प्र1.
क्या हम प्रारंभिक व्यंजक को इस प्रकार लिख सकते थे — (40x + 75y) + (– 6x – 10y)?
उत्तर
हाँ। किसी व्यंजक को घटाना उसके विपरीत को जोड़ने के समान है।
– (6x + 10y) = – 6x – 10y
अतः (40x + 75y) – (6x + 10y) = (40x + 75y) + (– 6x – 10y)
= दोनों प्रकार से 34x + 65y
अतः (40x + 75y) – (6x + 10y) = (40x + 75y) + (– 6x – 10y)
= दोनों प्रकार से 34x + 65y
ऐसा क्यों होता है: हर घटाव को विपरीत संख्या के योग में बदला जा सकता है। पदों के योग के रूप में लिखा व्यंजक अदला-बदली एवं समूहीकरण के लिए कहीं अधिक सरल हो जाता है।