गणित प्रकाश अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या दो सरल रेखाएँ एक से अधिक बिंदुओं पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं?
उत्तर

नहीं। दो भिन्न सरल रेखाएँ केवल एक ही बिंदु पर मिल सकती हैं।

ऐसा क्यों होता है: किन्हीं दो बिंदुओं से होकर ठीक एक ही सरल रेखा जाती है। अतः यदि दो रेखाओं में दो उभयनिष्ठ बिंदु P और Q होते तो दोनों रेखाएँ P और Q से जाने वाली एक ही रेखा होतीं — वे दो भिन्न रेखाएँ रह ही नहीं जातीं।
संकेत: मेज पर दो मापक रखकर देखिए। उनके किनारे जैसे ही एक बिंदु पर कटते हैं, वे तुरंत दोनों ओर दूर हटने लगते हैं।
प्र2.
गतिविधि 1: कागज की एक समतल शीट पर दो रेखाएँ इस प्रकार खींचिए कि वे परस्पर प्रतिच्छेद करें। इनसे बने चारों कोणों को चाँदे की सहायता से मापिए। ऐसी ही प्रतिच्छेदी रेखाओं के चार युग्म बनाइए और प्रतिच्छेदी बिंदुओं पर बने कोणों को मापिए। आपको इन कोणों के बीच कौन-सा प्रतिरूप (पैटर्न) दिख रहा है?
उत्तर

आप कोई भी युग्म बनाइए, हर बार यही दो प्रतिरूप दिखेंगे।

∠a = ∠c तथा ∠b = ∠d (आमने-सामने के कोण समान)
∠a + ∠b = 180°, ∠b + ∠c = 180°
∠c + ∠d = 180°, ∠d + ∠a = 180°
∠a + ∠b + ∠c + ∠d = 360°

चार भिन्न चित्रों से लिए गए मापों का एक नमूना:

चित्र∠a∠b∠c∠d∠a + ∠b
1120°60°120°60°180°
290°90°90°90°180°
335°145°35°145°180°
472°108°72°108°180°
संकेत: यदि आपका माप एक-दो डिग्री कम-ज़्यादा आए तो दोष चाँदे और पेंसिल की मोटाई का है, गणित का नहीं। पतली रेखाएँ खींचिए और चाँदे को ठीक ऊपर से देखिए।
प्र3.
चित्र 5.2 में यदि ∠a का माप 120° है तो क्या आप ∠b, ∠c और ∠d का माप बिना उन्हें खींचे और मापे निकाल सकते हैं?
उत्तर

हाँ — एक के बाद एक रैखिक युग्म का उपयोग कीजिए।

∠a + ∠b = 180° (ऋजु कोण)
120° + ∠b = 180° → ∠b = 60°
∠b + ∠c = 180°
60° + ∠c = 180° → ∠c = 120°
∠c + ∠d = 180°
120° + ∠d = 180° → ∠d = 60°

अतः ∠a = ∠c = 120° और ∠b = ∠d = 60°। जाँच: 120 + 60 + 120 + 60 = 360° ✔

ऐसा क्यों होता है: ∠a और ∠b एक सरल रेखा पर अगल-बगल हैं, अतः दोनों मिलकर 180° का ऋजु कोण बनाते हैं। यही बात अगले युग्म के लिए और उसके अगले के लिए भी सच है — 180° की यही शृंखला आमने-सामने के कोणों को समान बना देती है।
प्र4.
क्या यह तथ्य प्रतिच्छेदी रेखाओं के प्रत्येक युग्म के लिए सदैव सत्य है? ∠a के विभिन्न मापों के लिए इसकी जाँच कीजिए। क्या आप इसका कारण बता सकते हैं कि इन मापों का उपयोग करके ∠a के किसी भी माप के लिए यह गुण सत्य सिद्ध होगा?
उत्तर

हाँ, यह सदैव सत्य है — और इसे किसी विशेष संख्या के बिना सिद्ध किया जा सकता है।

∠a + ∠b = 180° (एक रेखा पर ऋजु कोण)
∠a + ∠d = 180° (दूसरी रेखा पर ऋजु कोण)
अतः ∠a + ∠b = ∠a + ∠d
दोनों ओर से ∠a हटाइए → ∠b = ∠d

∠b + ∠a = 180° तथा ∠b + ∠c = 180°
अतः ∠b + ∠a = ∠b + ∠c → ∠a = ∠c
ऐसा क्यों होता है: ∠b और ∠d दोनों ही 180° में से वही एक कोण ∠a निकालने पर बची हुई मात्रा हैं। एक ही रिक्त स्थान को भरने वाली दो संख्याएँ समान ही होंगी। ध्यान दीजिए कि यहाँ कोई मापन नहीं किया गया — यह एक उपपत्ति है और ∠a के हर माप के लिए काम करती है।
क्या आप जानते हैं? ∠a और ∠b जैसे कोण रैखिक युग्म कहलाते हैं तथा ∠b और ∠d जैसे कोण शीर्षाभिमुख कोण। यह छोटा-सा तर्क आपकी ज्यामिति की पहली उपपत्तियों में से एक है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ