गणित प्रकाश अध्याय 4 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आइए, चिह्नित 2 × 2 वर्ग लेते हैं एवं विकर्णों पर विद्यमान संख्याओं 12 एवं 20; 13 एवं 19 को लेते हैं। इनका योगफल ज्ञात कीजिए; 12 + 20, 13 + 19। आपने क्या देखा?
उत्तर

दोनों विकर्णों का योगफल समान है।

12 + 20 = 32
13 + 19 = 32
दोनों विकर्ण योगफल समान हैं।
प्रयास करें: उसी नवंबर 2024 के कैलेंडर से 5, 6 के नीचे 12, 13 वाला वर्ग लीजिए। 5 + 13 = 18 एवं 6 + 12 = 18। फिर समान।
प्र2.
क्या इस अनंत जाल में प्रत्येक 2 × 2 वर्ग में विकर्ण संख्याओं के योगफल समान होंगे? हम कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं?
उत्तर

हाँ — किंतु उदाहरण देखकर हम कभी सुनिश्चित नहीं हो सकते, क्योंकि 2 × 2 वर्ग असीमित संख्या में हैं।

ऐसा क्यों होता है: सुनिश्चित होने के लिए ऐसा तर्क चाहिए जो सभी वर्गों को एक साथ ढँक ले। बीजगणित यही करता है — ऊपरी बाईं संख्या को a कहिए और शेष तीनों को a के पदों में लिखिए। एक ही गणना हर वर्ग का उत्तर दे देती है।
प्र3.
जैसा कि हम ऊपरी बाईं संख्या जानते हैं तो इस 2 × 2 वर्ग में हम अन्य संख्याएँ कैसे ज्ञात करेंगे?
उत्तर

पहले शब्दों में वर्णन कीजिए, फिर प्रतीकों में।

  • a के दाईं ओर की संख्या इससे 1 अधिक होगी
  • a के नीचे की संख्या इससे 7 अधिक होगी
  • a से विकर्ण स्थिति पर संख्या इससे 8 अधिक होगी
aa + 1
a + 7a + 8
विकर्ण 1: a + (a + 8) = a + a + 8 = 2a + 8
विकर्ण 2: (a + 1) + (a + 7) = a + a + 1 + 7 = 2a + 8
दोनों विकर्ण योगफल समान हैं — a के हर मान के लिए।
ऐसा क्यों होता है: कैलेंडर के एक सप्ताह में 7 दिन होते हैं, अतः एक पंक्ति नीचे जाने पर 7 जुड़ता है। एक स्तंभ दाईं ओर जाने पर 1 जुड़ता है। विकर्ण वाला कक्ष दोनों काम करता है, अतः 8 जुड़ता है।
प्र4.
कोई भी 2 × 2 वर्ग लेकर एवं इसकी ऊपरी बाईं संख्या को ‘a’ मानकर विकर्ण संख्याओं के योगफल के लिए इस व्यंजक की जाँच कीजिए।
उत्तर

ऊपरी बाईं संख्या 25 वाला वर्ग लीजिए (अर्थात a = 25): वर्ग है 25, 26 के नीचे 32, 33।

विकर्ण 1: 25 + 33 = 58
विकर्ण 2: 26 + 32 = 58
सूत्र: 2a + 8 = 2 × 25 + 8 = 58

अब a = 40 लीजिए: वर्ग है 40, 41 के नीचे 47, 48।

40 + 48 = 88 एवं 41 + 47 = 88
2a + 8 = 80 + 8 = 88
क्या आप जानते हैं? यही बीजगणितीय मॉडल की शक्ति है — एक छोटा-सा प्रमाण असीमित जाँचों का स्थान ले लेता है।
प्र5.
अनंत पंक्तियों वाले कैलेंडर से दिए गए आकार (8 / 14, 15, 16 / 22) में संख्याओं के समूह पर विचार कीजिए। सभी संख्याओं का योगफल ज्ञात कीजिए। इसकी तुलना मध्य में लिखी संख्या 15 से कीजिए। इस आकार में संख्याओं के अन्य समूह के लिए इसे दोहराइए। आपने क्या देखा?
उत्तर
8 + 14 + 15 + 16 + 22
= (8 + 22) + (14 + 16) + 15
= 30 + 30 + 15
= 75
और 75 = 5 × 15, अर्थात मध्य संख्या का 5 गुना।

26 पर केंद्रित एक अन्य समूह लीजिए: संख्याएँ हैं 19 / 25, 26, 27 / 33।

19 + 25 + 26 + 27 + 33 = 130 = 5 × 26

निष्कर्ष: कुल योगफल सदैव मध्य में लिखी संख्या का 5 गुना होता है।

प्र6.
क्या सदैव ऐसा होगा? आप इसे कैसे दर्शाएँगे? (संकेत — इस आकार में संख्याओं के एक सामान्य समूह पर विचार कीजिए। मध्य में लिखी संख्या को ‘a’ लीजिए। अन्य संख्याओं को ‘a’ के पदों में व्यक्त कीजिए।)
उत्तर

हाँ, सदैव। मध्य संख्या को a लीजिए।

a – 7
a – 1aa + 1
a + 7
योगफल = (a – 7) + (a – 1) + a + (a + 1) + (a + 7)
= a + a + a + a + a + (–7 + 7) + (–1 + 1)
= 5a + 0 + 0
= 5a
ऐसा क्यों होता है: यह आकार अपने मध्य के चारों ओर सममित है। ऊपर की संख्या नीचे की संख्या को निरस्त कर देती है (–7 एवं +7), और बाईं संख्या दाईं संख्या को (–1 एवं +1)। अंत में केवल मध्य संख्या की पाँच प्रतियाँ बचती हैं।
प्र7.
अन्य आकार ज्ञात कीजिए जिनके लिए चित्र के अंदर की संख्याओं का योगफल हमेशा उनमें से किसी एक संख्या का गुणज है।
उत्तर

ऐसा हर आकार काम करता है जो किसी एक कक्ष के चारों ओर सममित हो। मध्य को a लेने पर —

आकारa के पदों में संख्याएँयोगफल
3 की क्षैतिज पंक्तिa – 1, a, a + 13a
3 का ऊर्ध्वाधर स्तंभa – 7, a, a + 73a
3 का विकर्ण (↘)a – 8, a, a + 83a
5 का X (चारों कोने + मध्य)a – 8, a – 6, a, a + 6, a + 85a
पूरा 3 × 3 खंडa के चारों ओर की नौ संख्याएँ9a
3 × 3 खंड: (a – 8) + (a – 7) + (a – 6) + (a – 1) + a + (a + 1) + (a + 6) + (a + 7) + (a + 8)
= 9a
ऐसा क्यों होता है: इनमें से हर आकार में कक्ष मध्य के चारों ओर जोड़ों में बँट जाते हैं, और हर जोड़े का योग 2a होता है। इसीलिए कुल योगफल सदैव मध्य संख्या का गुणज होता है।
स्वयं जाँचिए: 15 पर केंद्रित 3 × 3 खंड (नवंबर के कैलेंडर में 7 से 23 तक) लीजिए। उसकी नौ संख्याओं का योग 135 = 9 × 15 ✔
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