प्र1.
उन्हें कुल कितने रुपये चुकाने हैं? क्या इसे व्यंजक 2 × 43 + 24 के द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है?
उत्तर
नहीं। ल्हामो और नोर्बू में से प्रत्येक ने एक वड़ा (₹43) और एक रसगुल्ला (₹24) मँगवाया, अत: कुल राशि पूरे भाग की दुगुनी होगी।
2 × 43 + 24 को पदों के योग के रूप में = (2 × 43) + (24)
= 86 + 24 = ₹110
इसका अर्थ है “2 × 43 से 24 अधिक” — दो वड़े किंतु केवल एक रसगुल्ला। ✗
सही व्यंजक = 2 × (43 + 24)
= 2 × 67 = ₹134
यही दो वड़ों और दो रसगुल्लों का मूल्य भी है:
2 × 43 + 2 × 24 = 86 + 48 = ₹134 ✓
= 86 + 24 = ₹110
इसका अर्थ है “2 × 43 से 24 अधिक” — दो वड़े किंतु केवल एक रसगुल्ला। ✗
सही व्यंजक = 2 × (43 + 24)
= 2 × 67 = ₹134
यही दो वड़ों और दो रसगुल्लों का मूल्य भी है:
2 × 43 + 2 × 24 = 86 + 48 = ₹134 ✓
अत: 2 × (43 + 24) = 2 × 43 + 2 × 24।
ऐसा क्यों होता है: कोष्ठक के बिना ‘×’ केवल अपने साथ वाली संख्या से जुड़ता है, इसलिए 2 × 43 + 24 के दो पद हैं — 2 × 43 और 24। 2 × (43 + 24) का कोष्ठक पूरे भाग को दुगुना करता है — यही वितरण गुण है।