गणित प्रकाश अध्याय 2 व्यंजक इंजीनियर!

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
चार बार 4 लेकर व्यंजक बनाइए जिनके 1 से 20 तक सभी मान प्राप्त होते हों।
उत्तर

हर बार ठीक चार 4 लीजिए, और +, –, ×, ÷, कोष्ठक तथा दो अंकों की संख्या 44 का उपयोग कीजिए।

मानव्यंजक
144 ÷ 44
24 ÷ 4 + 4 ÷ 4
3(4 + 4 + 4) ÷ 4
44 + 4 × (4 – 4)
5(4 × 4 + 4) ÷ 4
64 + (4 + 4) ÷ 4
744 ÷ 4 – 4
84 + 4 + 4 – 4
94 + 4 + 4 ÷ 4
10(44 – 4) ÷ 4
12(44 + 4) ÷ 4
154 × 4 – 4 ÷ 4
164 + 4 + 4 + 4
174 × 4 + 4 ÷ 4
20(4 + 4 ÷ 4) × 4

सच यह है कि केवल +, –, × और ÷ (तथा 44) से 11, 13, 14, 18 और 19 को ठीक चार 4 में नहीं बनाया जा सकता। दशमलव बिंदु की छूट मिलने पर ये भी बन जाते हैं —

11 = 4 ÷ .4 + 4 ÷ 4
18 = 4 ÷ .4 + 4 + 4

पहेली-पुस्तकों में इनके लिए वर्गमूल और क्रमगुणित की भी छूट दी जाती है, जैसे 19 = 4! – 4 – 4 ÷ 4 तथा 14 = 4 × 4 – 4 ÷ √4।

ऐसा क्यों होता है: चार 4 और चार संक्रियाओं से केवल सीमित संख्याएँ ही बनती हैं, क्योंकि प्रत्येक 4 का एक बार उपयोग अनिवार्य है और +, –, ×, ÷ के परिणाम एक मोटे जाल पर ही आते हैं। इसीलिए 1 से 20 तक की पूरी शृंखला पाने के लिए अतिरिक्त साधन — दशमलव बिंदु, वर्गमूल, क्रमगुणित — की अनुमति दी जाती है।
प्रयास करें: यदि केवल 44 और 444 की छूट हो और कुछ नहीं, तो 1 से 20 में से कितने मान आप बना पाते हैं? अपने मित्र की सूची से मिलाइए।
प्र2.
संख्याओं 1, 2, 3, 4 और 5 का केवल एक बार किसी भी क्रम में उपयोग करके –10 और +10 के बीच जितने संभव हों, उतने मान प्राप्त कीजिए।
उत्तर

1, 2, 3, 4, 5 में से हर संख्या एक-एक बार लीजिए और +, –, ×, ÷ तथा कोष्ठकों का उपयोग कीजिए। –10 से 10 तक का हर पूर्णांक प्राप्त किया जा सकता है।

मानव्यंजकमानव्यंजक
105 + 4 + 3 – 2 × 1–11 + 2 – 3 + 4 – 5
91 + 2 – 3 + 4 + 5–22 + 4 – 3 – 5 × 1
84 + 5 + 2 – 3 × 1–31 + 2 + 3 – 4 – 5
71 + 2 + 3 – 4 + 5–41 × 2 + 3 – 4 – 5
62 × 3 + 4 – 5 + 1–51 – 2 – 3 + 4 – 5
51 + 2 + 3 + 4 – 5–6(4 – 5) × (1 + 2 + 3)
41 × 2 + 3 + 4 – 5–71 – 2 + 3 – 4 – 5
31 – 2 + 3 – 4 + 5–8(4 – 5) × (1 + 3) × 2
25 × 2 – 4 × (3 – 1)–91 + 2 – 3 – 4 – 5
11 + 2 – 3 – 4 + 5–102 – 3 – 4 – 5 × 1
05 – 4 – 3 + 2 × 1
ऐसा क्यों होता है: 1, 2, 3, 4, 5 पर केवल + और – लगाने से योग सदैव विषम ही आता है, क्योंकि 1 + 2 + 3 + 4 + 5 = 15 विषम है और किसी एक चिह्न को बदलने पर योग सम मात्रा से बदलता है। सम मान पाने के लिए × या ÷ लाना पड़ता है — इसीलिए ऊपर की सम पंक्तियों में गुणा का उपयोग हुआ है।
स्वयं जाँचिए: 5 × 2 – 4 × (3 – 1) = 10 – 8 = 2 ✓ तथा (4 – 5) × (1 + 3) × 2 = (–1) × 4 × 2 = –8 ✓
प्र3.
0 से 9 तक की संख्याओं का केवल एक बार किसी भी क्रम में उपयोग करके 100 मान वाला एक व्यंजक बनाइए।
उत्तर

0, 1, 2, …, 9 में से प्रत्येक का ठीक एक बार उपयोग करने वाला एक सुंदर हल —

0 + 1 + 2 + 3 + 4 + 5 + 6 + 7 + 8 × 9

पद: 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 तथा 8 × 9
= (0 + 1 + 2 + 3 + 4 + 5 + 6 + 7) + 72
= 28 + 72
= 100

यदि दो अंकों की संख्याएँ बनाने की छूट हो तो दो और हल —

80 + 19 + 3 + 4 – 5 – 6 + 7 – 2 + 0 = 100
91 + 5 + 8 + 4 – 7 – 6 + 3 + 2 + 0 = 100
ऐसा क्यों होता है: युक्ति यह है कि एक बड़ा पद बनाया जाए जो अधिकांश मान उठा ले। यहाँ 8 × 9 = 72 यही काम करता है, और शेष अंक 0 से 7 का योग ठीक 28 है — 100 तक पहुँचने के लिए उतना ही चाहिए था।
स्वयं जाँचिए: 1 + 2 + 3 + 4 + 5 + 6 + 7 = 28 और 8 × 9 = 72, अत: 28 + 72 = 100 ✓ तथा 0 से 9 तक का हर अंक एक-एक बार प्रयुक्त हुआ है।
प्र4.
आप कौन-कौन से इसी प्रकार के अन्य रोचक प्रश्न पूछ सकते हैं?
उत्तर

इसी परिवार की कुछ पहेलियाँ जो आप अपनी कक्षा के लिए बना सकते हैं —

  • तीन बार 5 और कोई भी संक्रियाएँ लेकर 1 से 10 तक के सभी मान बनाइए।
  • चार बार 2 का एक-एक बार उपयोग करके 1 से 15 तक के कौन-से मान बनाए जा सकते हैं?
  • वर्तमान वर्ष के अंकों (जैसे 2, 0, 2 और 6) का एक-एक बार उपयोग करके 1 से 12 तक के मान बनाइए — हर महीने के लिए एक।
  • 1, 2, 3, 4 का एक-एक बार उपयोग करके सबसे बड़ा कौन-सा मान बनाया जा सकता है? और सबसे छोटा?
  • 8 – 3 × 2 + 4 में कोष्ठक लगाकर जितने भिन्न मान संभव हों, उतने बनाइए।
  • केवल अंक 7 और चारों संक्रियाओं का उपयोग करके 100 मान वाला व्यंजक लिखिए।
  • 1 से 30 तक की कौन-सी संख्याएँ दो या अधिक क्रमागत पूर्ण संख्याओं के योग के रूप में लिखी जा सकती हैं?
ऐसा क्यों होता है: इस प्रकार की हर पहेली एक ही असली प्रश्न पूछती है — संख्याओं का एक निश्चित समूह कितने भिन्न मान बना सकता है, जब संक्रियाएँ, क्रम और कोष्ठक चुनने की स्वतंत्रता हो। यही इस अध्याय का सार है।
सुझाव: पहेली बनाते समय पहले उसे स्वयं हल कीजिए और कम से कम एक उत्तर लिख लीजिए, ताकि आपको पता हो कि वह संभव है।
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