प्र1.
क्या ये दोनों विधियाँ भिन्न-भिन्न हैं?
उत्तर
नहीं। पहली और दूसरी विधि में ठीक वही चरण हैं — दूसरी विधि उन्हें केवल स्तंभ रूप में लिखती है।
| चरण | पहली विधि (विस्तृत) | दूसरी विधि (स्तंभ) |
|---|---|---|
| प्रत्येक स्थान जोड़िए | (15+2) + (3⁄10+6⁄10) + (4⁄100+8⁄100) | 17 9⁄10 12⁄100 |
| शतांशों का पुनर्समूहन | 17 + 9⁄10 + 1⁄10 + 2⁄100 | 17 10⁄10 2⁄100 |
| दशांशों का पुनर्समूहन | 18 + 2⁄100 | 18 2⁄100 |
ऐसा क्यों होता है: दोनों एक ही दो तथ्यों पर टिकी हैं — 10 शतांश से 1 दशांश तथा 10 दशांश से 1 इकाई। पहली विधि तर्क दिखाती है, दूसरी वही तर्क संक्षेप में लिखती है।