चित्र 5.3 में आप जिन रैखिक युग्मों एवं शीर्षाभिमुख कोणों को देखते हैं, उन सभी की सूची बनाइए — रैखिक युग्म: ∠a और ∠b, … ; शीर्षाभिमुख कोण: ∠b और ∠d, …
उत्तर
चित्र 5.3 में रेखाएँ l और m एक बार कटती हैं, जिससे बाईं ओर ∠a, ऊपर ∠b, दाईं ओर ∠c और नीचे ∠d बनते हैं।
रैखिक युग्म
शीर्षाभिमुख कोणों के युग्म
∠a और ∠b ∠b और ∠c ∠c और ∠d ∠d और ∠a
∠a और ∠c ∠b और ∠d
अतः 4 रैखिक युग्म तथा शीर्षाभिमुख कोणों के 2 युग्म हैं।
रेखाएँ l और m प्रतिच्छेद करती हुई। ∠a और ∠c (नीले) आमने-सामने हैं, इसी प्रकार ∠b और ∠d (लाल) भी। अगल-बगल के कोई दो कोण, जैसे ∠a और ∠b, रैखिक युग्म बनाते हैं।
ऐसा क्यों होता है: प्रतिच्छेद बिंदु के चारों ओर एक चक्कर लगाइए। हर दो पड़ोसी कोण एक ही सरल रेखा पर हैं, अतः हर पड़ोसी युग्म एक रैखिक युग्म है — इससे 4 युग्म मिलते हैं। जो कोण पड़ोसी नहीं हैं वे आमने-सामने के हैं और ऐसे केवल 2 ही युग्म हैं।
संकेत: यहाँ हर शीर्षाभिमुख युग्म समान है: ∠a = ∠c तथा ∠b = ∠d। हर रैखिक युग्म का योग 180° है।
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