1000–9999: 36,000 अंक (कुल 38,889)
10,000–99,999: 4,50,000 अंक (कुल 4,88,889)
शेष आवश्यक अंक = 10,00,000 − 4,88,889 = 5,11,111
5,11,111 ÷ 6 = 85,185, शेषफल 1
85,185 छह अंकों की संख्याएँ: 1,00,000 से 1,85,184 → 5,11,110 अंक (कुल 9,99,999)
अगला अंक, अर्थात 10 लाखवाँ, 1,85,185 का पहला अंक है

(c) अंक ‘5’ आप 13,495 संख्या पर 5000वीं बार लिखेंगे — यह 13,495 का इकाई अंक है।

1 से 13,494 तक लिखे गए 5 की गिनती = 4,999
13,495 में एक 5 है (इकाई के स्थान पर)
4,999 + 1 = 5,000
ऐसा क्यों होता है: तीनों भागों की युक्ति एक ही है — अंकों को एक-एक करके नहीं, बल्कि खंडों में गिनिए (1 अंक की संख्याएँ, 2 अंकों की, 3 अंकों की …), फिर भाग देकर देखिए कि आप अगले खंड में कितनी दूर पहुँचे। शेषफल बताता है कि आप किस संख्या के किस अंक पर हैं।
पुस्तक की उत्तर-कुंजी पर टिप्पणी: कुंजी में भाग (c) का उत्तर 13,995 दिया है। ध्यान से गिनने पर 5,000वाँ ‘5’ वास्तव में 13,495 पर आता है; 13,995 तक पहुँचते-पहुँचते आप अंक 5 को 5,000 बार से अधिक लिख चुके होते हैं।
प्र7.
एक गणक में केवल +10,000 और +100 के ही बटन हैं। निम्नलिखित संख्याओं को बनाने के लिए बटनों को दबाने की संख्या का वर्णन करते हुए एक व्यंजक लिखिए — (a) 20,800 (b) 92,100 (c) 1,20,500 (d) 65,30,000 (e) 70,25,700
उत्तर

जितने दस-हजार ले सकें लीजिए, शेष सैकड़ों से पूरा कीजिए।

संख्याव्यंजककुल बार
(a) 20,800(2 × 10,000) + (8 × 100)2 + 8 = 10
(b) 92,100(9 × 10,000) + (21 × 100)9 + 21 = 30
(c) 1,20,500(12 × 10,000) + (5 × 100)12 + 5 = 17
(d) 65,30,000(653 × 10,000)653 + 0 = 653
(e) 70,25,700(702 × 10,000) + (57 × 100)702 + 57 = 759
जाँच (e): 702 × 10,000 = 70,20,000
57 × 100 = 5,700
70,20,000 + 5,700 = 70,25,700
ऐसा क्यों होता है: केवल इन दो बटनों से जो भी संख्या बनेगी वह 100 की गुणज होगी। संख्या को (संख्या ÷ 10,000) दस-हजारों तथा शेष सैकड़ों में बाँटिए। (b) में 92,100 = 90,000 + 2,100, अत: +10,000 को 9 बार और +100 को 21 बार।
प्रयास करें: क्या यह गणक 20,850 दिखा सकता है? नहीं — 50 पूरे सैकड़ों में नहीं आता, अत: वह संख्या पहुँच से बाहर है।
प्र8.
कितने लाख मिलकर एक बिलियन बनाते हैं?
उत्तर

10,000 लाख मिलकर एक बिलियन बनाते हैं।

1 बिलियन = 1,000,000,000 = 109
1 लाख = 1,00,000 = 105
लाखों की संख्या = 109 ÷ 105
= 104
= 10,000 लाख
ऐसा क्यों होता है: केवल शून्य गिनिए। बिलियन में 9 शून्य हैं और लाख में 5, अत: उत्तर में 9 − 5 = 4 शून्य होंगे: 10,000। भारतीय भाषा में 1 बिलियन = 100 करोड़ = 1 अरब, और 100 करोड़ = 10,000 लाख।
संकेत: इसी विधि से “कितने लाख मिलकर एक मिलियन बनाते हैं?” का उत्तर भी मिलता है — 6 − 5 = 1 शून्य, अर्थात 10 लाख।
प्र9.
आपको 1 से 9 तक संख्यांकित संख्या पत्रकों के दो समूह दिए गए हैं। नीचे दिए गए प्रत्येक बक्से में एक संख्या पत्रक को रखकर निम्न परिणामों को प्राप्त कीजिए — (a) सबसे बड़ा संभावित योगफल (b) दो परिणामी संख्याओं का सबसे छोटा संभावित अंतर। (बक्से 7 अंकों की संख्या और उसके नीचे 5 अंकों की संख्या बनाते हैं।)
उत्तर

(a) सबसे बड़ा योगफल = 1,00,75,308   (b) सबसे छोटा अंतर = 10,22,447

(a) 99,87,654
   +     87,654
   = 1,00,75,308

(b) 11,22,334
   −     99,887
   = 10,22,447
ऐसा क्यों होता है: 1 से 9 तक का प्रत्येक पत्रक दो-दो बार उपलब्ध है।
सबसे बड़े योगफल के लिए सभी 12 बक्सों के स्थानीय मान देखिए: 106 और 105 एक-एक बार आते हैं (केवल 7 अंकों की संख्या ही वहाँ तक जाती है), जबकि 104, 103, 102, 101 और 100 दो-दो बार। अब सबसे बड़े पत्रक सबसे बड़े स्थानीय मानों को दीजिए: 106 को 9, 105 को 9, दोनों 104 स्थानों को 8-8, दोनों 103 स्थानों को 7-7, इसी प्रकार आगे।
सबसे छोटे अंतर के लिए 7 अंकों की संख्या को यथासंभव छोटा बनाइए (11,22,334 — दो 1, दो 2, दो 3 और एक 4) तथा शेष पत्रकों से 5 अंकों की सबसे बड़ी संख्या (99,887)।
पुस्तक की उत्तर-कुंजी पर टिप्पणी: कुंजी में योगफल 1,00,54,320 छपा है। कुंजी में दिखाए गए पत्रकों — 9,9,8,8,7,7,6,6,5,5,4,4 — से वास्तव में 99,87,654 + 87,654 = 1,00,75,308 मिलता है। अंतर वाला उत्तर 10,22,447 सही है।
प्र10.
आपको कुछ संख्या पत्रक — 4,000, 13,000, 300, 70,000, 1,50,000, 20 और 5 दिए गए हैं। इन पत्रकों का उपयोग करके आप अपनी इच्छानुसार किन्हीं भी संक्रियाओं का उपयोग करके नीचे दी गई संख्याओं के जितना हो सके उतना निकटतम पहुँच सकते हैं। एक विशिष्ट संख्या को बनाने के लिए प्रत्येक पत्रक का उपयोग केवल एक बार किया जा सकता है। (a) 1,10,000 (b) 2,00,000 (c) 5,80,000 (d) 12,45,000 (e) 20,90,800
उत्तर

पाँच में से चार लक्ष्य ठीक-ठीक प्राप्त किए जा सकते हैं।

लक्ष्यव्यंजकमान
(a) 1,10,000(13,000 × 20) − 1,50,0001,10,000 — ठीक
(b) 2,00,000(70,000 × 5) − 1,50,0002,00,000 — ठीक
(c) 5,80,000(70,000 × 5) + 1,50,000 + (4,000 × 20)5,80,000 — ठीक
(d) 12,45,000(13,000 + 70,000) × 300 ÷ 2012,45,000 — ठीक
(e) 20,90,80070,000 + 4,000 × (5 + 1,50,000 ÷ 300) + (13,000 ÷ 20)20,90,650 — 150 कम
जाँच (a): 13,000 × 20 = 2,60,000; 2,60,000 − 1,50,000 = 1,10,000
जाँच (c): 3,50,000 + 1,50,000 + 80,000 = 5,80,000
जाँच (d): 83,000 × 300 = 2,49,00,000; ÷ 20 = 12,45,000
जाँच (e): 1,50,000 ÷ 300 = 500; 500 + 5 = 505; 4,000 × 505 = 20,20,000;
+ 70,000 = 20,90,000; 13,000 ÷ 20 = 650; योग = 20,90,650
ऐसा क्यों होता है: उपयोगी चालें दो हैं — भाग देकर छोटी सुविधाजनक संख्याएँ बनाना (1,50,000 ÷ 300 = 500, 13,000 ÷ 20 = 650) और गुणा करके तेज़ी से ऊपर पहुँचना। एक बार 13,000 × 20 = 2,60,000 या 70,000 × 5 = 3,50,000 दिख जाए, तो शेष केवल थोड़ा-सा समायोजन है।
प्रयास करें: पुस्तक का अपना उदाहरण (a) के लिए — 4000 × (20 + 5) + 13000 = 1,13,000 — लक्ष्य से 3,000 दूर है। क्या आप 20,90,800 के लिए कोई ठीक व्यंजक ज्ञात कर सकते हैं? अब तक का निकटतम है 70,000 − (5 − 300) × ((1,50,000 − 13,000) ÷ 20) = 20,90,750, केवल 50 दूर।
प्र11.
पता लगाइए कि ‘एकता की प्रतिमा’ की ऊँचाई से मिलान करने के लिए कितने सिक्कों का ढेर लगाना चाहिए। मान लीजिए कि प्रत्येक सिक्के की मोटाई 1 मिलीमीटर है।
उत्तर

1,80,000 सिक्के — एक लाख अस्सी हजार।

एकता की प्रतिमा की ऊँचाई = 180 मी.
1 मी. = 100 सेमी और 1 सेमी = 10 मिमी
अत: 180 मी. = 180 × 100 × 10 मिमी
= 1,80,000 मिमी

एक सिक्के की मोटाई = 1 मिमी
सिक्कों की संख्या = 1,80,000 ÷ 1
= 1,80,000 सिक्के
ऐसा क्यों होता है: यह प्रश्न वास्तव में मात्रक बदलने का है। एक बार ऊँचाई मिलीमीटर में आ जाए तो 1 मिमी से भाग देना बहुत सरल है — परंतु 1 मी. = 1000 मिमी भूल जाने पर उत्तर हज़ार गुना कम आ जाएगा।
क्या आप जानते हैं? 1,80,000 एक-रुपये के सिक्कों का भार लगभग 700 किग्रा होगा — लगभग उतना ही जितना एक नीली व्हेल का हृदय!
प्र12.
एक बहुत बड़े समुद्री पक्षी एल्बाट्रॉस के पंखों का फैलाव लगभग 7 फीट चौड़ा होता है। वे कई महासागरों में स्थानांतरण के लिए जाने जाते हैं। एल्बाट्रॉस एक दिन में लगभग 900 से 1,000 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। रिकॉर्ड में सबसे लंबी एकल यात्रा 12,000 किलोमीटर है। प्रशांत महासागर को पार करने में ऐसी यात्रा में लगभग कितने दिन लगेंगे?
उत्तर

लगभग 12 से 14 दिन

प्रतिदिन 1000 किमी पर: 12,000 ÷ 1000 = 12 दिन
प्रतिदिन 900 किमी पर: 12,000 ÷ 900 = 13.3 → लगभग 14 दिन
(13 पूरे दिनों में केवल 11,700 किमी ही तय होगा, अत: 14वाँ दिन चाहिए)

अत: यात्रा में लगभग 12 से 14 दिन लगेंगे
ऐसा क्यों होता है: चाल एक परिसर में दी गई है, अत: उत्तर भी परिसर में ही होगा। सबसे अधिक चाल से न्यूनतम समय और सबसे कम चाल से अधिकतम समय मिलता है — ये दो गणनाएँ वास्तविक उत्तर को घेर लेती हैं।
क्या आप जानते हैं? 7 फीट के पंख फैलाव के साथ एल्बाट्रॉस दक्षिणी महासागर की हवाओं पर बिना पंख फड़फड़ाए घंटों तक तैर सकता है।
प्र13.
लिमोसा (एक पक्षी) के नाम सबसे लंबी अविरत उड़ान का रिकॉर्ड दर्ज है। बिना रुके अलास्का से आस्ट्रेलिया 13,560 किलोमीटर की यात्रा की। यह यात्रा 13 अक्तूबर 2022 से आरंभ होकर लगभग 11 दिन लगातार चली। उसके द्वारा प्रत्येक दिन में तय की गई लगभग दूरी ज्ञात कीजिए। पता लगाइए कि उसने प्रत्येक घंटे में लगभग कितनी दूरी तय की।
उत्तर

लगभग 1,233 किमी प्रतिदिन और लगभग 51 किमी प्रति घंटा

प्रतिदिन दूरी = 13,560 ÷ 11
= 1232.7…
1,233 किमी प्रतिदिन

यात्रा के कुल घंटे = 11 × 24 = 264
प्रति घंटा दूरी = 13,560 ÷ 264
= 51.36…
51 किमी प्रति घंटा

(अथवा: 1,233 ÷ 24 ≈ 51 किमी प्रति घंटा)
ऐसा क्यों होता है: पक्षी कहीं उतरता ही नहीं, अत: वह प्रत्येक दिन के पूरे 24 घंटे उड़ता है — इसीलिए हम 264 घंटों से भाग देते हैं, न कि केवल दिन के उजाले के घंटों से। ग्यारह दिनों तक बिना रुके 51 किमी/घंटा लगभग शहरी यातायात में कार की चाल है।
क्या आप जानते हैं? उड़ान से पहले यह पक्षी अपना भार लगभग दुगुना कर लेता है और रास्ते में लगभग पूरा भार खर्च कर देता है — ग्यारह दिनों तक वह न खा सकता है, न पी सकता है, न ठीक से सो सकता है।
प्र14.
बॉल्ड ईगल को भूतल से 4,500 से 6,000 मीटर की ऊँचाई तक उड़ने के लिए जाना जाता है। माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई लगभग 8,850 मीटर है। हवाई जहाज 10,000 से 12,800 मीटर की ऊँचाई तक उड़ सकता है। सोमू के भवन की तुलना में ये ऊँचाइयाँ कितनी गुना बड़ी हैं?
उत्तर

सोमू का भवन 40 मी. ऊँचा है, अत: प्रत्येक ऊँचाई को 40 से भाग दीजिए।

ऊँचाईहलसोमू के भवन से कितने गुना
बॉल्ड ईगल (न्यूनतम) 4,500 मी.4500 ÷ 40112.5 ≈ 112 गुना
बॉल्ड ईगल (अधिकतम) 6,000 मी.6000 ÷ 40150 गुना
माउंट एवरेस्ट 8,850 मी.8850 ÷ 40221.25 ≈ 221 गुना
हवाई जहाज (न्यूनतम) 10,000 मी.10000 ÷ 40250 गुना
हवाई जहाज (अधिकतम) 12,800 मी.12800 ÷ 40320 गुना
अत: बॉल्ड ईगल भवन की ऊँचाई के लगभग 112 से 150 गुना ऊपर उड़ता है,
माउंट एवरेस्ट लगभग 221 गुना ऊँचा है,
और हवाई जहाज लगभग 250 से 320 गुना ऊँचाई पर उड़ते हैं।
ऐसा क्यों होता है: यह पृष्ठ 3 वाला “परिचित वस्तु से तुलना कीजिए” विचार ही है, जो यहाँ अंतिम बार प्रयोग हुआ है। “हवाई जहाज 12,800 मी. ऊपर उड़ता है” कहने से कुछ समझ नहीं आता; “यह 300 से अधिक दस-मंज़िला भवनों को एक के ऊपर एक रखने जितना है” कहने से चित्र स्पष्ट हो जाता है।
स्वयं जाँचिए: 6,000 मी. पर उड़ता बॉल्ड ईगल सोमू के भवन से 150 गुना ऊपर है — और माउंट एवरेस्ट भी उड़ते हुए हवाई जहाज से नीचे है।
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