गणित प्रकाश अध्याय 2 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
यदि दोसों की कुल संख्या 7 तक पहुँच जाती है और धन्यवाद राशि वही रहती है तो उन्हें कितने रुपये देने होंगे? इस स्थिति के लिए एक व्यंजक लिखिए और इसके पदों की पहचान कीजिए।
उत्तर

सात मित्र एक-एक दोसा (₹23 प्रत्येक) मँगवाते हैं और धन्यवाद राशि ₹5 ही रहती है।

व्यंजक = 7 × 23 + 5

पदों के योग के रूप में: (7 × 23) + (5)
= 161 + 5
= ₹166

पद: 7 × 23 और 5 — कुल दो पद।

ऐसा क्यों होता है: 7 × 23 में कोई ‘+’ नहीं है, अत: यह पूरा गुणनफल एक ही पद है। पहले प्रत्येक पद का मान निकालकर जोड़ने पर 161 + 5 = 166 प्राप्त होता है। 7 × (23 + 5) लिखना गलत होगा — इसका अर्थ होता कि हर दोसे के साथ ₹5 की धन्यवाद राशि दी गई।
स्वयं जाँचिए: 7 × (23 + 5) = 7 × 28 = ₹196, जो ₹30 अधिक है।
प्र2.
सोचिए और चर्चा कीजिए कि उसने यह क्यों लिखा? (शिक्षक के ‘5’ बोलने पर रूबी ने 6 × 5 + 3 लिखा।)
उत्तर

खेल में 33 विद्यार्थी थे। शिक्षक ने ‘5’ बोला तो बच्चे 5-5 के समूहों में व्यवस्थित हुए।

33 = 5 के 6 समूह, और 3 बच्चे शेष
6 × 5 = 30 बच्चे पूरे समूहों में
3 बच्चे किसी समूह में नहीं आ सके
व्यंजक = 6 × 5 + 3 = 30 + 3 = 33

इसके पद हैं 6 × 5 और 3

ऐसा क्यों होता है: रूबी केवल कुल संख्या नहीं, बल्कि पूरा चित्र लिख रही है। पद 6 × 5 बताता है कि कितने पूरे समूह बने और पद 3 बताता है कि कितने बच्चे बाहर हो गए। “6 × 5 + 3” को “6 × 5 से 3 अधिक” पढ़ा जाता है।
सुझाव: यही शेषफल वाला भाग है: 33 ÷ 5 में भागफल 6 और शेषफल 3, अत: 33 = 6 × 5 + 3.
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