प्र1.
अन्य उदाहरण लेकर जाँचिए कि घटाने को इस प्रकार जोड़ने से बदलने पर व्यंजक का मान नहीं बदलता है।
उत्तर
कुछ उदाहरण लेकर दोनों रूपों के मानों की तुलना कीजिए।
| घटाव का रूप | योग का रूप | मान |
|---|---|---|
| 18 – 10 | 18 + (–10) | 8 |
| 83 – 14 | 83 + (–14) | 69 |
| 40 – 55 | 40 + (–55) | –15 |
| –7 – 6 | –7 + (–6) | –13 |
| 100 – 100 | 100 + (–100) | 0 |
प्रत्येक स्थिति में दोनों रूपों का मान समान है।
ऐसा क्यों होता है: 14 घटाना और –14 जोड़ना — दोनों का काम एक ही है; दोनों संख्या रेखा पर 14 कदम बाईं ओर ले जाते हैं। अत: a – b = a + (–b) सदैव सत्य है।
सुझाव: इसी कारण हर घटाव को योग के रूप में लिखा जा सकता है। जब व्यंजक केवल योग बन जाता है, तब उसके भाग ही उसके पद होते हैं और उन्हें किसी भी क्रम में जोड़ा जा सकता है।