गणित प्रकाश अध्याय 3 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या हम इसे और आगे विस्तार कर सकते हैं?
उत्तर

हाँ — दोनों ओर, बिना किसी अंत के।

… 1,00,000   10,000   1000   100   10   1   110   1100   11000   110,000
बाईं ओर बढ़िए → प्रत्येक चरण पर × 10
दाईं ओर बढ़िए → प्रत्येक चरण पर ÷ 10
ऐसा क्यों होता है: "प्रत्येक स्थान अपने दाईं ओर के स्थान का दस गुना है" — इस नियम को यह मतलब नहीं कि हम कहाँ से आरंभ करते हैं। बार-बार बाईं ओर लगाने पर बड़े स्थानीय मान मिलते हैं और दाईं ओर लगाने पर छोटे, और यह कभी रुकता नहीं।
प्र2.
जब 1/100 को 10 समान भागों में विभक्त किया जाएगा, तब भिन्न क्या होगा?
उत्तर
1100 ÷ 10 = 11000 — एक सहस्त्रांश
ऐसे 1000 भागों से 1 इकाई बनती है
ऐसे 100 भागों से 1 दशांश बनता है
ऐसे 10 भागों से 1 शतांश बनता है
ऐसा क्यों होता है: एक इकाई में 100 शतांश होते हैं। यदि प्रत्येक शतांश को 10 में काट दिया जाए तो इकाई में 100 × 10 = 1000 सूक्ष्म भाग हो जाते हैं, अत: प्रत्येक भाग इकाई का 11000 है।
क्या आप जानते हैं? एक ग्राम ठीक एक किलोग्राम का सहस्त्रांश है और एक मिलीमीटर एक मीटर का सहस्त्रांश — सहस्त्रांश हमारे चारों ओर हैं।
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