प्र1.
क्या आप रेखा l के समांतर एक रेखा खींच सकते हैं जो बिंदु A से होकर जाती है? आप इसे अपने ज्यामिति बॉक्स के उपकरणों से कैसे करेंगे? अपनी विधि का उल्लेख कीजिए।
उत्तर
हाँ। आवश्यक उपकरण: एक मापक, एक समकोणक और पेंसिल।
- समकोणक की एक भुजा को ठीक रेखा l पर रखिए।
- समकोणक की दूसरी भुजा से मापक को कसकर सटाइए ताकि मापक हिल न सके — अब यह एक पटरी है।
- समकोणक को मापक के सहारे तब तक खिसकाइए जब तक l पर रखी भुजा बिंदु A तक न पहुँच जाए।
- उसी भुजा के सहारे A से होकर रेखा खींचिए।
- यह नई रेखा A से होकर जाती है और l के समांतर है।
समकोणक केवल खिसकता है, घूमता नहीं
अतः खींचने वाली भुजा l की दिशा बनाए रखती है
⟹ नई रेखा ∥ l, और वह A से होकर जाती है
अतः खींचने वाली भुजा l की दिशा बनाए रखती है
⟹ नई रेखा ∥ l, और वह A से होकर जाती है
चाँदे वाली दूसरी विधि: A से होकर कोई रेखा खींचिए जो l को किसी बिंदु P पर काटे। P पर l के साथ बना कोण मापिए। वही कोण A पर संगत स्थिति में बनाकर दूसरी भुजा खींच दीजिए। संगत कोण समान होने से नई रेखा l के समांतर होगी।
कागज मोड़ने वाली विधि: A से होकर l पर लम्ब मोड़ t बनाइए; फिर A से होकर t पर लम्ब मोड़ m बनाइए। तब m ∥ l।
ऐसा क्यों होता है: तीनों विधियाँ अलग-अलग रूपों में एक ही काम करती हैं — वे नई रेखा को किसी तिर्यक रेखा के साथ वही कोण बनाने पर विवश करती हैं जो l बनाती है। संगत कोणों की समानता समांतरता की गारंटी देती है।
क्या आप जानते हैं? किसी रेखा से बाहर के बिंदु से होकर उसके समांतर ठीक एक ही रेखा जाती है। अतः कोई भी विधि अपनाइए, पूरी कक्षा को वही रेखा मिलेगी।