गणित प्रकाश अध्याय 5 समांतर और प्रतिच्छेदी रेखाएँ के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-05
इस अध्याय के बारे में
दो रेखाओं के प्रतिच्छेद से चार कोण बनते हैं। रैखिक युग्म का योग 180° होता है और शीर्षाभिमुख कोण समान होते हैं। यदि प्रतिच्छेद पर चारों कोण समान हों तो प्रत्येक 90° का होता है और रेखाएँ एक-दूसरे पर लम्ब कहलाती हैं। समांतर रेखाएँ एक ही तल में होती हैं और कितना भी बढ़ाने पर कभी नहीं मिलतीं। इन्हें एक जैसे तीर के चिह्नों से दर्शाया जाता है। एक तिर्यक रेखा दो रेखाओं को काटकर 8 कोण बनाती है, जिनमें अधिक से अधिक 4 भिन्न माप होते हैं। संगत कोण तभी और केवल तभी समान होते हैं जब दोनों रेखाएँ समांतर हों — यही समांतरता की जाँच है। समांतर रेखाओं पर तिर्यक रेखा के लिए एकांतर कोण समान होते हैं तथा एक ही ओर के अंत: कोणों का योग 180° होता है।
अभ्यास
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- गतिविधि 2
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- पाठ्य प्रश्न
- गतिविधि 3
- गतिविधि 4 और 5
- पाठ्य प्रश्न
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- उदाहरण
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