गणित प्रकाश अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आप एक मापक एवं एक समकोणक (सेट स्क्वेयर) का उपयोग करके समांतर रेखाओं का एक युग्म बना सकते हैं? चित्र 5.21 दर्शाता है कि आप इसे किस प्रकार कर सकते हैं। एक मापक द्वारा एक रेखा l खींचिए। अपने समकोणक को खिसकाकर आप रेखा l के लम्बवत दो रेखाएँ खींच सकते हैं।
उत्तर

हाँ। चित्र 5.21 वाली विधि इस प्रकार है।

  1. मापक से रेखा l खींचिए।
  2. समकोणक की एक भुजा को l पर रखिए और उस भुजा के सहारे रेखा खींचिए जो l से 90° बनाती है।
  3. समकोणक को l के सहारे खिसकाकर दूसरी जगह ले जाइए और उसी 90° वाली भुजा के सहारे दूसरी रेखा खींचिए।
दोनों नई रेखाएँ l से 90° बनाती हैं
ये 90° के कोण संगत कोण हैं
संगत कोण समान ⟹ दोनों नई रेखाएँ समांतर हैं
ऐसा क्यों होता है: समकोणक को खिसकाने से वह घूमता नहीं है, अतः खींचने वाली भुजा की दिशा वही बनी रहती है। इसलिए दोनों रेखाओं का झुकाव समान होता है और वे कभी नहीं मिल सकतीं।
प्र2.
क्या ये दोनों रेखाएँ एक-दूसरे के समांतर हैं? हमने कैसे सुनिश्चित किया कि वे एक-दूसरे के समांतर हैं? इन रेखाओं एवं रेखा l के बीच कौन-से कोण बने हैं?
उत्तर

हाँ, ये समांतर हैं। इनमें से प्रत्येक और रेखा l के बीच का कोण 90° है।

पहली रेखा का l के साथ कोण = 90° (समकोणक से)
दूसरी रेखा का l के साथ कोण = 90°
l को दोनों नई रेखाओं की तिर्यक रेखा मानिए
संगत कोण = 90° = 90° → समान
⟹ दोनों रेखाएँ समांतर
ऐसा क्यों होता है: हम चित्र के दिखने पर नहीं, बल्कि इस नियम पर भरोसा कर रहे हैं कि संगत कोणों की समानता समांतरता की गारंटी देती है — तर्क, न कि आँख
क्या आप जानते हैं? इसका एक उपयोगी परिणाम: जो दो रेखाएँ एक ही रेखा पर लम्ब हों वे आपस में समांतर होती हैं।
प्र3.
चित्र 5.22 में दर्शाए अनुसार समकोणक की लम्बी भुजा का उपयोग करके दो और समांतर रेखाएँ खींचिए।
उत्तर

इस बार खींचने वाली भुजा l से 90° पर नहीं है, फिर भी विचार बिलकुल वही है।

  1. मापक को कागज पर स्थिर रखिए — यही पटरी का काम करेगा।
  2. समकोणक की लम्बी भुजा को मापक से सटाकर रखिए और सामने वाली भुजा के सहारे एक रेखा खींचिए।
  3. समकोणक को मापक के सहारे — बिना घुमाए — खिसकाइए और उसी भुजा के सहारे दूसरी रेखा खींचिए।
दोनों रेखाएँ मापक के किनारे से समान कोण बनाती हैं
वह किनारा तिर्यक रेखा का काम करता है
संगत कोण समान ⟹ रेखाएँ समांतर
ऐसा क्यों होता है: मापक समकोणक को घूमने नहीं देता। केवल खिसकना संभव है और खिसकने से दिशा नहीं बदलती।
प्र4.
आपको कैसे ज्ञात हुआ कि ये दोनों रेखाएँ समांतर हैं? क्या आप जाँच सकते हैं कि संगत कोण समान हैं या नहीं?
उत्तर

दोनों को काटती हुई कोई रेखा खींचिए और एक ही स्थिति वाले दो कोणों की तुलना कीजिए।

  • चाँदे से: दोनों प्रतिच्छेदों पर तिर्यक रेखा की एक ही ओर, एक ही स्थिति का कोण मापिए। दोनों माप समान आते हैं।
  • अनुरेखण कागज से: एक कोण को उतारकर उस कागज को तिर्यक रेखा के सहारे दूसरे प्रतिच्छेद तक खिसकाइए। वह ठीक बैठ जाता है।
दोनों माप समान → रेखाएँ समांतर
2° या 3° का भी अंतर → रेखाएँ समांतर नहीं
और वे कहीं दूर जाकर मिलेंगी
ऐसा क्यों होता है: संगत कोणों की समानता समांतरता के लिए आवश्यक भी है और पर्याप्त भी। अतः यही एक जाँच पूरा प्रश्न हल कर देती है।
संकेत: मापन की छोटी त्रुटियाँ सामान्य हैं। यदि दोनों माप एक डिग्री से कम भिन्न हैं तो रेखाओं को समांतर मानिए और दोष चाँदे तथा पेंसिल की मोटाई का समझिए।
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