गणित प्रकाश अध्याय 2 अंकगणितीय व्यंजक के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-05
इस अध्याय के बारे में
13 + 2 या 5 × 25 जैसे गणितीय वाक्यांश अंकगणितीय व्यंजक कहलाते हैं; जिस संख्या पर वे आते हैं, वह उनका मान है। दो व्यंजकों की तुलना =, < या > से केवल तर्क द्वारा की जा सकती है — पूरा हल निकाले बिना। पद व्यंजक के वे भाग हैं जो ‘+’ के चिह्न से अलग होते हैं। हर घटाव को पहले प्रतिलोम जोड़ने में बदला जाता है, इसलिए 83 – 14 के पद 83 और –14 हैं। पदों को किसी भी क्रम में और किसी भी समूह में जोड़ा जा सकता है — यही जोड़ का क्रमविनिमेयता गुण और साहचर्यता गुण है। जिस कोष्ठक के आगे ऋणात्मक चिह्न लगा हो, उसे हटाने पर अंदर के हर पद का चिह्न बदल जाता है। वितरण (बंटन) गुण : a × (b + c) = a × b + a × c तथा a × (b – c) = a × b – a × c — किसी योगफल (अंतर) का गुणज गुणजों के योगफल (अंतर) के समान होता है।
अभ्यास
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- व्यंजक इंजीनियर!