गणित प्रकाश अध्याय 4 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या हम प्रारंभिक व्यंजक को इस प्रकार लिख सकते थे — (40x + 75y) + (– 6x – 10y)?
उत्तर

हाँ। किसी व्यंजक को घटाना उसके विपरीत को जोड़ने के समान है।

– (6x + 10y) = – 6x – 10y
अतः (40x + 75y) – (6x + 10y) = (40x + 75y) + (– 6x – 10y)
= दोनों प्रकार से 34x + 65y
ऐसा क्यों होता है: हर घटाव को विपरीत संख्या के योग में बदला जा सकता है। पदों के योग के रूप में लिखा व्यंजक अदला-बदली एवं समूहीकरण के लिए कहीं अधिक सरल हो जाता है।
प्र2.
उदाहरण 8 — चारु प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के तीन चरणों में उसके अंक 7p – 3q, 8p – 4q एवं 6p – 2q हैं। यहाँ सही उत्तर के लिए अंक p से एवं गलत उत्तर पर कटने वाले अंक q से दर्शाए गए हैं। प्रत्येक व्यंजक का क्या अर्थ है?
उत्तर
चरणव्यंजकअर्थ
17p – 3q7 सही उत्तर एवं 3 गलत उत्तर
28p – 4q8 सही उत्तर एवं 4 गलत उत्तर
36p – 2q6 सही उत्तर एवं 2 गलत उत्तर
ऐसा क्यों होता है: हर सही उत्तर से p अंक मिलते हैं, अतः 7 सही उत्तरों से 7p। हर गलत उत्तर पर q अंक कटते हैं, अतः 3 गलत उत्तरों पर 3q — इसीलिए घटाव
प्र3.
यदि एक सही उत्तर के लिए 4 अंक (p = 4) हो एवं गलत उत्तर के लिए दण्ड के रूप में कटने वाला अंक 1 (q = 1) हो तो पहले चरण में चारु के द्वारा प्राप्त किए गए अंक ज्ञात कीजिए।
उत्तर
7p – 3q = 7 × 4 – 3 × 1
= 7 × 4 + (–3 × 1)
= 28 + (–3)
= 25
प्र4.
दूसरे एवं तीसरे चरण में उसके कितने अंक हैं?
उत्तर

प्रत्येक व्यंजक में p = 4 एवं q = 1 रखिए।

चरण 2: 8p – 4q = 8 × 4 – 4 × 1 = 32 – 4 = 28
चरण 3: 6p – 2q = 6 × 4 – 2 × 1 = 24 – 2 = 22
स्वयं जाँचिए: 25 + 28 + 22 = 75, और आगे देखेंगे कि उसके कुल अंक 21p – 9q = 84 – 9 = 75 हैं ✔
प्र5.
क्या होगा यदि गलत उत्तर देने पर दण्ड के रूप में अंक न कटें? उस स्थिति में q का मान क्या होगा?
उत्तर

दण्ड न होने का अर्थ है कि गलत उत्तर पर कुछ भी नहीं कटता।

q = 0
चरण 1 के अंक = 7p – 3 × 0 = 7p = 28
कुल अंक = 21p – 9 × 0 = 21p = 84
ऐसा क्यों होता है: q = 0 रखने पर दण्ड वाला हर पद शून्य हो जाता है, क्योंकि किसी भी संख्या को 0 से गुणा करने पर 0 ही मिलता है।
प्र6.
तीनों चरणों के बाद उसके अंतिम अंक कितने होंगे?
उत्तर

तीनों चरणों के अंक जोड़कर सरल कीजिए।

(7p – 3q) + (8p – 4q) + (6p – 2q)
= 7p + (–3q) + 8p + (–4q) + 6p + (–2q)
= 7p + 8p + 6p + (–3q) + (–4q) + (–2q) (अदला-बदली एवं समूहीकरण)
= (7 + 8 + 6)p – (3 + 4 + 2)q
= 21p – 9q
प्र7.
कृषिता के लिए प्राप्त तीनों चरणों में कुछ ऐसे संभावित अंक बताइए जिससे कि उनका योगफल 23p – 7q हो।
उत्तर

23 को तीन भागों में एवं 7 को तीन भागों में बाँटिए।

एक संभावना:
चरण 1: 8p – 3q
चरण 2: 7p – 2q
चरण 3: 8p – 2q
योग = (8 + 7 + 8)p – (3 + 2 + 2)q = 23p – 7q
प्रयास करें: एक अन्य समूह है 10p – 4q, 6p – 1q एवं 7p – 2q। स्वयं एक तीसरा समूह बनाइए — ऐसी अनेक संभावनाएँ हैं।
प्र8.
क्या हम बता सकते हैं कि किसके अंक अधिक हैं और क्यों? (चारु: 21p – 9q, कृषिता: 23p – 7q)
उत्तर

कृषिता के अंक अधिक हैं।

कृषिता के 23p, चारु के 21p → कृषिता को 2p अधिक मिले
कृषिता के 7q कटे, चारु के 9q → कृषिता के 2q कम कटे
ऐसा क्यों होता है: कृषिता दोनों दृष्टियों से आगे है — अधिक सही उत्तर एवं कम गलत उत्तर। चूँकि p एवं q धनात्मक संख्याएँ हैं, अंकन योजना कुछ भी हो, उसके कुल अंक अधिक ही रहेंगे।
प्र9.
कृषिता ने चारु से कितने अधिक अंक प्राप्त किए? इस व्यंजक को आगे हल कीजिए — 23p – 7q – (21p – 9q)
उत्तर
23p – 7q – (21p – 9q)
= 23p – 7q – 21p + 9q
= 23p – 21p + (–7q) + 9q
= (23 – 21)p + (9 – 7)q
= 2p + 2q
स्वयं जाँचिए: p = 4 एवं q = 1 पर कृषिता के 92 – 7 = 85 और चारु के 84 – 9 = 75 अंक हैं। अंतर 10, और 2p + 2q = 8 + 2 = 10 ✔
प्र10.
उदाहरण 9 — व्यंजक 4 (x + y) – y को हल कीजिए।
उत्तर
4 (x + y) – y
= 4x + 4y – y (वितरण गुण)
= 4x + 4y + (– y)
= 4x + (4 – 1)y
= 4x + 3y
ऐसा क्यों होता है: किसी योगफल का 4 गुना, हर भाग के 4 गुने का योगफल होता है। उसके बाद 4y एवं –y सजातीय पद हैं, और 4y – y = 3y।
प्र11.
उदाहरण 10 — क्या व्यंजक 5u एवं 5 + u एक-दूसरे के समान हैं?
उत्तर

नहीं। ये दोनों भिन्न संक्रियाएँ दर्शाते हैं।

5u का अर्थ है संख्या u का 5 गुना
5 + u का अर्थ है संख्या u से 5 अधिक
ऐसा क्यों होता है: दो व्यंजक तभी समान कहलाते हैं जब अक्षर के हर मान के लिए उनके मान समान हों। यहाँ वे केवल u = 1.25 पर मिलते हैं, अन्यत्र सर्वत्र भिन्न रहते हैं — अतः ये समान व्यंजक नहीं हैं।
प्र12.
अक्षर-संख्याओं को संख्याओं से प्रतिस्थापित करके नीचे दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए, एक उदाहरण दर्शाया गया है। फिर 5u एवं 5 + u के मानों की तुलना कीजिए। (u = 11, 2, 8 एवं 5)
उत्तर
u5u5 + u
115516
2107
84013
52510
5 × 11 = 55 किंतु 5 + 11 = 16
5 × 2 = 10 किंतु 5 + 2 = 7
5 × 8 = 40 किंतु 5 + 8 = 13
5 × 5 = 25 किंतु 5 + 5 = 10

दोनों स्तंभों के मान कहीं भी नहीं मिलते, अतः 5u ≠ 5 + u

प्र13.
क्या व्यंजक 10y – 3 एवं 10 (y – 3) समान हैं? आइए, y के विभिन्न मानों (y = 2, 0, 7, 10) के लिए इन व्यंजकों के मानों की तुलना करते हैं। क्या आपको लगता है कि दोनों आरेखों में रिक्त स्थानों की पूर्ति करने के बाद दोनों व्यंजक समान हैं?
उत्तर

10y – 3 का अर्थ है ‘y के 10 गुना से 3 कम’, जबकि 10(y – 3) का अर्थ है ‘y से 3 कम का 10 गुना’।

y10y – 310 (y – 3)
217–10
0–3–30
76740
109770
y = 2: 10 × 2 – 3 = 17, किंतु 10 × (2 – 3) = 10 × (–1) = –10
y = 0: 0 – 3 = –3, किंतु 10 × (–3) = –30
y = 7: 70 – 3 = 67, किंतु 10 × 4 = 40
y = 10: 100 – 3 = 97, किंतु 10 × 7 = 70

नहीं, दोनों व्यंजक समान नहीं हैं।

ऐसा क्यों होता है: कोष्ठक खोलने पर अंतर स्पष्ट हो जाता है — 10(y – 3) = 10y – 30, जो हर y के लिए 10y – 3 से 27 कम है।
प्र14.
उदाहरण 11 — चित्र में दी गई संख्याओं का योग क्या है? (अज्ञात मानों को अक्षर-संख्याओं द्वारा प्रदर्शित किया गया है — ऊपर चार 3, फिर r एवं s, फिर r एवं s, फिर नीचे चार 3)
उत्तर

तीन अलग-अलग विधियाँ, एक ही उत्तर।

1. पंक्तिवार: (4 × 3) + (r + s) + (r + s) + (4 × 3)
= 12 + 12 + 2r + 2s = 2r + 2s + 24

2. सजातीय पद साथ: (8 × 3) + (r + r) + (s + s)
= 24 + 2r + 2s = 2r + 2s + 24

3. ऊपर का आधा भाग दुगुना: 2 × (4 × 3 + r + s)
= 2 × (12 + r + s) = 24 + 2r + 2s = 2r + 2s + 24
ऐसा क्यों होता है: चित्र ऊपर-नीचे सममित है, इसीलिए तीसरी विधि काम करती है। तीनों व्यंजक अलग दिखते हैं, किंतु सरल होकर एक ही रूप बन जाते हैं — यही समान व्यंजकों की पहचान है।
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